India’s space ambitions soar to new heights!
The successful launch of #Vikram1, India’s first privately developed launch vehicle, by #SkyrootAirspace@SkyrootA today, is truly historic.
The 🚀 is a reflection of what can be achieved when innovation & entrepreneurial drive of 🇮🇳’s youth are backed by the bold reforms of PM @narendramodi’s vision.
#IndiaWithVikram1
#MissionAagaman
#JourneyToOrbit
HOW IS THIS EVEN POSSIBLE? 🤯
A freely movable stone bangle... carved from the same block of stone as the sculpture itself.😱
🚩No joints. No assembly. No modern machinery.
🎯CAN YOU BELIEVE OUR ANCESTORS ACHIEVED THIS CENTURIES AGO WTH SIMPLE TOOLS?
🛕India's temples are far more than places of worship—they are masterpieces of engineering, precision, and artistic excellence that continue to leave the world in awe.
🔹Our heritage deserves admiration, preservation, and deeper study.
🔹Preserve them. Study them. Take pride in them.
🇮🇳✨
Heartiest congratulations to @SkyrootA on the successful launch of Mission Aagaman with Vikram-1, India's first privately developed orbital launch vehicle. This landmark achievement marks a defining milestone in India's emergence as a global space and technology powerhouse.
Under the visionary leadership of Hon. PM Shri @narendramodi Ji, India's transformative space sector reforms have unleashed innovation, empowered startups, and opened new frontiers for enterprise, making the nation a global hub for space technology.
Best wishes to the entire Team Skyroot for this historic accomplishment. May the success of Mission Aagaman inspire a new generation of innovators and strengthen the resolve of Aatmanirbhar and Viksit Bharat.
#IndiaWithVikram1
जो जगन्नाथ रथ यात्रा भारत की मुंबई के मोहम्मद अली रोड और भिंडी बाजार से नहीं निकल पा रही |
इस्कॉन के भक्त उन्हीं जगन्नाथ रथ यात्रा को बांग्लादेश की सड़कों पर ऐलान कर निकाल रहे हैं | 💪
भारत के हिंदुओं हम रैली में शामिल तो नहीं हो सकते पर सोशल मीडिया से इनका जोश बढ़ा सकते हैं |
सिर्फ जगन्नाथ रथ यात्रा देखने के लिए कैलिफोर्निया से भारत पहुंचा विदेशी यात्री।
हिंदू धर्म की इस भव्य यात्रा को देखने के लिए विदेशी भी उत्साहित है। यह विदेशी श्रद्धालु दस सालों से इस यात्रा का इंतजार कर रहा था।
यही हिंदू धर्म की खूबसूरती है कि लोग विदेश से भी इसे महसूस करने भारत आना चाहते हैं।
RSS स्वयंसेवकों ने पेश की मिसाल।
पुरी रथयात्रा में लाखों की भीड़, पलभर में मिला एम्बुलेंस को रास्ता।
लाखों की भीड़ की व्यवस्था में जुटे दिखे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक।
🇮🇳 रोंगटे खड़े कर देने वाली दौड़ ...आखिरी 400 मीटर... सांसें थम गईं, दिल की धड़कनें तेज हो गईं... और फिर चीन की धरती पर लहराया तिरंगा! 🥇
ओरडोस (चीन) के ट्रैक पर मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले का फाइनल अपने चरम पर था। स्टेडियम में हजारों दर्शकों का शोर गूंज रहा था। मेजबान चीन की टीम बढ़त बनाए हुए थी, जबकि भारत के सामने फिलीपींस की चुनौती भी थी। हर किसी को लग रहा था कि गोल्ड अब चीन की झोली में जाने वाला है।
भारत की ओर से पहली लेग में आस्तिक प्रधान ने शानदार शुरुआत दिलाई। दूसरी लेग में सैंड्रा मोल साबू ने टीम को मुकाबले में बनाए रखा। तीसरी लेग में सेटू मिश्रा ने पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन तेज रफ्तार प्रतिद्वंद्वियों के कारण भारत पिछड़ गया। जब आखिरी लैप के लिए बैटन श्रावणी सचिन सांगले के हाथों में पहुंचा, तब भारत काफी पीछे था। चीन की धाविका करीब 10 मीटर से भी अधिक की बढ़त बना चुकी थी। ट्रैक पर मौजूद हर किसी को लग रहा था कि अब भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना लगभग असंभव है।
लेकिन श्रावणी ने हार मानने के बजाय अपने कदम और तेज कर दिए। शुरुआती 100 मीटर तक उन्होंने अपनी लय बनाई रखी और फिर धीरे-धीरे चीन और फिलीपींस के बीच बने फासले को कम करना शुरू किया। हर कदम के साथ भारत उम्मीद की ओर बढ़ रहा था। स्टैंड में बैठे भारतीय समर्थक लगातार चीख रहे थे—"चलो भारत... चलो श्रावणी!"
अंतिम 150 मीटर में श्रावणी की रफ्तार तूफान बन चुकी थी। अब चीन की बढ़त लगातार घट रही थी। अंतिम 100 मीटर में उन्होंने चीन की एंकर को लगभग पकड़ लिया और फिर दोनों धाविकाएं कंधे से कंधा मिलाकर दौड़ने लगीं। पूरा स्टेडियम अपनी सीटों से उठ चुका था। किसी की पलकें तक नहीं झपक रही थीं।
फिर आया आखिरी 50 मीटर...
श्रावणी ने अपने शरीर की बची-खुची सारी ताकत ट्रैक पर झोंक दी। फिनिश लाइन से ठीक पहले उन्होंने बेहतरीन लंज (Dive) लगाया। दोनों धाविकाएं लगभग एक साथ फिनिश लाइन पार कर गईं। कुछ पल के लिए पूरा स्टेडियम शांत हो गया। सभी की निगाहें इलेक्ट्रॉनिक स्कोरबोर्ड पर टिक गईं।
कुछ सेकंड बाद परिणाम सामने आया...
🇮🇳 भारत – 3:18.64
🇨🇳 चीन – 3:18.74
सिर्फ 0.10 सेकंड... और गोल्ड भारत के नाम!
पूरा भारतीय दल खुशी से झूम उठा। श्रावणी ने दोनों हाथ आसमान की ओर उठा दिए। साथी खिलाड़ी दौड़कर उन्हें गले लगाने पहुंचे। चीन की धरती पर तिरंगा सबसे ऊंचा लहराया और राष्ट्रगान की धुन गूंजने लगी।
यह केवल एक स्वर्ण पदक नहीं था, बल्कि आखिरी क्षण तक संघर्ष करने, हार न मानने और असंभव को संभव बना देने की मिसाल थी। करीब 10 मीटर से अधिक के अंतर को पाटकर श्रावणी सांगले ने जो वापसी की, उसने इस रेस को एशियाई अंडर-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप के सबसे यादगार मुकाबलों में शामिल कर दिया। 🇮🇳🥇🔥
A devotee who appeared to have fainted was immediately taken for medical treatment in Puri.
As an ambulance arrived, devotees swiftly cleared the way.
Despite heavy rain, the ocean of faith remained unstoppable at the Jagannath Rath Yatra ♥️
भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के तीन रथ - नंदीघोष, दर्पदलन और तालध्वज - को पुरी जगन्नाथ मंदिर के सिंहद्वार पर रखा गया है।
ये रथ आज शुरू होने वाली सालाना रथ यात्रा के लिए हैं।
Nowhere in the World does the majority community have to deploy security forces to save themselves from the terrorists of minority community members for visiting their sacred sites.