Chhatrapati Shivaji Maharaj had a persuasive tongue. He addressed his comrades and brought home to then how the foreign Muslim rule inflicted hardships and wrongs upon their homeland and their religion.-Maratha historian G.S. Sardesai. #हिन्दू_साम्राज्य_दिवस
देश की सेवा, एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता के लिए जो कार्य संघ ने किया है, वैसा कार्य किसी अन्य संगठन ने नहीं किया- अरविंद नेताम, सामाजिक कार्यकर्ता व पूर्व केंद्रीय मंत्री
संघ के प्रारम्भिक दिनों में, 1933 के आस पास, यह व्यवस्था बनी कि महिलाओं में व्यक्ति निर्माण और समाज संगठन का काम राष्ट्र सेविका समिति के द्वारा ही होगा। वह व्यवस्था चल रही है। जब राष्ट्र सेविका समिति कहेगी कि संघ भी महिलाओं में यह काम करे, तभी हम उसमें जाएंगे।
दूसरी बात है कि संघ की शाखा का कार्यक्रम पुरुषों के लिए है। उन कार्यक्रमों को देखने के लिए महिलाएं आ सकती हैं और आती भी हैं। पर, संघ का कार्य केवल कार्यकर्ताओं के भरोसे नहीं चलता। हमारी माता-बहनों का हाथ लगता है, तभी संघ चलता है। संघ के स्वयंसेवक के घर में जितनी भी महिलाएं हैं, उतनी महिलाएं संघ में हैं। विभिन्न संगठनों में भी महिलाएं संघ के स्वयंसेवकों के साथ मिलकर काम करती हैं।
https://t.co/HTKEjXNVQS
आज रविवार, 18 मई को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने शिरडी में श्री साईंबाबा के दर्शन किए तथा साईंबाबा समाधि मंदिर में पाद्य-पूजा की।
मंदिर परिसर में मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोरक्ष गाडीलकर ( IAS) भिमराज दराडे ने पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया।
इस अवसर पर उन्होंने द्वारकामाई, समाधि मंदिर व गुरुस्थान के भी दर्शन किए। साईं मंदिर में संस्थान के अधिकारियों ने श्री साईं की मूर्ति, श्री साईं चरित्र, उदी प्रसाद और शॉल, श्रीफल देकर सरसंघचालक जी का सत्कार किया।
राष्ट्रीय स्वयंसवेक संघ द्वारा जारी किया गया वक़्तव्य -
पहलगाम की कायरतापूर्ण आतंकवादी घटना के पश्चात पाक प्रायोजित आतंकवादियों एवं उनके समर्थक पारितंत्र पर की जा रही निर्णायक कार्रवाई “ऑपरेशन सिंदूर” के लिए भारत सरकार के नेतृत्व और सैन्यबलों का हार्दिक अभिनंदन। हिंदू यात्रियों के नृशंस हत्याकांड में आहत परिवारों को एवं समस्त देश को न्याय दिलाने हेतु हो रही इस कार्रवाई ने समूचे देश के स्वाभिमान एवं हिम्मत को बढ़ाया है।
हमारा यह भी मानना है कि पाकिस्तान में आतंकियों, उनका ढॉंचा एवं सहयोगी तंत्र पर की जा रही सैनिक कार्रवाई देश की सुरक्षा के लिए आवश्यक एवं अपरिहार्य कदम है। राष्ट्रीय संकट की इस घड़ी में संपूर्ण देश तन-मन-धन से देश की सरकार एवं सैन्य बलों के साथ खड़ा है।
पाकिस्तानी सेना द्वारा भारत की सीमा पर धार्मिक स्थलों एवं नागरिक बस्ती क्षेत्र पर किए जा रहे हमलों की हम निंदा करते हैं और जो इन हमलों का शिकार हुए, उनके परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करते हैं।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इस चुनौतीपूर्ण अवसर पर समस्त देशवासियों से आह्वान करता है कि शासन एवं प्रशासन द्वारा दी जा रही सभी सूचनाओं का पूर्णतः अनुपालन सुनिश्चित करे। इसके साथ-साथ इस अवसर पर हम सबको अपने नागरिक कर्तव्य का निर्वहन करते हुए यह भी सावधानी रखनी है कि राष्ट्र विरोधी शक्तियों के सामाजिक एकता एवं समरसता को भंग करने के किसी भी षड्यंत्र को सफल न होने दें। समस्त देशवासियों से अनुरोध है कि अपनी देशभक्ति का परिचय देते हुए सेना एवं नागरी प्रशासन के लिए जहाँ भी, जैसी भी आवश्यकता हो, हरसंभव सहयोग के लिए तत्पर रहे और राष्ट्रीय एकता तथा सुरक्षा को बनाए रखने के सभी प्रयासों को बल प्रदान करे।
मोहन भागवत
सरसंघचालक
दत्तात्रेय होसबाले
सरकार्यवाह
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
#आदिगुरु_शंकराचार्य ने अद्वैत वेदांत के सिद्धांतों के माध्यम से धर्म, ज्ञान, और आत्मविश्वास को प्रोत्साहित किया। उन्होंने भारतीय समाज को ध्यान, तत्त्वज्ञान, और आत्मसमर्पण की भावना को स्थापित करने के लिए प्रेरित किया।
सुप्रसिद्ध अंतरिक्ष वैज्ञानिक डॉक्टर कस्तूरीरंगन जी के देहावसान से भारत के राष्ट्र जीवन के एक देदीप्यमान नक्षत्र अस्तंगत हो गया। डॉ. रंगन अब मात्र स्मृतिशेष हैं।
पद्मविभूषण सम्मानित, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान के पूर्व अध्यक्ष डॉ. रंगन वैज्ञानिक क्षेत्र में वैश्विक स्तर के दिग्गज रहे ; साथ ही राज्यसभा, योजना आयोग ऐसे विविध क्षेत्रों में उन्होंने राष्ट्र की सेवा की। उनके अंतरिक्ष क्षेत्र के योगदान के ही समान कार्य वे भारत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति के निर्माण एवं क्रियान्वयन में किया जो एक एतिहासिक उपलब्धि है। वैज्ञानिक, नीति निर्माता, शिक्षाविद्, पर्यावरणविद ऐसे विभिन्न भूमिकाओं को प्रभावी ढंग से निभाने वाले डॉ. कस्तूरी रंगन उदात्त मानवतावादी और संवेदनशील व्यक्ति थे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से हम डा. कस्तूरीरंगन के परिवार एवं प्रियजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। ऐसे महान राष्ट्र भक्त को हम श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दिवंगत पुण्यात्मा को ईश्वर अपने श्री चरणों में स्थान दे यही प्रार्थना करते हैं। ॐ शान्तिः॥
मोहन भागवत
सरसंघचालक
दत्तात्रेय होसबाले
सरकार्यवाह
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
#WATCH | Surat, Gujarat | Shailesh Kalthia, a native of Varachha area of Surat city, was killed in the Pahalgam terror attack on 22nd April.
His son, Naksh Kalthia, says, "We were at the 'mini Switzerland' point in Pahalgam, J&K. We heard gunshots... We hid once we realised that terrorists had entered the area. But, they found us. We saw two terrorists. I heard one of them ordered all the men to separate into Muslims and Hindus, and then shot all the Hindu men. The terrorists asked the men to recite 'Kalma' three times... All those who could not recite it were shot. Once the terrorists left, the locals came and said that all those who had survived should go downhill immediately. The army arrived an hour or so after we climbed down from the point... The terrorists were not letting him (my father) speak at all...They did not say anything (to my mother)...One of the terrorists was fair and had a beard. He had a camera tied to his head...They spared the women and the children..."