राव वीरेंद्र से देवीलाल,बंसीलाल से चरण सिंह, भजनलाल से किरण चौधरी तक…किसी ने जनसंघ संग सरकार बनाई, किसी ने BJP संग सत्ता चलाई, कई सीधे BJP में शामिल हुए। दुष्यंत, जयंत, राव इंद्रजीत सब साझीदार रहे. मगर “सांठ-गांठ” का आरोप सिर्फ चौधरी भूपेंद्र हुड्डा पर! वाह रे राजनीतिक मदारियों!
आज हांसी में - मेरी सुरक्षा में तैनात कमांडो ब्रिजेन्द्र सिंह के बड़े भाई श्री छत्तर सिंह जी और जिला पार्षद सुखबीर संधू की धर्मपत्नी श्रीमती बीमल संधू जी के निधन पर पहुंच कर शोक संवेदनाएँ व्यक्त कीं और दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की।
दुःख की इस घड़ी में शोक संतप्त परिवारों से मिलकर उन्हें ढांढ़स बंधाया।
हरियाणा कांग्रेस में वार-पलटवार तेज, सांसद सतपाल ब्रह्मचारी का कुलदीप शर्मा पर तीखा हमला।
हरियाणा कांग्रेस में बयानबाजी का दौर जारी है। अब सोनीपत से कांग्रेस सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य कुलदीप शर्मा पर तीखा पलटवार किया है। ब्रह्मचारी ने कहा कि कुलदीप शर्मा कांग्रेस की नहीं, बल्कि भाजपा की भाषा बोल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कुलदीप शर्मा कभी भूपेंद्र हुड्डा को अपना भगवान बताते थे और उनके नाम की माला जपते थे। भूपेंद्र हुड्डा ने उन पर इतने अहसान किए हैं कि कई जन्म लेकर भी उनका बदला नहीं चुकाया जा सकता। आज स्वार्थ पूरे नहीं होने पर उन्हीं के खिलाफ बोलना और दीपेंद्र हुड्डा की शिकायत करना निंदनीय है।
ब्रह्मचारी ने तंज कसा कि दूसरों का पंचांग देखने वाले कुलदीप शर्मा अपना पंचांग ही नहीं देख पाए। उन्हें पंचांग की एबीसीडी भी नहीं आती, वरना पहले अपना पंचांग देखते।
उन्होंने 2024 लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि गन्नौर में कुलदीप शर्मा के रिश्तेदार भाजपा के लिए वोट मांग रहे थे। इससे साफ है कि कुलदीप शर्मा किसके साथ खड़े हैं और किसकी भाषा बोल रहे हैं। ब्रह्मचारी ने कहा कि आरोप लगाने से पहले कुलदीप शर्मा को अपने राजनीतिक आचरण और भूमिका पर भी विचार करना चाहिए।
दीपेन्द्र जी के परिवार का सिख समाज से 110 साल पुराना रिश्ता है। किसान आंदोलन हो या कोई और मुद्दा, @DeependerSHooda जी हमेशा सिख समाज के साथ मजबूती से खड़े रहे हैं।
सिख समाज ने देश के लिए जो कुर्बानियां दी हैं, हम उनका सम्मान करते हैं और उन्हें दिल से सलाम करते हैं।
दीपेंद्र सिंह हुड्डा जी ने किसान आंदोलन में शहीद हुए 750 किसानों, जिनमें बड़ी संख्या सिख किसानों की थी, के परिजनों को सरकारी नौकरी और शहीद किसान-मजदूरों की याद में हरियाणा में राष्ट्रीय किसान आंदोलन स्मारक बनाने की मांग उठाई थी।
कुछ लोगों द्वारा भाईचारा तोड़ने की कोशिश में उनके मुंह में ऐसे शब्द डालकर, जो उन्होंने कहे ही नहीं, उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
समाज को बांटने वालों ध्यान से सुन लो, ऐसी हरकतों से न सिख समाज के साथ हमारा भाईचारा टूटेगा, न हरियाणा-पंजाब की एकता।
दीपेंद्र हुड्डा जी ने हमेशा भाईचारे और एकता की बात की है। कुछ लोगों द्वारा उनके बयान को गलत तरीके से पेश करके हरियाणा-पंजाब के भाईचारे और सिख-पंजाबी समाज के साथ हमारे सदियों पुराने रिश्ते को नहीं तोड़ा जा सकता। नफरत की राजनीति पर भाईचारा हमेशा भारी पड़ेगा।
@DeependerSHooda
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपने हालिया बयान को लेकर उठे विवाद पर सफाई देते हुए कहा है कि पिछले दो दिनों से उनके बयान को घुमा-फिराकर पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनके बयान में अंग्रेजी का एक ऐसा शब्द भी जोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा है, जिसका उन्होंने इस्तेमाल ही नहीं किया था और न ही उनके बयान का ऐसा कोई अर्थ था। दीपेंद्र हुड्डा ने स्पष्ट किया कि उनकी मंशा किसी भी समुदाय या व्यक्ति की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की नहीं थी। उन्होंने कहा कि यदि उनके बयान से किसी भाई की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह खेद प्रकट करते हैं। उनका उद्देश्य किसी का दिल दुखाना नहीं था।
@DeependerSHooda #Congress #Sikhcommunity #SajjanKumar
कल गुड़गांव में जैसे ही हमने चेतावनी दी कि अगर तानाशाही और पुलिस बर्बरता बंद नहीं हुई, तो DCP दफ्तर पर सीधा मोर्चा खोला जाएगा। हमारे न्यायसंगत रुख के आगे आखिर प्रशासन को झुकना पड़ा और सभी साथियों को रिहा करना पड़ा।
अन्याय के खिलाफ जब आवाज बुलंद होती है, तो तानाशाही को झुकना ही पड़ता है। जंतर-मंतर पर युवाओं के साथ हुई पुलिस बर्बरता का जो हिसाब केंद्रीय गृह मंत्री से मांगा जा रहा है, उसी तरह गुरुग्राम का भी पूरा हिसाब लिया जाएगा।
@SanjaySDutt@BhupinderShooda@raonarenderinc@VardhanYaadav@pk4gurugram
मैने कभी इस शब्द (रोल मॉडल) का प्रयोग किया ही नहीं और न ऐसी मेरी भावना थी और न ही हो सकती है। ये शब्द जानबूझ कर मेरे मुंह में डाला जा रहा है..
सिख समाज के साथ हमारा सदियों का भाईचारा है, मैने और मेरे परिवार ने हमेशा उनका साथ दिया है..
हमने हमेशा कहा है कि..84 के दंगों में बहुत बड़ा अन्याय हुआ, इसके दोषी को कड़ी से कड़ी सजा होनी चाहिए..यही शुरू से आजतक हमारा स्टैंड है..
@DeependerSHooda
गुरुग्राम: सज्जन कुमार को ‘रोल मॉडल’ बताए जाने के विवाद पर दीपेंद्र हुड्डा ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने ‘रोल मॉडल’ शब्द का प्रयोग नहीं किया और न ही ऐसी उनकी कोई भावना थी। हुड्डा बोले—कुछ लोग भाईचारा तोड़ने के लिए उनके मुंह में ये शब्द डाल रहे हैं। वे हमेशा सिख समाज के साथ
पिछले दो दिन से मैं देख रहा हूँ कि मेरे बयान को घुमा-फिराकर लोगों के सामने पेश किया जा रहा है। और मेरे बयान में एक ऐसा भी अंग्रेजी का शब्द डाला जा रहा है, जो मैंने बोला ही नहीं, न ही मेरा दूर-दूर तक ऐसा कोई मतलब था।
मेरी कोई भी मंशा किसी हमारे भाई को ठेस पहुँचाने की नहीं थी। सिख समाज के हमारे भाईयों को तो ठेस पहुँचाने की मैं सोच भी नहीं सकता। ना मेरी कभी कोई भावना ऐसी थी।
लेकिन फिर भी सिख समाज हमारा अपना परिवार है। अगर किसी भाई की भावनाओं को ठेस लगी है तो मैं आपका भाई हूँ, मैं खेद प्रकट करता हूँ। मेरी मंशा, मेरा मकसद किसी का दिल दुखी करना नहीं था।
सिख समाज हमारे देश का गौरवशाली समाज है और मुझे गर्व है ऐसे समाज पर, जिन्होंने हम सबके लिए जो कुर्बानियां दीं, उसको हम कभी भूल नहीं सकते। आज भी देश की सीमाओं की रक्षा हो, चाहे देश की आजादी की लड़ाई हो, सिख कौम ने देश के लिए जो कुर्बानियां दी हैं, उस पर हमें गौरव है और हमारा सिख समाज के साथ एक परिवार जैसा रिश्ता है। कभी भी ज़रूरत हुई तो छोटे-बड़े भाईयों की तरह आपस में हम हमेशा साथ खड़े रहे, ऐसा हमारा रिश्ता है।
जब 1908 में पंजाब में 'पगड़ी संभाल जट्टा' आंदोलन था, तो शहीद-ए-आज़म भगत सिंह जी के चाचा सरदार अजीत सिंह जी के साथ मेरे खुद के परदादा चौधरी मातूराम जी को काले पानी की सजा हुई थी और तब से लेकर जब किसान आंदोलन हुआ, जब पंजाब से हमारे किसान भाई आए, तो सबसे पहले उनके साथ मैं स्वयं पहुँचा। हमेशा हर संघर्ष में हम साथ रहे हैं।
और 84 में जो हुआ, सिख समाज के न्याय की उस लड़ाई में भी हम उनके साथ हैं। उनको न्याय मिलना चाहिए, कोई दोषी नहीं बचना चाहिए।
वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह।