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कोर्ट रिसीवर ऑफिस में आम्रपाली घर खरीदारों का पज़ेशन से लेकर रजिस्ट्री तक की प्रक्रिया को समझें:
1) सबसे पहले आपको अपने कार्यालय या अपने काम- काज से 2 से 3 महीने की छुट्टी लेनी होगी।
2) उसके बाद अपने फ्लैट से संबंधित सारे काग़ज़ात को इकट्ठा करें।
3) अगर इसमें कुछ भी खो गया है तो पुलिस में शिकायत दर्ज करें।
4) सभी डॉक्यूमेंट को स्कैन कर रिसीवर ऑफ़िस को मेल करें, अगर कोई भी डॉक्यूमेंट रह गया तो उस डॉक्यूमेंट के साथ, दुबारा सभी डॉक्यूमेंट के साथ मेल करें।
5) सबकुछ सही रहने पर आपको ऑनलाइन प्रोविजनल NOC मिल जाएगा। लेकिन बात यहाँ ख़त्म नहीं हुई, अब इसके बाद ही असली परेशानी की शुरुआत होती है। ऑनलाइन वेरिफिकेशन के कुछ महीने बाद, दुबारा से फिजिकल वेरिफिकेशन होगी, उसके लिए आगे की प्रक्रिया को समझें।
6) फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए आपको बीबीए/अलॉटमेंट लेटर/पेमेंट रिसिप्ट/बैंक स्टेटमेंट का प्रिंट लेना होगा। अगर आपका पेमेंट बैंक से 10-15 साल पहले गया है, तो बैंक को एप्लीकेशन दीजिए और अगर अकाउंट बंद है या फिर किसी कारण स्टेटमेंट नहीं मिल पा रहा है तो ये आपकी गलती बताई जाएगी और आपको पुनः पेमेंट करने के लिए बोला जाएगा। ये अलग बात है कि आपकी पूरी payment डिटेल उनके पास है क्यूंकि उनके पास फोरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट है, वो उससे भी वेरीफाई कर सकते है, लेकिन वो ऐसा करेंगे नहीं! क्यूंकि वहाँ मौजूद शख्स को आपको परेशान देखने में बहुत मजा आता है।
7) डॉक्यूमेंट पूरे करने के बाद, आप सुबह 10 बजे सेक्टर 62 ऑफिस पहुंचे, साथ में लंच बॉक्स, इवनिंग स्नैक्स और BP/Sugar/Headache की दवाई जरूर रख लें।
8) ऑफिस के गार्ड से लेकर वहाँ बैठे सभी स्टाफ के सामने, आँखें नीचे रख कर बात करें नहीं तो आपको सुप्रीम कोर्ट में देख लेने या फ्लैट कैंसिल कर देने की धमकी मिलेगी।
9) सुबह 11:30-12:30 बजे इनके वेरिफिकेशन वाले स्टाफ से मुलाकात होगी। आपका नंबर आने पर आप अपना सारा डॉक्यूमेंट उनके सामने रखें। उनके द्वारा जो भी बोला जाएगा उसे सिर्फ सुनें और बिल्कुल सवाल ना करें।
10) ऑनलाइन NOC और पूरी तैयारी होने के बाद भी आपको कम से कम 10 बार बुलाया जाएगा और याद रखें इस दौरान अपने BP को नियंत्रित रखें क्यूंकि वहाँ सिर्फ आपको सुनने का अधिकार है, बोलने का नहीं।
11) आख़िरी में जब वेरिफिकेशन क्लीयर्ड होगा तो NOC और पज़ेशन के लिए 1 महीने से लेकर 6 महीने तक इंतज़ार करें। इसके लिए आपको लगातार 10-12 बार ऑफिस जा कर फॉलो-अप लेना होगा।
ये तो हो गया वेरिफिकेशन, का अब समझिए रजिस्ट्री की प्रक्रिया:
12) रजिस्ट्री के लिए दुबारा से ऊपर बताए गए तरीके से अपना डॉक्यूमेंट तैयार करें।
13) उसे AOA को सौंपें, AOA उसे वेरीफाई करने के बाद सेक्टर-62 ऑफिस में बैठे एक अति-विशिष्ठ व्यक्ति को सोपेगा, जिसे लोगों को परेशान देख कर बहुत ही आनंद आता है। उस ऑफिस में इस व्यक्ति की ये ताक़त है की, वो किसी को भी कुछ नहीं समझता, चाहे वो CR हो या सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त फोरेंसिक ऑडिटर ही क्यों ना हो!
14) उस व्यक्ति के मूड पर डिपेंड करता है की वो आपका नाम रजिस्ट्री के लिए लिस्ट में डलेगा या नहीं।
15) अगर उसका मूड बढ़िया है और आपने उसकी बात नहीं टाला और कोई जवाब नहीं दिया, उसने जो बोला आपने किया। साथ ही उसे कुछ देर के लिए भगवान माना और बताया की आप भगवान है, आप नहीं रहते तो घर नहीं मिलता। ये सब सुनने के बाद, आपकी किस्मत अच्छी होगी तो 2-3 महीने में आपका नाम रजिस्ट्री के लिए आ जाएगा।
हाँ ये जरूर याद रखें, उस महान हस्ती से बातचीत के दौरान यदि आपका कोई कॉल आ गया या आपको वॉशरूम जाना हो या थोड़ा इंतजार के बाद दोबारा बुलाया गया हो तो आपको जानकर हैरानी होगी कि आपको फिर पूछा जाएगा कि: तुम कौन हो, इधर कैसे आ गया, क्या काम है और वापस से आपको सारा प्रोसेस जो कि आपने शुरू से उनके सामने रखा था, उसका गुणगान, सब कुछ दुबारा करना पड़ेगा।
यह हालत, उस व्यक्ति के कारण सेक्टर 62 ऑफिस की हो गई है। उस व्यक्ति की शिकायत सैकड़ो बार कोर्ट रिसीवर के सामने की गई है, परंतु पता नहीं ऐसी कौन सी बातें हैं जो कोर्ट रिसीवर को उस पर कार्रवाई करने से रोकता है।
आम्रपाली परियोजनाओं का निर्माण सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो रहा। निगरानी के लिए कोर्ट रिसीवर की टीम है, परंतु यह टीम किसी बिगड़ैल बिल्डर से कम बर्ताव नही कर रहा। @OfficialNBCC
1. Delay penalty नही दे रहा लेकिन buyers की पेमेंट late होने पर भारी भरकम interest वसूल रहा।
2. कई खरीदारों के फ्लैट टीम द्वारा किसी ओर को बेच दिया जा रहा।
3. सुप्रीम कोर्ट के नाम पर धौंस दिखाना और मनमानी करना, क्योंकि इनकी शिकायत कहीं कर नही सकते।
4. साइटों पर निर्माण कार्य में मानकों और गुणवत्ता का पालन नहीं हो रहा।
वैसे तो सांसद जी का आम्रपाली ग्रुप की अटकी हुई परियोजना को पूरा करवाने में रत्ती भर का भी योगदान नहीं था. फिर भी सोसाइटी के बनते ही आज चुनावी सभा करने पहुंच गए क्यूंकि 2024 में यदि टिकट मिला तो वोट तो चाहिए होगा.
शुक्रिया सुप्रीम कोर्ट🙏
@narendramodi@AmitShah@BJP4India
" तारीख पे तारीख,तारीख पे तारीख"
#AmrapaliHomeBuyers की सुप्रीम कोर्ट में अंतिम सुनवाई 26 अप्रैल 2023 को हुई थी उसके बाद आज तक नई बेंच नहीं बनने के कारण सुनवाई टलती जा रही है।
24 अप्रैल से लगभग डेढ़ साल पहले तक सिर्फ FAR के मुद्दे को सुना गया . @rashtrapatibhvn@ANI@Mihirlawyer
सालों से आशियाने का इंतजार कर रहे #AmrapaliBuyers की आपत्ति को स्वीकार कर बिना लेआउट में बदलाव किए FAR को इस्तेमाल करने के माननीय सुप्रीम कोर्ट के टिप्पणी का स्वागत करते हैं.प्रोजेक्ट को पूरा करने में जो फंड की कमी आ रही है वह अतिरिक्त FAR से पूरी की जा सकेगी. @OfficialNBCC
घर खरीददारों के हक की आवाज उठाने वाले नेफोवा के @dipankar_18 को अपनी सोसाइटी में इंटरनेट सेवा एवं बेसिक सुविधाओं की मांग उठाने पर @PanchsheelBuild द्वारा नोटिस भेज कर डराने की कोशिश की गई.किसकी शह पर ये बिल्डर इतनी मनमानी करता है! वैसे हमारे सदस्य ऐसे नोटिस से रत्ती भर नहीं डरते.
आम्रपाली ग्रुप के पूर्व सीएमडी अनिल शर्मा सहित 6 अन्य लोगों के ऊपर पटना हाईकोर्ट की अनुशंसा पे एक मर्डर मामले में सीबीआई ने केस दर्ज किया है.सभी #AmrapaliHomeBuyers की केंद्र सरकार से यही गुजारिश है कि मामले को बिना लटकाये निष्पक्ष एवं फास्ट ट्रैक जांच करवाई जाए. @PMOIndia
एक बार फिर एक मूर्ति चौक पर जुटे आक्रोशित घर खरीददार।
प्राधिकरण, प्रशासन के कुंभकर्णी नींद तोड़ने के लिए भरी हुंकार।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए आदेश के बाद भी रुकी रजिस्ट्री पर प्रशासन की रहस्यमयी चुप्पी के खिलाफ जमकर हुई नारेबाजी।
#KabHogiRegistry#KabMilegaApnaGhar
घर खरीदारों को ठगने के साथ-साथ यह मेडिकल रिपोर्ट में भी जालसाजी किया है,इसकी तत्काल जांच होनी चाहिए.क्योंकि यह निर्लज्ज इतना खतरनाक आदमी है जो बाहर रहकर आम्रपाली के प्रोजेक्ट में चल रहे काम को भी प्रभावित करवा सकता है. @IndrishGupta@barandbench@amitguptaHR
जिस व्यक्ति को ग्लुकोमा एवं मेडिकल कॉम्प्लिकेशन के कारण सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत दी गई वह पार्टी करता फिरे?सूचना के अनुसार कुछ दिन पहले लेजर वेली विला में ये मक्कार अपने चहेते के गृह प्रवेश में शामिल होने आया था.इसकी जमानत तत्काल खारिज होनी चाहिए. @Mihirlawyer@OfficialNBCC
दिल्ली हाई कोर्ट के जज साहब का बहुत-बहुत आभार कि उन्होंने आम्रपाली के पूर्व प्रमोटर अनिल शर्मा की नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया.क्योंकि ये धूर्त आम्रपाली के काम चल रहे प्रोजेक्ट पर अडंगा लगाने में कुछ ना कुछ तिकरम लगाएंगे ही. @dir_ed@EOWDelhi@PMOIndia@Mihirlawyer
कंस्ट्रक्शन में लगने वाले बाकी पैसे का इंतजाम हो गया क्या?क्योंकि 9000 करोड़ में से सिर्फ एक तिहाई हिस्सा घर खरीदारों को देना है. पर आप लोग फंड के लिए सबसे आसान टार्गेट आम्रपाली बायर्स को ही क्यों बना रखे हैं? #Amrapali के प्रोमोटर की प्रॉपर्टी को नीलाम क्यों नहीं करवा रहे हैं?
आपसे निवेदन है कि कृपया फंड जेनरेट करने पर ध्यान दें.शुरुआत में आप बड़ी-बड़ी बातें करके यही कहा करते थे की @OfficialNBCC के कॉस्ट ऑफ कंस्ट्रक्शन से होम बायर्स को कोई मतलब नहीं होना चाहिए क्योंकि हम लोग उसको पूरा करेंगे,किसी के ऊपर भी एक्स्ट्रा कोई चार्ज नहीं लगेगा.