स्वयं नारे लगवाओ और स्वयं ही वीडियो लीक करो की देखो ऐसे नारे लग रहे हैं।
इनका काम समझ में विभेद पैदा करना है चाहे विपक्ष में रहे या सत्ता पक्ष में।
-@Pawankhera sb👌👌
उधर से डांट पड़ी, उधर चले गए।
उधर से डांट पड़ी, इधर चले आए।
विदेशनीति का मज़ाक़ बनाकर रख दिया है... पापा ने डांटा मम्मी के पास भाग गये। मम्मी ने डांटा पापा के पास भाग गये। दोनों ने डांटा नाना नानी के यहां चले गए।
@Pawankhera साहब का जवाब नहीं है 😁😁
राम नवमी और हनुमान जयंती पर ये लोग मस्जिदों के बाहर जा कर डीजे बजाते हैं, उकसाने वाले गाने बजाते हैं।
क्रिसमस पर ये लोग चर्च के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ते हैं, सैंटाक्लॉस की टोपी खींचते हैं, तोड़फोड़ कर��े हैं।
कौन हैं ये मूर्ख?
ये संघ द्वारा लगाये ज़हरीले बीजों से निकली खरपतवार है।
यह गुंडे ना हिंदू धर्म के हो सकते हैं और ना ही भारतीय सभ्यता से इनका कोई नाता हो सकता है।
सही कहा @Pawankhera जी ने यह थोड़े से संधी खर-पतवार हैं, इनके कारण से देश और हिन्दू समाज के बारे में ग़लत धारणा बनाने की आवश्यकता नहीं है।
इन गुन्डों से कांग्रेस लड़ रही है।
संघी खर-पतवार को देखकर,
हिंदूओं या देश के बारे में कोई धारणा नहीं बनाए।
ये प्रधानमंत्री जी के गुंडे हैं,
इनसे हम निपटना जानते हैं और निपट रहे हैं।
--@Pawankhera sb
एक 4 साल के बच्चे के पिता ने भरोसा कर उसे RSS की शाखा में भेजना शुरू किया कि वो कुछ अच्छा सीखेगा।
लेकिन RSS की शाखा के अंदर 4 साल के मासूम बच्चे का यौन उत्पीड़न हो रहा है, उसका बलात्कार हो रहा है।
इससे ज्यादा दर्दनाक और कुछ नहीं हो सकता।
ये सिर्फ आनंदु अजी की बात नहीं है। आनंदु के मुताबिक RSS के ट्रेनिंग कैंप्स में अनेक बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न हो रहा है।
• RSS समाज को सुधारने का स्वयंभू ठेकेदार बनता है
• RSS खुद को रजिस्टर भी नहीं करवाता
• RSS के पास मेंबरशिप का रजिस्टर भी नहीं होता
ऐसे में जब आनंदु जैसे उदाहरण सामने आते हैं तो पता चलता है कि पर्दे के पीछे एक सड़ा हुआ संगठन है, जिसका नाम RSS है।
: AICC मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन @Pawankhera जी
📍 दिल्ली
ख्वाजा हुसैन की ज़मानत हो गई है। कांग्रेस के ज़िलाध्यक्ष श्री तरुण बहेती, कांग्रेसी कार्यकर्ता श्री पंकज तिवारी आदि ने ज़मानत करवाने में बहुत सहायता की।
यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का घिनौना चेहरा है।
मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार कितनी डरपोक है कि एक निर्दोष व्यक्ति को मेरी RSS के ख़िलाफ़ की गई प्रेस वार्ता को शेयर करने पर सिर्फ़ इसलिए गिरफ़्तार किया कि वो मुस्लिम है।
मैं ख़्वाजा हुसैन के परिवार से संपर्क में हूँ और कांग्रेस ज़िलाध्यक्ष व पंकज तिवारी के हस्तक��षेप से अभी अभी उनकी ज़मानत पर रिहाई हुई है।
@Allavaru ji is working under instructions of HighCommand & @RahulGandhi ji to protect the interests of @INCIndia
Team @INCBihar going with the survey reports & recommendations of ScreeningCommittee
Leaders who have compromised party's interests are now unnecessarily critical.
Befitting reply to @HMOIndia@AmitShah by @Pawankhera sb (video👇👇 )
नैतिकता की बात भाजपा और अमित शाह ना ही करें तो अच्छा है। सारे चोरों को अपनी पार्टी में ले लिया, अपने नेताओं के भ्रष्टाचार पर कोई जांच नहीं होने देते और चले हैं बड़ी-बड़ी ���ाते करने।
ज्ञानेश कुमार गुप्ता जी ने प्रेस वार्ता में फ़रमाया: ‘तो क्या हुआ अगर एक ही व्यक्ति कई जगह वोटर लिस्ट में दर्ज है, वोट तो फिर भी एक ही बार डालेगा।’
अब हमारा सीधा सवाल है — क्या गुप्ता जी यही दलील अदालत में शपथ पत्र पर लिखकर देने को तैयार हैं?
राहुल गांधी जी ने कभी माफी नहीं मांगी। उन्होंने सिर्फ सर्वोच्च न्यायालय को कोट करने के लिए खेद व्यक्त किया था।
चौकीदार चोर है, चौकीदार चोर था और चौकीदार चोर रहेगा 🔥🔥
जबरदस्त @ssrajputINC भाई 💪💪🔥🔥
ग्यारह साल गुज़र गए
साहेब ने एक भी प्रेस कांफ्रेंस नहीं की
साहेब की राजनीति की पोल विश्व भर में खुल गई
साहेब क�� नीतियों का ख़ामियाज़ा पूरा देश भुगत रहा है
साहेब का कार्यकाल ख़त्म होने वाला है
साहेब टेलीप्रॉम्प्टर की मदद से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर देते
लेकिन नहीं
साहेब एक मज़ाक हैं।
22 अप्रैल की रात से ही भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पहलगाम आतंकी हमलों और उससे उत्पन्न हालात को लेकर प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग कर रही है। यह बैठक अभी तक नहीं बुलाई गई है।
10 मई को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और राज्यसभा में न��ता प्रतिपक्ष-दोनों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर संसद का विशेष सत्र बुलाने का अनुरोध किया था, ताकि पहलगाम आतंकी हमलों और उससे जुड़ी परिस्थितियों पर चर्चा की जा सके और एक साझा प्रस्ताव के माध्यम से सामूहिक संकल्प प्रकट किया जा सके। प्रधानमंत्री ने उस सुझाव को भी स्वीकार नहीं किया है।
अब सुनने को मिल रहा है कि 25-26 जून को आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर संसद का विशेष सत्र बुलाया जाएगा।
यह प्रधान���ंत्री द्वारा वास्तविक और अधिक तात्कालिक मुद्दों से ध्यान भटकाने और उसे मोड़ने का एक और क्लासिक उदाहरण होगा -जबकि उन्हीं के नेतृत्व में देश पिछले 11 वर्षों से एक अघोषित आपातकाल की स्थिति में है, और वे इन सवालों से लगातार बचते रहे हैं- पहलगाम के आतंकी अब तक फरार क्यों हैं? उन्होंने राष्ट्रपति ट्रम्प को सीजफायर के लिए मध्यस्थ बनने की अनुमति क्यों दी? और 19 जून 2020 को सार्वजनिक रूप से चीन को क्लीन चिट क्यों दी?
We are grateful to BJP, because we would not have been able to give ourselves the kind of publicity they're giving us. If you go through the letter, President Reagan to Rajiv Gandhi, he is requesting our help to in Afghanistan.
--@Pawankhera sb