एक लिमिट से अधिक मैं पेट्रोल में इथेनॉल मिक्सिंग के एकदम पक्ष में नहीं हूँ।
लेकिन ऐसा भी ना हों कि इसके पीछे झूठ ही फैलाया जाने लगे।
ये वीडियो सही जानकारी देती दिख रही है 👇
भारत के लोग कभी गुलाम नहीं हो सकते
भारत का इतिहास गुलामी का इतिहास नहीं रहा है। बल्की उन लोगों के साथ संघर्ष का रहा है, जिसने हमें गुलाम बनाने की कोशिश की थी।
संघ प्रमुख, मोहन भागवत
यह मंदिरों का पैसा ही है जो सरकारी ख़ज़ानों को भरकर देश और व्यवस्था की बुनियादी रीढ़ बनकर खड़ा रहता है।" और इन्हीं पैसों से नीले कबूतरो को 5 किलो राशन देती है सरकार
@Bhaskar_m11 - *संजय गांधी मेमोरियल ट्रस्ट* - कई जगह
- *संजय गांधी बाल उद्यान* - पार्क/गार्डन कई शहरों में
- *संजय गांधी फाउंडेशन* - सोशल वर्क वाली संस्था
@Bhaskar_m11 3. रोड / मार्ग / सड़क*
- *संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर* - दिल्ली
- *संजय गांधी मार्ग* - पटना, भोपाल, जयपुर, लखनऊ समेत कई शहरों में रोड का नाम
*4. आवासीय कॉलोनी / क्षेत्र*
- *संजय गांधी नगर* - दिल्ली, जयपुर, जोधपुर, भोपाल
- *संजय गांधी बस्ती* - कई शहरों में
@Bhaskar_m11@RAKESH08468197 *संजय गांधी के नाम पर भारत में ये-ये है:*
*1. नेशनल पार्क / अभयारण्य*
- *संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान* - बोरीवली, मुंबई, महाराष्ट्र। मुंबई के बीच जंगल वाला पार्क, 104 sq km। बहुत फेमस है।
- *संजय गांधी जैविक उद्यान* - पटना, बिहार। चिड़ियाघर + बोटैनिकल गार्डन।
“राज्य में सत्ता आने से क्या हो जाएगा, केंद्र में मोदी-शाह है फिर फिर बंगाल का कुछ करते क्यों नहीं हो”
यही डिस्कोर्स कई साल घुमाया गया।
अब देख लो राज्य में सत्ता होने पर कोई सरकार क्या कर सकती है-
जहांगीर ख़ान नाम के पुष्पा को fool बनाकर सड़को पर हाफ पैंट में परेड करायी जा रही है।
नरेंद्र मोदी हर हाल में जवाहरलाल नेहरू से बड़े हैं। नेहरू 35 करोड़ लोगों के प्रधानमंत्री थे, वो भी गाँधी द्वारा थोपे हुए। मोदी 150 करोड़ लोगों के प्रधानमंत्री हैं, तीन-तीन बार चुने हुए।
नेहरू को बनी-बनाई कांग्रेस पार्टी मिली, जिसकी 15 समितियों में से एक ने भी उनका अनुमोदन नहीं किया फिर भी उन्हें PM पद दे दिया गया। मोदी को एक ऐसी पार्टी मिली जो लगातार 2 चुनाव हारकर 10 वर्ष से विपक्ष में बैठी हुई थी। नेहरू चंद दिन जेल में रहे तो पिता मोतीलाल ने उन्हें सारे तिकड़म करके निकलवाया। मोदी को UPA काल में सरकारी एजेंसियों ने लगातार प्रताड़ित किया। नेहरू रईस खानदान से थे और नेपोटिज्म का उत्पाद थे क्योंकि उनके पिता भी कांग्रेस अध्यक्ष थे। मोदी की माँ ने दूसरों के घरों में बर्तन माँजा, स्वयं मोदी ने पिता के साथ चाय बेची।
हर तथ्य चीख-चीखकर यही कहता है कि नेहरू से मोदी कई गुना बड़े हैं। नेहरू ने तिब्बत से लेकर कश्मीर और लद्दाख तक पर एक के बाद एक करके ब्लंडर किए, मोदी ने दुश्मन को घर में घुसकर मारा। नेहरू ने देश को चीन से युद्ध में हार की तरफ़ धकेल दिया, मोदी ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के जरिए पाकिस्तान के परमाणु संसाधनों पर वार किया। नेहरू की अगली 3 पीढियाँ ग़रीबी हटाने के नाम पर चुनाव लड़ती रही, मोदी ने 27 करोड़ लोगों को ग़रीबी से बाहर निकालकर दिखाया। एम्स के लिए राजकुमारी अमृता कौर को नेहरू से लड़ना पड़ा और अपनी ज़मीन दान में देनी पड़ी, मोदी ने कोविड-19 जैसी महामारी में दो-दो वैक्सीन बनवा दिए।
नेहरू बौने हैं मोदी के सामने। मोदी ने दुनियाभर में प्रवासी भारतीयों के भीतर स्वदेश को लेकर एक उत्साह का सृजन किया, नेहरू ने भारत को विदेश में सँपेरों का देश दिखाया।
UP पंचायत चुनाव का मामला -
पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची जारी -
जिला स्तर पर जारी हुई सूची, मतदाताओं को मिला 9 अंक पहचान नंबर ,
मतदाता सूची से हटाए गए
1.41 करोड़ मतदाताओं के नाम ,
40.19 लाख मतदाता बढ़े ,
तकनीकी गड़बड़ी के चलते अभी सूची डाउनलोड होने में समस्या आ रही है !!
*संस्कृत भाषा का अद्भुत चमत्कार* ,
क्या आप जानते है विश्व की सबसे ज्यादा सम्रद्ध भाषा कौनसी है.....
अंग्रेजी में ' *THE QUICK* *BROWN FOX JUMPS* *OVER A LAZY DOG* ' एक प्रसिद्ध वाक्य है। जिसमें अंग्रेजी वर्णमाला के सभी अक्षर समाहित कर लिए गए, मज़ेदार बात यह है की अंग्रेज़ी वर्णमाला में कुल 26 अक्षर ही उप्लब्ध हैं जबकि इस वाक्य में 33 अक्षरों का प्रयोग किया गया जिसमे चार बार O और A, E, U तथा R अक्षर का प्रयोग क्रमशः 2 बार किया गया है। इसके अलावा इस वाक्य में अक्षरों का क्रम भी सही नहीं है। जहां वाक्य T से शुरु होता है वहीं G से खत्म हो रहा है।
अब ज़रा संस्कृत के इस श्लोक को पढिये।-
*क:खगीघाङ्चिच्छौजाझाञ्ज्ञोSटौठीडढण:।*
*तथोदधीन पफर्बाभीर्मयोSरिल्वाशिषां सह।।*
*अर्थात* : पक्षियों का प्रेम, शुद्ध बुद्धि का, दूसरे का बल अपहरण करने में पारंगत, शत्रु-संहारकों में अग्रणी, मन से निश्चल तथा निडर और महासागर का सर्जन करनार कौन? राजा मय! जिसको शत्रुओं के भी आशीर्वाद मिले हैं।
श्लोक को ध्यान से पढ़ने पर आप पाते हैं की संस्कृत वर्णमाला के *सभी 33 व्यंजन इस श्लोक में दिखाये दे रहे हैं वो भी क्रमानुसार*। यह खूबसूरती केवल और केवल संस्कृत जैसी समृद्ध भाषा में ही देखने को मिल सकती है!
पूरे विश्व में केवल एक संस्कृत ही ऐसी भाषा है जिसमें केवल एक अक्षर से ही पूरा वाक्य लिखा जा सकता है, किरातार्जुनीयम् काव्य संग्रह में *केवल “न” व्यंजन से अद्भुत श्लोक बनाया है* और गजब का कौशल्य प्रयोग करके भारवि नामक महाकवि ने थोडे में बहुत कहा है-
*न नोननुन्नो नुन्नोनो नाना नानानना ननु।*
*नुन्नोऽनुन्नो ननुन्नेनो नानेना नुन्ननुन्ननुत्॥*
*अर्थात* : जो मनुष्य युद्ध में अपने से दुर्बल मनुष्य के हाथों घायल हुआ है वह सच्चा मनुष्य नहीं है। ऐसे ही अपने से दुर्बल को घायल करता है वो भी मनुष्य नहीं है। घायल मनुष्य का स्वामी यदि घायल न हुआ हो तो ऐसे मनुष्य को घायल नहीं कहते और घायल मनुष्य को घायल करें वो भी मनुष्य नहीं है। वंदेसंस्कृतम्!
एक और उदहारण है।-
*दाददो दुद्द्दुद्दादि दादादो दुददीददोः*
*दुद्दादं दददे दुद्दे ददादददोऽददः*
*अर्थात* : दान देने वाले, खलों को उपताप देने वाले, शुद्धि देने वाले, दुष्ट्मर्दक भुजाओं वाले, दानी तथा अदानी दोनों को दान देने वाले, राक्षसों का खण्डन करने वाले ने, शत्रु के विरुद्ध शस्त्र को उठाया।
है ना खूबसूरत? इतना ही नहीं, क्या किसी भाषा में *केवल 2 अक्षर* से पूरा वाक्य लिखा जा सकता है? संस्कृत भाषा के अलावा किसी और भाषा में ये करना असम्भव है। माघ कवि ने शिशुपालवधम् महाकाव्य में केवल “भ” और “र ” दो ही अक्षरों से एक श्लोक बनाया है। देखिये –
*भूरिभिर्भारिभिर्भीराभूभारैरभिरेभिरे*
*भेरीरे भिभिरभ्राभैरभीरुभिरिभैरिभा:।*
*अर्थात-* निर्भय हाथी जो की भूमि पर भार स्वरूप लगता है, अपने वजन के चलते, जिसकी आवाज नगाड़े की तरह है और जो काले बादलों सा है, वह दूसरे दुश्मन हाथी पर आक्रमण कर रहा है।
एक और उदाहरण-
*क्रोरारिकारी कोरेककारक कारिकाकर।*
*कोरकाकारकरक: करीर कर्करोऽकर्रुक॥*
*अर्थात* - क्रूर शत्रुओं को नष्ट करने वाला, भूमि का एक कर्ता, दुष्टों को यातना देने वाला, कमलमुकुलवत, रमणीय हाथ वाला, हाथियों को फेंकने वाला, रण में कर्कश, सूर्य के समान तेजस्वी [था]।
पुनः क्या किसी भाषा मे केवल *तीन अक्षर* से ही पूरा वाक्य लिखा जा सकता है? यह भी संस्कृत भाषा के अलावा किसी और भाषा में असंभव है!
उदहारण-
*देवानां नन्दनो देवो नोदनो वेदनिंदिनां*
*दिवं दुदाव नादेन दाने दानवनंदिनः।।*
*धन्य है संस्कृत ,, गर्व करें अपनी देवभाषा पर* ,,,
।
#औ_का
Asian Games में कप्तानी करके गोल्ड जिताओ, डेब्यू सीरीज में सेंचुरी ठोको... फिर भी स्क्वाड से बाहर। और Nitish Reddy जैसे प्लेयर को "बैलेंस" के नाम पर ले लो।
ऋतुराज 😂
Asian Games में कप्तानी करके गोल्ड जिताओ, डेब्यू सीरीज में सेंचुरी ठोको... फिर भी स्क्वाड से बाहर। और Nitish Reddy जैसे प्लेयर को "बैलेंस" के नाम पर ले लो।
ऋतुराज 😂
ओलम्पिक में भारत मेडल क्यों नहीं लाता है,
जवाब इस लिस्ट में छिपा है,
16 में से 11 सवर्ण चुने गए हैँ,
जबकि इस टीम में हर्षित राणा, नितीश कुमार रेड्डी, वाशिंगटन सुंदर और वरुण चक्रवर्ती किसी कीमत पर नहीं होने चाहिए थे,
इसी तरह से ये जातिवादी ओलम्पिक में भी खिलाड़ियों का चयन करते हैँ,
इसीलिए मेडल नहीं 🛎️ आता है,
कपड़ा हलाल,साबुन हलाल, माचिस हलाल, यह क्या है भाई?
मीट मुर्गा तक तो ठीक है। बाकी सामान के लिए हलाल का सर्टिफिकेट लेना क्यों जरूरी है? हलाल सर्टिफिकेट की मान्यता न राज्य सरकार ने दी है ना केंद्र सरकार ने।
हलाल सर्टिफिकेट जारी करने वाले 25000 करोड़ की कमाई करते हैं और यह सब पैदा आतंकवाद, जिहाद और धर्म परिवर्तन के लिए खर्च किया जाता है।
योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में हलाल सर्टिफिकेट को हलाल कर दिया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक, राष्ट्रऋषि एवं माँ भारती की सेवा तथा राष्ट्रनिर्माण के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित करने वाले माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर ‘गुरुजी’ की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।
राष्ट्रभक्ति, संगठन और समर्पण से ओत-प्रोत आपके विचार एवं आदर्श हमें सदैव राष्ट्रहित के पथ पर अग्रसर रहने की प्रेरणा देते रहेंगे।
उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं| आप स्वस्थ और दीर्घायु रहे, यही बाबा बैद्यनाथ जी से प्रार्थना करता हूं|
@myogiadityanath
कर्नाटक कांग्रेस सरकार में 14 मंत्रियों में 1 भी महिला नहीं
महिला मंत्रालय भी मुख्यमंत्री ख़ुद डकार गए!
क्या राज्य की सारी महिलाएँ नाकाबिल हैं?
उनपर रत्ती भर विश्वास नहीं?
कांग्रेस का नारी सशक्तिकरण सिर्फ गांधी परिवार की महिलाओं तक सीमित है
@RahulGandhi महिला विरोधी है