एक मुश्लिम कभी भी देश भक्त नही हो सकता है इसका उदाहरण पहले ��प देख चुके हैं।
अगला उदाहरण देख लो-----
यहां पर दिल्ली का रहने वाला एक मुसलमान कैमरे के सामने कह रहा है कि पहलगाम में जो हुआ अच्छा हुआ।
हम हिन्दू लड़कियों केवल ¢०√ते हैं फिर छोड़ देते हैं।
हिन्दू लड़किय���ं केवल इसीलिए ही बनी हैं।
उसने गलत नहीं कहा है क्योंकि उनके किताबो में काफिरो की लड़कियों को माल-ए-गनीमत कहा ही गया है।
लेकिन मजाल कि हिन्दू लड़कियां समझ जाएं।
मजाल की इन हिन्दू लड़कियों को कोई समझा दे।
इन दो मुसलमानों को बस केवल ध्यान से देखो इसे लगा कि सामने वाला भी पाकिस्तानी है तो देखते ही ऑर्गेज्म आने लगे।
लेकिन आरफा और साइमा के अनुसार ये देशभक्त है।