“अनुपम खेर आजकल बहुत बोल रहे हैं
उन्हें ज़्यादा गंभीरता से लेने की ज़रूरत नहीं है,
वो तो जोकर हैं !
उनके NSD और FTII के समकालीन लोग उनकी चापलूस प्रवृति के बारे में बता देंगे !
चापलूसी उनके खून में है !”
नसीरुद्दीन शाह जी ने पोल खोल दी 🔥🤣🥴😂
पिछले सप्ताह हुई UGC-NET परीक्षा को लेकर सामने आए गंभीर आरोप बेहद चौंकाने वाले हैं।
NEET पेपर लीक के कुछ ही हफ्तों बाद अब खबरें आ रही हैं कि -
- UGC-NET परीक्षा से ठीक पहले 100 पन्नों की एक PDF प्रसारित हुई���
- यह PDF उस question paper setting की है, जो सिर्फ़ NTA के पास उपलब्ध होती है।
- PDF के लगभग 90 सवाल Sociology के असली प्रश्नपत्र से मेल खाते हैं।
- वही प्रश्नपत्र ₹2.25 लाख में बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में बेचा जा रहा था।
- इसी नेटवर्क ने CSIR-NET, HTET और ADA जैसी आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का भी दावा किया।
NEET और NET में बार-बार सामने आए घोटालों के बाद भी मोदी सरकार आंखें मूंदकर सो रही है, क्योंकि लाखों छात्रों की रात-रात जागकर की गई सालों की मेहनत उनके लिए कोई मायने नहीं रखती।
सारा देश जानता है कि प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री से किसी भी तरह की जवाबदेही या कार्रवाई की उम्मीद बेकार है - न जांच होगी, न छात्रों को न्याय मिलेगा।
बदलाव का एकमात्र औज़ार हमारी सम्मिलित आवाज़ है - देश भर के छात्रों की गूंज, जो भारत में शिक्षा revolution लाकर रहेगी।
सुप्रीम कोर्ट में जो हुआ वह दुखद है। माननीय जस्टिस ने संयम और उदारता का परिचय देते हुए उचित ही कोई एक्शन नहीं लिया। यह बात तारीफ़ के क़ाबिल है। सुप्रीम कोर्ट का कंधा चौड़ा होना चाहिए और दिल बड़ा। इस बात को भी संज्ञान में लेना चाहिए कि समाज में न्याय को लेकर हताशा फैलती जा रही है। उसकी निष्पक्षता पर संदेह बढ़ता जा रहा है। अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं होती। कोई किसी का एनकाउंटर कर दे रहा है, किसी का घर गिरा दे रहा है। नागरिक अपने सवालों को लेकर कोर्ट की सीढ़ियाँ चढ़ता है लेकिन दीवारों से टकरा जा रहा है। इन्हीं कारणों से हताशा बढ़ती जा रही है। उम्मीद है, ऐसी घटना दोहराई नहीं जाएगी। यह भी कि न्याय व्यवस्था अपनी उदारता के साथ साथ विश्वसनीयता को बेहतर करेगी। उम्मीद की आख़िरी मंज़िल कोर्ट है और उस मंज़िल का बने रहना ही हताशा का इलाज है।
One guy is looting money by forcing Ethanol
Another is land grabbing for his real estate empire
One is making money from leaking exam papers
Another is looting by selling the Nicobar Island
Top to bottom, everything is corrupt and compromised in this Modi govt.
मैं इलेक्शन कमीशन और उनके ऑफिसर को साफ कह रहा हूँ, आप जो कर रहे हो गलत कर रहे हो!
समय आएगा हम आपको पकड़ेंगे, बचने वाले नहीं हो!
- राहुल गांधी जी 🔥🔥
#RahulGandhi#ElectionCommission
राहुल गांधी जी की एंट्री तो इम्प्रेसिव और Gen Z से सीधा कनेक्ट करने वाली थी ही, लेकिन उससे भी ज़्यादा महत्वपूर्ण यह था कि उन्होंने शिक्षा और सरकार की भूमिका पर बात की. उन्होंने कहा कि आज राजनीति की बात नहीं होगी.
उन्���ोंने याद दिलाया कि शिक्षा सरकार की ज़िम्मेदारी है, कोई व्यापार नहीं. माता-पिता और बच्चों से बातचीत के दौरान उन्होंने यह भी दिखाया कि एक मध्यमवर्गीय परिवार अपने बच्चे की ��ढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं पर कितना भारी खर्च कर रहा है, जबकि सरकार उसी क्षेत्र में अपनी ज़िम्मेदारी से पीछे हटती दिखाई देती है.
राहुल गांधी ने युवाओं की आकांक्षाओं, उनके सपनों और उनके भविष्य को सरकार की भूमिका से जोड़ा.
सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि उन्होंने छात्रों से नेता की तरह नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक बड़े की तरह संवाद किया. कल तक कोटा में उनके पोस्टर-बैनर हटाए जा रहे थे, लेकिन उसके बावजूद कार्यक्रम बेहद सफल रहा.
मैं आज विदिशा में एक ऐसी माँ से मिली जिसकी बेटी NEET की तैयारी कर रही है. उसने कहा कि अनिश्चितता और तनाव बहुत है.
परेशान सभी हैं, लेकिन इस मुद्दे को लगातार कौन उठा रहा है? - नेता विपक्ष राहुल गांधी.
#RahulGandhiWithStudents
#Kota
Just one figure from @rahulgandhi ji’s talk at Kota says it all:
🔹Money extracted by the system from NEET students and their families (22 lakh students per year) = 1.32 Lakh Crore.
🔹India’s entire education budget = 1.40 Lakh Crore.
🔹I have only one thing to add to it: Loans forfeited by the government of India to its favourite businessmen: 16 Lakh crores.
#ChhatronKiGoonj
बेरोज़गारी के अंधेरे में उम्मीद की एक किरण✨
आज @RahulGandhi जी के जन्मदिन पर आयोजित 'Mega Job Fair' में युवाओं को मिले रोज़गार के अवसर.. और एक नई शुरुआत!
📍तालकटोरा स्टेडियम दिल्ली
मोदी को तो मोदी ही परास्त करेंगे.
राहुल ग��ँधी की जिम्मेदारियां अलग हैं. अब राहुल गाँधी को इस देश का नया निर्माण करना है. हमें ऐसी व्यवस्था देनी है जिसमें लोगों को सुकून मिले. वरना एक तानाशाही जाकर दूसरी तानाशाही आ जाए, यह भी हमें स्वीकार नहीं है, तो वह काम राहुल जी को करके देना है.
उनके चरित्र हनन की हर कोशिश बीजेपी, मोदी और RSS ने इंटरनेशनल मीडिया हाउसेस और पीआर एजेंसियों के जरिए की, लेकिन अंततः राहुल गाँधी के अपने करिश्मा के उदय को वे रोक नहीं सके.
वो पढ़े-लिखे हैं. वो जांबाज़ हैं. वो निडर हैं. वो बेदाग हैं और सबसे बड़ी बात, उनमें compassion और empathy है, जो मोदी में बिल्कुल नहीं दिखती.
राहुल किसी भी आम आदमी को अपने लगते हैं, इसलिये जनता आज राहुल के साथ है. यह मानने या लिखने की नहीं, देखने की बात है.
मोदी को परास्त करना राहुल की च��नौती नहीं है. मोदी खुद अपने आप को परास्त कर देंगे, क्योंकि जो रास्ता मोदी आज चुन रहे हैं, वह विकास की ओर नहीं, विनाश की तरफ जा रहा है, भारत के लिए भी और उनकी अपनी राजनीति के लिए भी.
लेकिन भारत के सृजन की जिम्मेदारी राहुल पर है और उसे निभाने के लिए आज की राजनीति में उनसे बेहतर और योग्य व्यक्ति मुझे कोई नहीं दिखता. विपक्ष के पास अब विकल्�� नहीं है कि राहुल को चुनना है या नहीं; विपक्ष को राहुल के साथ ही जाना पड़ेगा, तभी वह विपक्ष रहेगा.
- राजू पारुलेकर
Warm birthday wishes to the Leader of Opposition Shri @RahulGandhi avaru.
Throughout your public life, you have always stayed connected to the many voices that shape our nation. Whether it is the aspirations of our youth, the concerns of farmers, the dreams of women or the voices of the marginalised, you have consistently sought to bring their hopes and concerns to the centre of our national discourse. Your politics is shaped by compassion, inclusiveness and a deep commitment to the idea of India.
I have always valued our association and the many conversations we have shared over the years. It has been a privilege to walk alongside you in our shared commitment to serving the people and upholding the values of our constitution.
On your special day, I wish you good health, happiness and many more years of service to our nation. May you continue to inspire millions with your warmth, sincerity and your steadfast belief that the voice of the common man must always be heard.
RAHUL GANDHI'S TSUNAMI 🔥
NEET faculty : "Rahul Gandhi is the only hope for neet students. The way he earlier did 3000 KMs yatra shows a lot about his dedication" 🫡
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नरेंद्र मोदी किस मुँह से नेहरू और इंदिरा जी की बात करते हैं?
जब भारत आजाद हुआ तो पंडित नेहरू ने अमेरिका या रूस की तरफ नहीं देखा- अपना रास्ता चुना
इंदिरा गांधी जी ने अमेरिका की धमकियों के बावजूद पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिए
जब अमेरिका ने भारतीय डिप्लोमैट देवयानी खोबरागड़े का अपमान किया, तो डॉ. मनमोहन सिंह जी ने तुरंत अमेरिकन एंबेसी से सुरक्षा हटवा दी
संकेत साफ था कि ये रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अमेरिका ने तुरंत इस मामले में खेद व्यक्त किया
ये सच है कि नरेंद्र मोदी से पहले आए प्रधानमंत्रियों ने देश के सम्मान, संप्रभुता और स्वतंत्रता को हमेशा अपने से ऊपर रखा
किसी भी प्रधानमंत्री ने नरेंद्र मोदी की तरह अमेरिका की गुलामी नहीं की
इनका नाम नरेंदर और काम सरेंडर है
एक निडर और सच्चे पत्रकार की पीड़ा
“जिन्होंने नेहरू की किसी किताब के 10 पेज नहीं पढ़े वो उनके बारे में न जाने क्या-क्या बक रहे हैं
जिन्होनें महात्मा गांधी की किसी किताब के 20 पेज नहीं पढ़े वो बापू को गाली देते हैं
प्रधानमंत्री के खिलाफ़ कुछ बोलो तो कहते हैं राष्ट्र के खिलाफ़ हो गया
सरकार के खिलाफ़ बोलो तो कहते हैं देश के खिलाफ़ हो गया”
After Vote Chori and Sarkar Chori - the BJP-EC jugalbandi has finished the contest before it has even begun with Seat Chori.
Look at what happened in the recent Rajya Sabha elections.
Congress candidate Meenakshi Natarajan ji submitted every document. No pending cases. The EC cancelled her nomination on a frivolous BJP objection.
Parimal Nathwani ji, the BJP-backed independent, got his own name wrong on the form and skipped multiple mandatory disclosures. The EC gave him an extension to fix everything.
Same Election Commission. Two candidates. One was disqualified without even a hearing. The other was rewarded despite not following the rules.
When the Congress sought a meeting, the EC first tried to evade us. When we finally met, they did not say one word.
Expect to see much more of this - because for the BJP, it is far easier to fix the election than to win it.