सवर्ण बच्चे अब मोदी के लिए आतंकवादी हो गए है
दिल्ली पुलिस कांस्टेबल के पास मिली कील लगी लाठी...
और ये लाठी बच्चों के लिए थी जो प्रोटेस्ट कर रहे थे...
क्या ये बच्चे आतंकवादी है जो इनको जान से मा... के लिए कील लगी लाठी लेकर आई दिल्ली पुलिस।
मुंबई के मझगांव इलाके में, जब गणपति की मूर्ति लाई जा रही थी, तो एक इमारत से अंडे फेंके गए।
इमारत का नाम कॉन्टिनेंटल हाइट्स है और वहां ज़्यादातर मुस्लिम रहते हैं।
पंडाल इमारत से सिर्फ़ 30 मीटर की दूरी पर है।
अब उन्हें मुंबई में भी गणपति से दिक्कत है।
हबीब होटल में दो नाबालिग हिंदू बेटियाँ पाँच लव जिहादियों के साथ पकड़ी गईं।
परिवार से कहा था – “कोचिंग जा रही हैं”… लेकिन कमरे में बीयर की बोतलें, सिगरेट और लड़कियों के कपड़े मिले।
होटल मालिक और स्टाफ भाग खड़े हुए।
जागो हिंदुओ बहुत देर हो चुकी है।
झारखंड के जामताड़ा में मजहबी भीड़ हिंदुओं के सामने हर दिन हिंदू देवी देवताओं को गालियां देती थी |
इस कांड का विरोध जब आदिवासी हिंदुओं महिला भूदेव महतो ने किया हो इस्लामिक भीड़ उनके मकान कर टूट पड़ी |
एक बुजुर्ग हिंदू महिला को बर्बरता से मारा गया | घर में जो थोड़ा बहुत कैश था लूट लिया गया और घर की ऐसी हालत बना दी कि रहना तो दूर उसमें बैठ तक ना सकें | 😡😡
हिंदुओं झारखंड में आज बेशक हमारे विचारों की सरकार ना हो पर इस कांड को ठीक वैसे ही उठाना है जैसे हम लोगों ने बंगाल के संदेश खाली के मामले को उठाया था |
हिंदू महिला का घर तो उजड़ गया पर वहां की सरकार और इन जिहादियों को संदेश जरूर दे देना |
कि समय परिवर्तन है | मुख्तार और अतीक अहमद जैसे मिट्टी में मिल गए तो तुम कब तक बचोगे |
जब हमारी नही सुनी जाएगी ,तो हमे सुनना आता है,💪जब सो गई है मोदी सरकार,तो हमे जगाना आता है💪,जब गूंगा हो गया पूरा संसद,तो हमे बुलवाने आता है💪💪✍️🙏,जय जय श्री राम🙏
सवर्ण समाज से मेरा आग्रह है—मोदी जी अपनी तानाशाही की वजह से दिल्ली में आंदोलन तो नहीं करने देंगे, लेकिन आप सब अपने-अपने जिला, क्षेत्र और तहसील स्तर पर तो आंदोलन कर सकते हैं। इसलिए आंदोलन प्रारंभ कर दीजिए।
अब वक्त है इस आंदोलन को गांव-गांव तक ले जाने का।
ऐसे गरीब दलित को हक दिलाने के लिए आंदोलन कर रहा है सवर्ण समाज
देखिए अब लठैत चंद्रशेखर आजाद के कार्यकर्ता भाई, कैसे एक गरीब दलित लङ़की का बलात्कार करके उसकी हत्या कर दी जाती है
लेकिन प्रशासन ने इन गुङ़ो के संगठन के लोगो पर कोई कार्यवाई नही की है अब तक
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत के पूरनपुर में जैसी ही स्कूल की छुट्टी होती वैसे ही |
रेहान फरदीन शैय्यार कामरान और फैज़ान स्कूल के गेट पर पहुंच कर हिंदू लड़कियों को टार्गेट बनाते थे | 😡😡
पूरा प्रयास यही रहता था कि कितनी ज्यादा से ज्यादा हिंदू बच्चियों फंस जाए उठा मजहब के लिए बेहतर है |
पर जैसे ही हिंदू संगठनों को इसकी जानकारी हुई वैसे ही हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने मजहबियों के पकड़ कर पलस्तर उड़ा दिए | 😡😡
पोस्ट देख रहे हिंदुओं ज्यादा कुछ नहीं सकते तो इन हिंदूवादी कार्यकर्ताओं के सम्मान में इस वीडियो को इतना सर्कुलेट कर देना कि देश का हिंदू इनके समर्थन में खड़ा दिखाई दे |
जंतर मंतर पर आज इस जनसैलाब ने सत्ता में इतना तो डर बना ही दिया।
कि तमाम प्रदेशों में सवर्ण आवाज़ों को HOUSE ARREST करने लगे। कल सैलाव नहीं सुनामी आएगी।
जब तक जातिगत आरक्षण, SCST एक्ट और UGC रेगुलेशन नहीं हटाया जाता। तब तक हमे रोकना मुश्किल है
ये पुलिस वाला किस अंदाज़ में लाठियाँ मार रहा है जरा देखिए और विचार कीजिए ।
केंद्र सरकार ने जान बुझकर ऐसे पुलिस वालों को लगाया है जो एससी एसटी हैं और हमको अपना दुश्मन समझ रहे हैं ।
मैं सरकार को बताना चाहता हूँ की आप लाठी-गोली से नहीं जीत पाओगे आप सीधे हमारा नरसंहार करो ताकि ना हम रहेंगे ना आप से अपने हक अधिकार के लिए लड़ेंगे।
लखनऊ में आरक्षण के खिलाफ निकली रैली में सवर्ण नेताओं की अर्थी निकालकर जनता ने अपना विरोध दर्ज कराया। 🔥
आरक्षण के विरोध की आवाज़ अब देश के अलग-अलग हिस्सों में बुलंद हो रही है। मध्यप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली के बाद अब लखनऊ में भी विरोध सड़कों पर दिखाई दे रहा है।
सवर्ण समाज अब घरों से निकलकर अपने अधिकारों और सम्मान की आवाज़ उठा रहा है। यह जनआंदोलन आने वाले समय में और व्यापक होगा।
हम किसी के अधिकार छीनने की बात नहीं करते, लेकिन अपने अधिकारों के साथ समझौता भी स्वीकार नहीं करेंगे। देश सबका है, विकास सबका होना चाहिए और न्याय भी सबके लिए समान होना चाहिए।
यह शुरुआत है—आवाज़ दूर तलक जाएगी 🇮🇳🔥
देखिए , कितनी बेशर्मी और निर्दयता से ये पुलिस वाले आंदोलकारी भाई को मार रहे है। शर्म करलो मोदी और पुलिस।😡
देखलो , तुम्हारे सामने कैसे सीना तानकर खड़ा हो गया ये Zen -Z,
अब तो आरक्षण हटेगा या सरकार हटेगी , ये तय है।
ये याद रखा जायेगा।
दिल्ली में हुआ दो दिन का ये प्रदर्शन सदा-सदा के लिए अमर हो गया। भविष्य में जब भी कभी इस देश में लोकतांत्रिक आंदोलनों की बात होगी तब तब दिल्ली के इस प्रदर्शन की दुहाई दी जाएगी।
क्योंकि:-
- हजारों की भीड़ वाला यह आंदोलन पूरी तरह से लोकतांत्रिक और अहिंसक रहा
- इस आंदोलन में किसी ने पत्थरबाजी नहीं की। किसी ने गाली-गलौज है की
- इस आंदोलन में किसी ने पुलिसकर्मियों से अभद्रता नहीं की
- इस आंदोलन में किसी ने कैमरे नहीं तोड़े। सरकारी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया
- सभी ने दिखा दिया कि शांतिपूर्ण आंदोलन भी करके आप अपनी आवाज सरकार तक पहुँचा सकते हैं।