भाजपा कह रही है कि दलितों को आरएसएस पर सवाल नहीं उठाना चाहिए, क्यों? क्या दलित समाज का हिस्सा नहीं हैं, क्या दलित संविधान का हिस्सा नहीं हैं?
अगर आरएसएस मेरे राज्य में इतना बड़ा संगठन चला रहा है, तो उसे या तो पंजीकृत होना होगा या मुझे जवाब देना होगा कि वह किस कानून के तहत काम कर रहा है।
~प्रियांक खड़गे, कर्नाटक गृहमंत्री
कुछ लोग एक महिला को पकड़कर जबरन उसके बाल काट रहें है।
महिला आयोग @MinistryWCD को इस अमानवीय घटना का संज्ञान लेना चाहिए।
कोई इतना निर्मम कैसे हो सकता है ?
@RahulGandhi@LambaAlka कृपया मामला देखें।
मध्यप्रदेश में जज तबस्सुम खान ने 14 कथित गौरक्षकों को उम्र कैद की सजा सुनाई,
3 अगस्त 2022 को महाराष्ट्र अमरावती निवासी नजीर अहमद को भीड़ ने गौतस्करी के आरोप में पीट पीट कर हत्या कर दी थी,
इस मामले में पुलिस ने कुल 14 लोगों को गिरफ़्तार किया था,
लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने सभी 14 आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई है,
क्या आई लव मुहम्मद कहना अब अपराध बन चुका है जिसके लिए आपराधिक मुकदमा दर्ज होगा?
संभल के केसरवा गांव में मस्जिद शहीद करने के बाद वहां से आई लव मुहम्मद के पोस्टर को बरामदगी दिखा कर मुकदमा दर्ज करने वाले SP महोदय का जवाब सुन लीजिए!
निष्पक्षता का ढोंग खत्म हो चुका है!
जिसका सबको इंतेजार था उसका विडियो आ गया,
राम मंदिर में चंदा चोरी पर शेखर सुमन ने जो स्टायर किया है वो सटायर केवल शेखर ही कर सकते हैं !
लाजवाब हो शेखर भाई
@apnarajeevnigam
कर्नाटक के गृह मंत्री @PriyankKharge जी ने RSS से काग़ज़ क्या मांग लिया, BJP ने अपने असल रंग दिखाने शुरू कर दिए
BJP MP रमेश जिगाजिनगी ने कहा “एक दलित आदमी को RSS से क्या मतलब?”
यह है इनकी असली सोच - एक दलित का RSS से क्या लेना देना
यह है इनके मन में दलितों के किए घृणा
“BJP MP Ramesh Jigajinagi says Dalits should not question the RSS. Why? Are Dalits are not part of the society? Are Dalits not part of the Constitution?
Who is anybody to tell me what to question or not to question? As an individual, I have my rights. And as the Home Minister of Karnataka, I am duty bound, I am Constitutionally bound.
If you are running such a big organisation in my state, you will have to register. Or you will have to tell under which law you are doing all this work.”
@PriyankKharge 👏👏
गडकरी महाराज वैसे तुम हाथ में कटोरा ले लो जनता 10 10 रुपया देगी तो भी खूब पैसा इकट्ठा हो जाएगा।
लेकिन जनता की मेहनत की कमाई से खरीदी हुई कार को ऐसे खराब मत करवाओ अपने लॉन्डो के करियर बनाने के चक्कर में।
नागपुर का एक बच्चा एक महीने से NEET re-exam की तैयारी कर रहा था।
कल परीक्षा से ठीक एक दिन पहले उसने admit card डाउनलोड किया। उसका सेंटर निकला - अबू धाबी।
न पासपोर्ट, न परिवार के पास विदेश भेजने के पैसे, न अब कोई वक़्त बचा है। वो रातभर रोता रहा, और परीक्षा देने से ही मना कर रहा है - क्या इस तनाव की कल्पना भी की जा सकती है?
आखिर ऐसा हुआ भी कैसे? कल किसी भी छात्र को सेंटर तक न पहुँच पाने की शिकायत नहीं होनी चाहिए। NTA असल में देश के बच्चों और उनके माता-पिता का सिर्फ़ धीरज test कर रही है।
जो system एक बच्चे को अपने ही शहर में एक centre नहीं दे सकती, उल्टा विदेश भेज सकती है - उसे परीक्षा करवाने का कोई हक़ नहीं।
कोटा में मैंने यही कहा था - यह अब शिक्षा व्यवस्था नहीं रही। यह एक पूरी पीढ़ी के पैसे, समय और मानसिक शांति की वसूली है।
हमारे बच्चों के भविष्य के साथ जुआ खेलना बंद कीजिए। वो एक संवेदनशील, ज़िम्मेदार और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा के अधिकारी हैं - और हम ये उन्हें दिलवा कर रहेंगे।
#ChhatronKiGoonj
#ChhatraJodo
अभी तो राम मंदिर के चढ़ावे की चर्चा हो रही अगर मंदिर बनाने के लिए लोगों द्वारा दिए गए हजारों करोड़ के चंदे की जाँच की जाए,
तब भी कई बड़े मुर्गे पकड़ में आएँगे।
देवभूमि या दलित उत्पीड़न का गढ़? देखिए उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में हुए केतनलाल हत्याकांड पर हमारी ये ग्राउंड रिपोर्ट।
17 साल के दलित लड़के केतन को सिर्फ इसलिए मौत के घाट उतार दिया गया क्योंकि वो राजपूत लड़की से प्यार करता था। केतन ने दलित होकर प्यार करने की कीमत चुकाई। इस पूरी कहानी पर हमारी ये रिपोर्ट देखिए
सध्या तिवारी बुर्के में हुई गिरफ्तार।
बुर्के के अंदर शराब का पैकेट्स छिपाकर बस में कर रही थी सप्लाई,
जब वह बस में चढ़ रही थी तभी एक यात्री से टकराने से कुछ शराब के पैकेट नीचे गिर गये
जिससे लोगों को शक हुआ फ़िर उसी वक्त
लोगों ने पुलिस को फोन करके बुलाया,
जब पुलिस ने संध्या तिवारी का बुर्का उतारवाया उसके बाद
जो दृश्य दिखा सभी दंग रह गये, हजारों रुपये के शराब के पैकेट निकले।
पुलिस रंगे हाथों संध्या तिवारी को गिरफ़्तार करके थाने ले गई।
भारत में महामानव की रैलियों में सरकारी तंत्र भीड़ भरकर लाती है और अब यही धंधा विदेशों में भारतीय दूतावास से करवाया जा रहा है!
ये अलग ही लेवल का बंदा है.