ज़ुल्म जब भी हद से आगे बढ़ने लगता है,
वहीं से बदलाव का सूरज निकलने लगता है।
आज जंतर-मंतर पर बच्चों और बच्चियों के साथ जिस प्रकार का बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया गया, उसने मन को गहराई तक झकझोर दिया। मैंने जलियांवाला बाग का वह दौर नहीं देखा, लेकिन आज जो दृश्य सामने आए, उन्होंने इतिहास के उस काले अध्याय की याद अवश्य दिला दी।
लोकतंत्र में अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। यदि उस अधिकार का उत्तर बल प्रयोग से दिया जाए, तो यह केवल कुछ लोगों पर नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी आघात है।
इसी पीड़ा और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के संकल्प के साथ, आज से मैं संसद भवन परिसर में परम पूज्य बाबा साहेब की प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठ रहा हूँ। जब तक न्याय सुनिश्चित नहीं होता और इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध उचित कार्रवाई नहीं होती, मेरा यह शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा।
“जल्दी निकल जाओ, वरना कपड़े फाड़कर तुम्हें नंगा भगाएंगे”
एक रोती हुई लड़की ने बताया कैसे कई पुलिसवाले सिविल ड्रेस में थे और मां-बहन की भद्दी गालियां देकर मार रहे थे
‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ वालों की असलियत
ये BJP के गुंडे सादी वर्दी में हैं, छात्रों और पत्रकारों को बुरी तरह पीट रहे हैं।
मोदी जी देश की राजधानी में हो रही घटनाओं पर आपकी ख़ामोशी उसी तरह है कि “रोम जल रहा था नीरो बंसी बजा रहा था”
संसद परिसर में छात्रों की मांगों को लेकर धरने पर बैठे @AzadSamajParty के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद @BhimArmyChief जी को मेरा पूर्ण समर्थन है। सोचिए, यह कैसी तानाशाही है कि एक सांसद को संसद परिसर में शौचालय तक इस्तेमाल नहीं करने दिया जा रहा। सड़क से लेकर संसद तक, प्रधानमंत्री का अहंकार देश की जनता और सांसद मिलकर तोड़ेंगे।
‘YouTuber पकड़ना है, न्यूज वाले को पकड़ना है’
‘4PM, संजय शर्मा का बंद करना है'
'मुकेश मोहन पर मुकदमा करना है’
संसद में संजय सिंह @SanjayAzadSln किसे क्या कह रहे हैं, ध्यान से सुनिए।
Meet : - Raju Pandit
ब्रह्ममुल्ला जी का कहना है : 👇
ScSt OBc कट्टर हिन्दू सुधर जाओ नहीं तो,
अभी तो हगने के लिए तुम्हारे पास खेत नहीं, आगे भी नही रहेगा शायद,🔥🔥🔥
पूजा - एक इंफ्लूएंसर है सर! उन्होंने नितिन गडकरी को लेकर एक कारवां की रिपोर्ट पर वीडियो बनाया।
संजय सिंह - मैं जानता हूँ। मुकेश मोहन नाम है उनका। मैंने उनसे कॉल पर भी बात की है।
एक बहुजन नेता हैं जिनके मुँह से मुकेश मोहन का नाम तक नहीं निकला। सामने आए भी तो बस खानापूर्ति करने।
आज 2 अप्रैल है, आज ही के दिन 8 वर्ष पहले एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ बहुजन समाज मुठ्ठी बांधकर सड़कों पर उतरा और केंद्र सरकार को कुछ ही घंटों में झुकना पड़ा
आंदोलन का स्तर इतना बड़ा था कि पूरे देश में सरकार ने 20 हजार से अधिक युवाओं को गिरफ्तार किया और आंदोलन पर हुए हमलों में 13 बहादुर योद्धा शहीद हो गये
आज मैं पुनः उस ऐतिहासिक दिन को याद करते हुए उन 13 वीर शहीदों को भी नमन करता हूं 🙏🏼🙏🏼
"Babasaheb is not just a Dalit icon."
"He is the greatest icon of the entire nation."
If people today claim to be honest and loyal, believe me, it is because of Babasaheb and Article 13 of the Constitution of India.
Khan Sir explains the value of Babasaheb.