शिव ताण्डव स्तोत्र महान विद्वान शिवभक्त लंकाधिपति रावण द्वारा विरचित भगवान शिव का स्तोत्र है।मान्यता है कि रावण ने कैलाश पर्वत ही उठा लिया था और जब पूरे पर्वत को ही लंका ले चलने को उद्यत हुआ तो महादेव ने अपने अंगूठे से तनिक सा जो दबाया तो कैलाश फिर जहां था वहीं अवस्थित हो गया ।
@ShipraTripathy I have only 2-3 pictures of mine….that too in Passport size photo look ! 🫤😐
Whenever someone clicks my picture….no smile on my face….nothing ! Living with camera shyness ! 🥲