जिन लोगों को यह लगता है कि वो आरक्षण को खत्म कर देंगे, उन्हें यह वीडियो देखना चाहिए 👇🏻
महाराष्ट्र के अंबाजोगाई में सड़कों पर लाखों लाख लोगों का यह विशाल जनसैलाब सिर्फ SC-ST आरक्षण में उपवर्गीकरण की चल रही चर्चाओं के खिलाफ है
सोचो एक मामूली चर्चा पर इतने लोग सड़कों पर हैं। आरक्षण हटना या सीधे तौर पर उसपर हाथ डालने का मतलब है कि बहुजन समाज को उसकी पूरी शक्ति के साथ आंदोलन करने पर मजबूर करना
इसलिए आरक्षण हटाने के विषय में सोचना भी पाप है।।
उत्तर प्रदेश का मुसलमान दिलो-जान से 2027 में नगीना सांसद @BhimArmyChief चन्द्रशेखर आजाद को यूपी का मुख्यमंत्री बनाना चाहता है 👇🏻
सबको विश्वास है कि सिर्फ चन्द्रशेखर आजाद के नेतृत्व में ही उनके हित संरक्षित रह सकते हैं...!!
हाल ही में 20 अगस्त को प्रयागराज की तहसील कोराॅव में कुछ अराजक तत्वों द्वारा आरक्षण मुर्दाबाद, एससी-एसटी मुर्दाबाद जैसे नारे लगाए गये
जिसके खिलाफ बड़ी संख्या में भीम आर्मी व आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और FIR के लिए आवेदन दिया👇🏻
भीम आर्मी बहुजन समाज व उनके अधिकारों की सुरक्षा में ढाल बनकर खड़ी हुई है....!!
मेरठ में मेरे भाइयों डॉ. दिग्विजय भाटी, मोहित जाटव और एडवोकेट रवि गौतम के साथ पुलिस हिरासत में हुई कथित बर्बरता के खिलाफ आज आवाज़ उठाने और उनसे मिलने के लिए मैं मेरठ जाना चाहता हूँ।
लेकिन रात से ही मुझे पुरकाजी विधानसभा क्षेत्र में पुलिस प्रशासन द्वारा हाउस अरेस्ट किया हुआ है। सुबह से मुझे रोकने के लिए पुलिस प्रशासन अपना पूरा जोर आजमा रहा है। आखिर किस बात का डर है सरकार को?
उत्तर प्रदेश सरकार और भारत सरकार को समझना होगा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना अपराध नहीं है, अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाना अपराध नहीं है और अपने साथियों से मिलना कोई गुनाह नहीं है।
किसी जनप्रतिनिधि/सामाजिक कार्यकर्ता की आवाज़ को पुलिस के बल पर दबाने की कोशिश लोकतांत्रिक अधिकारों और संवैधानिक मूल्यों पर सीधा हमला है।
मैं स्पष्ट कहना चाहता हूँ—
हाउस अरेस्ट, पुलिस का दबाव और प्रशासनिक रोक मुझे मेरे भाइयों से मिलने और उनके लिए न्याय की आवाज़ उठाने से नहीं रोक सकती।
यह तानाशाही नहीं, संविधान का राज होना चाहिए।
हमें निष्पक्ष जांच, न्याय और जवाबदेही चाहिए।
सरकार जवाब दे—आखिर मुझे क्यों रोका जा रहा है?
पुलिस प्रशासन बताए—किस कानून के तहत मुझे हाउस अरेस्ट किया गया है?
मैं अपने भाइयों को अकेला नहीं छोड़ूंगा।
अन्याय के खिलाफ मेरी आवाज़ आज भी बुलंद है और आगे भी बुलंद रहेगी।
#Meerut #PoliceAtrocity #HouseArrest #लोकतंत्र #संविधान #न्याय_चाहिए #जवाबदेही_चाहिए #उत्तरप्रदेश_सरकार #भारत_सरकार #पुरकाजी #BhimArmy #JaiBhim #जयसंविधान
@myogiadityanath@UPGovt
सवर्ण समाज के व्यक्ति को टिकट न दिये जाने पर अक्सर नगीना सांसद @BhimArmyChief चन्द्रशेखर आजाद को टार्गेट करने की कोशिश होती है
इसे लेकर चन्द्रशेखर आजाद ने खुद जवाब दिया 👇🏻
उन्होंने कहा कि- "सवर्ण समाज का जो व्यक्ति हमारे विचारों से सहमत हो, सामाजिक न्याय से सहमत हो, फुले शाहू अम्बेडकर के विचारों से सहमत हो वो हमारे साथ आ जाएं.....हम गारंटी देते हैं कि उसके साथ खड़े होकर उसे जिताने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाएंगे"
पटना में छात्रों का डबल इंजन वाला भाजपा सरकार द्वारा बर्बर दमन शर्मनाक है!
अपने अधिकार और भविष्य की मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज, वाटर कैनन का प्रयोग और उन्हें खदेड़ने के लिए बुलेटप्रूफ CRPF बख्तरबंद गाड़ी (MPV) का इस्तेमाल बेहद निंदनीय है।
छात्र आंदोलन के दौरान महिला अभ्यर्थी को पुलिस द्वारा घसीटकर ले जाना भी बेहद आपत्तिजनक और शर्मनाक है।
युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लाठियों और दमन से छात्रों की आवाज नहीं दबाई जा सकती।
#TRE4 #Protest #Patna #Students #StudentProtest
नगीना सांसद @BhimArmyChief चन्द्रशेखर आजाद की बहुजन नेताओं से अपील 🚨👇🏻
"अपनी पार्टी का मोह छोड़िए, आज समाज को आपकी जरूरत है। पार्टियां आपको सम्मान देती है क्योंकि आपके समाज के पास वोटबैंक है। आपकी चुप्पी समाज पर अन्याय को बढ़ावा देगी"
इस वीडियो में दो सवालों के जवाब छुपे हैं- 1)- भीम आर्मी ने समाज को क्या दिया है और 2)- जातिवादी भीम आर्मी से इतनी नफरत क्यों करता है?👇🏻
जो दलित समाज कल तक चौकी थाना के नाम से कांपता था आज वो SDM से बहस करके उसकी बोलती बंद कर रहा है
वीडियो में दिख रहे शख्स भीम आर्मी के देवीपाटन मंडल के प्रभारी "इंद्रजीत अम्बेडकर" हैं जो एक क्षेत्रीय मांग को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष पहुंचे और फिर एक लंबी बहस अधिकारियों के साथ हुई जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल है
भीम आर्मी व आजाद समाज पार्टी हर मोर्चे पर बहुजन समाज के लिए ढाल बनकर खड़ी हुई है....!!
लंबे समय से संविधान प्रदत्त हिस्सेदारी की व्यवस्था यानी आरक्षण के खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है। अब इसी मुहिम को “आरक्षण में सुधार” जैसे शब्दों की आड़ में आगे बढ़ाने की कोशिश हो रही है।
कान खोलकर सुन लो—आरक्षण कोई खैरात नहीं है। यह सदियों से सामाजिक भेदभाव और वंचना झेलते समाज को संविधान द्वारा दिया गया प्रतिनिधित्व का अधिकार है।
भारत सरकार व लखनऊ दरबार में बैठे सत्ताधीशों, कान खोलकर सुन लो—आरक्षण व्यवस्था में किसी भी तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आरक्षण पर हमला यानी सामाजिक न्याय पर हमला है और सामाजिक न्याय से समझौता आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) किसी भी कीमत पर नहीं करेगी।
हम यह भी देख रहे हैं कि इस पूरे माहौल को बनाने में मीडिया की बड़ी भूमिका है। हमारे हितों के विपरीत विचार रखने वाले लोगों को बार-बार बुलाकर एकतरफा माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है।
लेकिन याद रखिए—हमारे सब्र का इतना इम्तिहान मत लीजिए। अगर हमारी आवाज को लगातार दबाने और नजरअंदाज करने की कोशिश की गई, तो जनता लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देगी।
हम जानते हैं कि मेनस्ट्रीम मीडिया में हमारा पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है, लेकिन हमारी आवाज को दबाया नहीं जा सकता। मीडिया को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर निष्पक्षता, संतुलन और जिम्मेदारी के साथ अपनी भूमिका निभानी होगी।
और आरक्षण का विरोध करने वालों को आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) खुली बहस के लिए आमंत्रित करती है।
अगर आपके पास आरक्षण के खिलाफ तर्क और तथ्य हैं, तो सामने आइए। बहस हो—तर्क से, तथ्यों से और संविधान के दायरे में।
जय भीम! जय भारत! जय मंडल!
जय संविधान! जय आरक्षण!
मामला उत्तर प्रदेश के जनपद रामपुर तहसील स्वार के गांव रुस्तम नगर का जो पढ़ने वाले बच्चे नदी के पुल न होने के कारण नदी पार करके जाते हैं जो अधिक समस्या होती है
देश के SC, ST व OBC समाज के 85% लोगों, तैयार हो जाओ 🚨
आरक्षण के समर्थन में एक विशाल राष्ट्रव्यापी महारैली का आयोजन होगा जिसमें 15-20 लाख लोग जुटेंगे
इस रैली के माध्यम से देश का बहुजन समाज सरकार को अपनी ताकत दिखाएगा, ताकि भविष्य में कोई भी फैसला लेने से पहले वो सौ बार सोचे..!!
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर तिरंगा यात्रा में स्कूली छात्रों ने लगाए नगीना सांसद @BhimArmyChief "चन्द्रशेखर आजाद जिंदाबाद" व "भारत माता की जय" के नारे 🇮🇳👇🏻
देखकर अच्छा लगा कि देश का युवा अपने व राष्ट्रहित को लेकर अब फैसले लेने लगा है...!!
#IndependenceDay#JaiHind
ये UP की मानसी राजपूत हैं। इसका कहना हे कि मैने UP पुलिस की कई परीक्षाएं दी लेकिन आरक्षण की वजह से सफल नहीं हो पाई।
सच्चाई खुद देखिए, पढ़ाई नहीं करते ये लोग और आरक्षण को दोष देते हैं।
माननीया वित्त मंत्री @nsitharaman जी, सादर जय भीम!
UPI को शुल्क-मुक्त रखकर सरकार ने वर्षों तक डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया और आज यह देश की महत्वपूर्ण डिजिटल जन-सुविधा बन चुका है। ऐसे में UPI भुगतानों पर शुल्क वसूलने संबंधी विधायी संशोधन पर पुनर्विचार की आवश्यकता है।
आपने कहा है कि शुल्क (MDR) का भुगतान दुकानदार करेगा, लेकिन क्या कारोबारी इस अतिरिक्त लागत को अपनी जेब से वहन करेंगे? छोटे दुकानदार कम मार्जिन पर काम करते हैं। लागत बढ़ेगी तो कीमत बढ़ाकर इसका बोझ ग्राहकों पर डाल सकते हैं।
माननीय वित्त मंत्री जी, जब आप बड़े-बड़े मॉल में जाती होंगी तो देखती होंगी कि ग्राहक चाहे कितने का भी सामान खरीदे, कैरी बैग के पैसे तक अलग से वसूले जाते हैं, जबकि उपभोक्ता आयोग ऐसे शुल्क को अनुचित व्यापार व्यवहार मान चुका है। तो फिर यह कैसे माना जाए कि UPI शुल्क का असर अंततः उपभोक्ता पर नहीं पड़ेगा?
और क्या अंतरराष्ट्रीय दबाव में UPI को मुफ्त रखने की नीति बदली जा रही है? U.S. Trade Representative, 2026 की रिपोर्ट में भारत की UPI और RuPay को बढ़ावा देने वाली नीतियों पर आपत्ति जताई गई है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इन नीतियों ने विदेशी भुगतान सेवा प्रदाताओं के लिए प्रतिस्पर्धा को प्रभावित किया और वैश्विक कार्ड नेटवर्क के शुल्क-आधारित कारोबारी मॉडल को बाधित किया।
क्या भारत की डिजिटल भुगतान व्यवस्था का फैसला भारतीय जनता के हित में होगा या विदेशी कार्ड कंपनियों के दबाव में?
UPI को जन-सुविधा रहने दीजिए।
UPI भुगतान को मुफ्त रहने दीजिए।
@mygovindia@FinMinIndia
इस लिए मैने कहा मैं अपने आप को हिंदू नहीं मानती ॥
आज मुझे अपनी बात पे गर्व है॥
इस लिए कहती हूँ दलितों तुम्हें ख़ुद को दलित कहने पे गर्व होना चाहिए ॥
शिक्षा ही ताक़त है अम्बेडकर ही सत्य है ॥जय भीम