भरत तिवारी एनकाउंटर में गोली चलाने वाले STF के जवान अक्षय को गिरफ्तार कर लिया गया है. पर उस सीनियर IPS अफसर का क्या ! जिन्होंने मीटिंग में कहा था गोली नहीं मार सकते तो चूड़ी पहन लो
@AwasthiAwanishK@narendramodi आदरणीय ,सम्माननीय श्री अवस्थी जी आपसे मुलाकात करना चाहता हूं,कुछ प्रमुख मुद्दों से आपको अवगत कराना चाहता हूं। कैसे आपसे मिल सकता हूं, कृपया बताने का कष्ट करें।।
@DMmahoba जी महोबकंठ क्षेत्र के काशीपुर विद्युत लाइन के 3खंभे 7दिन पूर्व टूट गए थे जो 7दिन बाद भी लगवाए नही गए।काशीपुर की लाइन को महोबकंठ फीडर में जोड़ दिया जिससे महोबकंठ फीडर से जुड़े सभी गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई।महोदया मेरे प्रार्थना पत्र का संज्ञान लेने की कृपा करे
नील नीलांडु नीलाम्बर,,
नीच नील सब होय,,
इनसे बातें तब करो,,
जब हाथ में डंडा होय,,
नीलांडुओ द्वारा सिर्फ ब्राह्मणों को ही नहीं बल्कि यादव समेत किसी को भी गाली दिया जा सकता है,यहाँ एक नीलांडु द्वारा यादवों को भी गाली दिया जा रहा है।
माननीय मंत्री @aksharmaBharat जी एक शब्द बना है शर्म,यदि आपको और आपके विभाग को यदि शर्म आती हो तो झूठ न बोला करो,चार दिन से महोबा के महोबकंठ पावर हाउस के उपभोक्ता परेशान है,1 मिनट में 2 बार बिजली कटौती होती है,रात भर बिजली नहीं रहती,आखिर उपभोक्ता को पागल समझे है। @UPPCLLKO
आदरणीया @DMmahoba जी महोबकंठ क्षेत्र के लगभग 60गांवों के मध्य एक भी गेहूं क्रय केंद्र नहीं बनाया गया,जिससे किसान अपनी गेहूं की उपज कम दामों में बेचने को मजबूर होगा।महोबकंठ या खैरोकलां समिति में एक क्रय केंद्र बनाया जाए,जिससे मप्र से सटे सौरा क्षेत्र की खरीद हो सके।किसान परेशान है
सांसद साहब आज दिल्ली में हैं, लेकिन तरुण के घर जाने से डर लगता है। अगर कोई सवर्ण अपराधी होता तो रेलिंग कूदकर पुलिस से लड़ते, रील वायरल होती !!
जिस समाज की वजह से संसद में बैठे हो, उसी की चीखें अब सुनाई नहीं देतीं।
वोट और कुर्सी की राजनीति में दलित समाज का सौदा हो चुका है।
जेल जाने का डर? बंगला-गाड़ी-कुर्सी की चिंता?
भाड़ में जाए दलित समाज, साहब को तो बस राजनीति करनी है! 😡
#JusticeForTarun #दलित_न्याय #UttamNagar #ChandrashekharAazad
मुस्लिम 85% हैं, जाटव 15%, हमारी यात्रा रोक दी, हम चंद्रशेखर के पास गए उन्होंने मना कर दिया, क्यों? क्योंकि सामने मुस्लिम हैं, ब्राह्मण होते, ठाकुर होते तो चंद्रशेखर वही खड़े रहते : अंकित कुमार
भीमवादी नेता की असलियत अब उनके समर्थकों को भी पता चल रही है
मंगल पांडे ना होते तो 1857 का विद्रोह नहीं होता,
मंगल पांडे ना होते तो ईस्ट इंडिया कंपनी का विघटन ना होता,
अंग्रेजो को पता था ब्राह्मणों से ग़द्दारी नहीं करवा सकते,
लिहाज़ा अग्रेजों ने तमाम तरह के प्रतिबंध लगा दिये.
…..
वैसे ये आदमी जबसे चुनाव हारा है मानसिक रुप से विक्षिप्त है. ईश्वर इसे ठीक करें. जातिगत कुंठा से बाहर निकालें.
आन्ध्र प्रदेश के उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण ने कहा कि, UGC
एक्ट का विरोध जिस वर्ग ने किया, वह देश का सबसे सक्षम
और ज़िम्मेदार वर्ग है। इतना व्यापक विरोध होने के बावजूद
कहीं पर भी मारपीट, आगजनी, तोड़फोड़ या अराजकता की
कोई खबर नहीं आई। यह अपने आप में मिसाल है। विरोध
मुखर रहा, लेकिन मर्यादित। किसी को आंदोलन हाईजैक नहीं
करने दिया गया और असामाजिक तत्वों को हर जगह बाहर
किया गया। इसलिए हमारे पूर्वज ऐसे सभ्य समाज की मिसालें
देते हैं। और हम ऐसे सभ्य समाज के विद्धानो द्वारा बताये गये
धर्म के मार्ग पर चलते हैं। इसके विपरित कुछ समाज आंदोलन
करते है तो सबसे पहले उस समाज के आंदोलन को उपद्रवी
तत्वों के द्वारा हाईजैक कर लिया जाता है। जिसका परिणाम
आगजनी, तोड़फोड़, लूटपाट और देश की सम्पत्ति को नुकसान
पहुंचाना होता है। लेकिन ऐसी कोई चीज हमने इस आंदोलन
में नजर नही आई।
मैं सवर्ण समाज को इसके लिए प्रणाम करता
हूं जय श्रीराम!
मुझे खुशी है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने हस्तक्षेप करते हुए UGC के उन दिशानिर्देशों पर रोक लगाई, जो अस्पष्ट, मनमाने थे और campuses में और अधिक भेदभाव पैदा करने का प्रयास थे।
मुझे ट्रोल किया गया, गालियाँ दी गईं और मेरे surname को लेकर अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया - वो भी ठीक है। जो बात प्राकृतिक न्याय के विरुद्ध है, उसके खिलाफ मैं आवाज़ उठाता रहूँगी
यह अब स्पष्ट हो गया है कि भारत सरकार ने हस्तक्षेप करने और ugc के दिशानिर्देशों को वापस लेने की अपनी ज़िम्मेदारी से पूरी तरह किनारा कर लिया, यह अब दिन के उजाले की तरह साफ़ है कि उन्हें जनता के विरोध का कोई सम्मान या परवाह नहीं है।
और जो लोग चुप रहे जब आवाज़ उठाना आपकी ज़िम्मेदारी थी, उसका फैसला समय करेगा।