मैं हिन्दू नहीं, मैं अंबेडकरवादी हूं , लेकिन कांग्रेस की प्यारी लाडली हूं!
वही कांग्रेस जो दलित पिछड़ा विरोधी रही है जो बाबा साहेब के लिखित संविधान को हमेशा खत्म करने के कोशिश में लगी रही!
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"आधी रोटी खाएँगे,
स्कूल को बचाएँगे!"
ये नारे लगा रहे स्कूली बच्चे ही इस देश का असली स्वर्णिम भविष्य हैं।
जो बच्चे आज अपने स्कूल बचाने के लिए सड़क पर उतर रहे हैं, वही कल इस देश का भविष्य बचाएँगे।
अब चुप रहने का समय बीत चुका है। अपने गाँव, कस्बे और शहर के स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों को बचाने के लिए संगठित होकर आवाज़ उठाइए। शिक्षा पर हर हमला पूरे समाज पर हमला है।
देश भर में शिक्षा बचाओ आंदोलन की नई लहर उठ चुकी है। जो भी शिक्षा, विद्यार्थियों और बेहतर भविष्य के लिए संघर्ष कर रहा है, उसके साथ खड़े होइए। क्योंकि अगर आज स्कूल नहीं बचेंगे, तो कल सपने भी नहीं बचेंगे।
उधर चीन में बच्चे रोजाना नित नवीन अविष्कार कर रहे हैं और हमारे यहां मंत्र रटे जा रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कोई अविष्कार हो जाए। शर्मनाक !🔥🔥🔥
जो ब्राह्मण मंत्रों से समुद्र सुखा देते थे, ग्रहों का दिशा बदल देते हैं, उनको EWS आरक्षण की जरूरत क्यों पड़ रही हैं?
मंत्र उच्चारण करके कंपटीशन फाइट कर लेते। हिपोक्रिसी की भी सीमा होती है।
दिलीप मंडल से लेकर तमाम ब्राह्मणवादी लोग कह रहे हैं कि मंत्र उच्चारण करने से याददाश्त बढ़ती है।
AI के ज़माने में भी मंत्र रटे जा रहे हैं और उम्मीद की जा रही है कि इससे कोई आविष्कार हो जाएगा। जब मोबाइल में कॉन्टैक्ट लिस्ट मौजूद है, तो कोई हजारों नंबर क्यों याद करेगा?
अरे भाई, इन मंत्र उच्चारण करने वाले ब्राह्मणवादियों ने याददाश्त बढ़ाकर कौन-सा इनोवेशन कर दिया है? आरक्षण को गाली देने के अलावा कुछ नहीं।
दुनिया रोज़ नए-नए आविष्कार कर रही है, और यहाँ लोग मंत्र रट रहे हैं। पढ़ाई-लिखाई मत करो, दिन भर मंत्र रटो और फिर आरक्षण को गाली दो। शर्मनाक!
मंडल जी यह कौन-से मंत्र है याददाश्त बढ़ाने के 😂😂
@narendramodi BJP Govt और British Gov में बस इतना फर्क है
उन्होंने गोली मारी थी हमें और #BJP ने लाठी मारी...😢
👉 मैंने सुना था "देवी-देवता" भी निहत्थे पर वार नहीं करते थे... लेकिन "जंतर-मंतर" पर निहत्थे वार हुआ...।।
@BJP4India लेकिन कब करेंगे...?
BJP Govt और British Gov में बस इतना फर्क है
उन्होंने गोली मारी थी हमें और BJP ने लाठी मारी...😢
➡️ देवी-देवता भी निहत्थे वार नहीं करते थे,
लेकिन जंतर मंतर पर निहत्थे वार हुआ।