खरी-खरी सुनाते है एसीएस
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प्रदेश के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी संजय दुबे की खरी-खरी बात सुनाने वाला ये वीडियो सोशल मीडिया पर छाया हुआ है.
श्री दुबे जबलपुर में कलेक्टर और फिर डिविजनल कमिश्नर भी रहे और बेहतरीन काम करने वाले सुलझे हुए प्रशासनिक अफसर के रूप में पहचाने जाते हैं. ये वीडियो उनकी शानदार कार्यप्रणाली का ही एक ज्वलंत उदाहरण है.
हर गड़बड़ करने वाले अधिकारी को ये एक सीख भी है कि उसके ऊपर नजर होती है. आज पकड़े जाये या कल, पकड़े जरूर जाना है.
#SanjayDubeyIAS
#SanjayDubeyACS
@DrMohanYadav51@CMMadhyaPradesh@HMOIndia@PMOIndia
मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य सरकार पर सरकारी विमान की खरीद को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश करीब 6 लाख करोड़ रुपए के कर्ज में डूबा है, लेकिन मुख्यमंत्री अपने शौक पूरे करने के लिए 350 करोड़ रुपए के विमान पर खर्च कर रहे हैं। आगे कहा कि इतिहास इस फैसले पर शर्म करेगा।
#JituPatwari #MPPolitics #CMMohanYadav #MPCongress #MPNews @jitupatwari
भाजपा राज में लूट मची है, और अधिकारी खुलेआम करोड़ों की लूट का हिसाब भी गिना रहे हैं!
⦿ मोहन सरकार में भ्रष्टाचार किस कदर बेलगाम हो चुका है, यह वीडियो उसका आईना है।
⦿ जनता के टैक्स की कमाई खरीदी के नाम पर लुटाई जा रही है, सरकारी खजाने पर खुलेआम डाका डाला जा रहा है और सरकार तमाशबीन बनी बैठी है!
⦿ बेशर्म और बेपटरी मोहन सरकार कार्रवाई भी इसलिए नहीं कर सकती, क्योंकि प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में सप्लाई करने वाले लोग भाजपा से जुड़े हैं और प्रशासनिक तंत्र के तार भी सत्ता के शीर्ष तक जुड़े हुए हैं।
⦿ एक तरफ़ जीरो टॉलरेंस के भाषण, दूसरी तरफ़ भ्रष्टाचार पर खामोशी! यह दोहरा चरित्र अब नहीं चलेगा।
मध्यप्रदेश नगरीय निकायों की GeM खरीद में गड़बड़ी,
प्रमुख सचिव संजय दुबे ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी "यह मत समझो कि क्या खरीदा जा रहा है और किस दर पर, इसकी जानकारी किसी को नहीं है। विभाग के पास पूरा ब्योरा है। अब ऐसी गलतियां बर्दाश्त नहीं होंगी, इस साल कार्रवाई होगी।
अंशुमान राज के प्रेजेंटेशन में 3 साल में ₹1,134 करोड़ की खरीद में करीब ₹250 करोड़ की संभावित बचत, कचरा गाड़ी 2 लाख से 6 लाख तक और 200 LED बल्ब ₹60 लाख में खरीदे जाने जैसे मामले उजागर
!
मध्यप्रदेश के ईमानदार पत्रकार इसपर एक सवाल नहीं करेंगे 🤔
मध्यप्रदेश उद्योग, आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
भोपाल अब विकास, नवाचार और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करते हुए बड़े महानगरों को भी पीछे छोड़ने की क्षमता रखता है। भोपाल में बड़े स्तर पर ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन होने जा रहा है : CM
@DrMohanYadav51 #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #Vijayadashami
मोदी सरकार का रिकॉर्ड है कि जो कहा है, उसे करके दिखाया है।
* जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हट गई
* नक्सलवाद को हमने समाप्त कर दिया
* आतंकवाद समाप्ति के कगार पर है
अब हम पंजाब से नशे के कारोबार को समाप्त करके ही रहेंगे।
- केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री @AmitShah जी
#NashaMuktPunjab
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री @AmitShah जी ने आज पंजाब के संगरूर में चिट्टा कारोबारियों के खिलाफ आवाज उठाने पर अपनी जान गंवाने वाले श्री गुलजार सिंह जी के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने शोक व्यक्त करते हुए परिजनों को सांत्वना दी और विश्वास दिलाया कि भाजपा, पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
#NashaMuktPunjab
हमारी सरकार द्वारा आगामी वर्ष ‘युवा वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा। युवाओं को अवसर देने के लिए जनवरी-फरवरी में एमपीपीएससी की विशेष परीक्षा कराने की योजना है। प्रत्येक जिले में पुलिस बैंड के लिए लगभग 750 पदों पर भर्ती की जा रही है। जनसेवा में समर्पित पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों का त्याग सराहनीय है।
- मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51 जी
आगामी वर्ष को मध्यप्रदेश में ‘युवा वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा। युवाओं को अधिक अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की विशेष परीक्षा जनवरी-फरवरी में आयोजित कराने की भी योजना है।
मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51@CMMadhyaPradesh@JansamparkMP
सीएम डॉक्टर मोहन यादव की बड़ी घोषणा जनवरी-फरवरी में स्पेशल पीएससी।
लेकिन सवाल यही ओबीसी आरक्षण विबाद के बीच में कैसे निकलेगा विज्ञापन
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जब OBC वर्ग एक साथ आवाज उठाएगा तभी हमें 27% आरक्षण मिल पायेगा वरना यह लोग हमारे आपसी मतभेद के कारण मलाई खाते रहेंगे, और हम अपना अपना करतें करतें सब कुछ खो देंगे,
एकता में ही ताकत ✊
उत्तराखंड में निवेश के नाम पर धामी सरकार का फ़र्ज़ीवाड़ा - और यह BJP ‘डबल इंजन' मॉडल का एक और नमूना है।
Global Investors Summit का ढिंढोरा पीटा गया: 1,779 MoU, ₹3.56 लाख करोड़। रोडशो पर जनता के लगभग ₹100 करोड़ ख़र्च हुए | फिर सरकार ने ₹1 लाख करोड़ को "ज़मीन पर उतरा निवेश" बताया।
Newslaundry ने जाँचा कि यह निवेश किसका है:
* आटा चक्कियाँ, खाद-बीज की दुकानें और छोटे क्लीनिक "निवेशक" गिन लिए गए। कुछ को पता तक नहीं था।
* ₹35,279 करोड़ - यानी 35% - सरकारी बिजली कंपनियों के हैं।
* CSR और दान से चलने वाले एक स्कूल को ₹24.49 करोड़ का "निवेशक" बताया गया।
* ₹1,200 करोड़ के "निवेशक" की कमाई चार साल से शून्य है, और रिकॉर्ड में उसका एक भी कर्मचारी नहीं।
* दुबई-लंदन के रोडशो से ₹27,975 करोड़ का दावा हुआ, पर "ज़मीन पर उतरे" निवेशकों की सूची में इन दोनों शहरों की एक भी कंपनी नहीं।
और समिट से सिर्फ़ सात दिन पहले, 1 दिसंबर 2023 को, "निवेश" की परिभाषा ही ढीली कर दी गई। इसे कहते हैं: पहले नियम बदलो, फिर आँकड़े बताओ।
मुख्यमंत्री 3,300 "निवेशकों" की पूरी सूची सार्वजनिक करें।
निवेश कागज़ पर। रोज़गार नारों में। और उत्तराखंड के युवाओं के हिस्से - पेपर लीक।
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