ये एक बड़ी ग़लत फ़हमी है लोगों में कि जिनका परिवार नहीं होता वो किसके लिए मेहनत करेंगे…
जिनका परिवार नहीं होता वो परिवार वालों से ज़्यादा लालची,मतलबी,ख़ुदगर्ज़ किस्म के लोग होते हैं,
मेरे अपने परिचित में एक हैं जिनके बच्चे नहीं है,,महीने का ४-५ लाख कमाते हैं पर एक नंबर के खड़ूस हैं,ख़ुद के यहाँ काम करने वाले लोगों से घटिया व्यवहार करते हैं और एक रुपए की कभी किसी ग़रीब असहाय की मदद नहीं कि…
हम लोग अक्सर ये बात करते हैं कि ये आदमी करेगा क्या पैसे का…
यह झूठा भ्रम मत फैलाएं और जो एकता देश में बनी हैं उसपर कुठाराघात न करें !
आज़ कांग्रेस सेवादल ने CJP आंदोलनकारियों के लिए नाश्ता तैयार किया हमारी मदद कर रहें हैं !
और श्री राहुल गांधी जी ने जो किया है उससे यह स्पष्ट है कि पुरा देश अब सरकार पर दबाव बना रहा है।
नेता विपक्ष अपना कर्तव्य निर्वहन कर रहे हैं।
@GaurangBhardwa1 ज़मीनी नेता वही है जो सबसे आगे रहकर लाठी खाये,,फिर 4 पुलिस वाले उसके हाथ पैर पकड़कर ज़मीन में घसीटते हुए ले जाये,,पीठ और पिछवाड़ा ज़मीन में घिसटकर छिल जाए….
छात्रों पर हमला हर भारतीय परिवार पर हमला है।
प्रधानमंत्री मोदी को लगता है कि वो बिना जवाब दिए, बिना किसी नतीजे का सामना किए बच निकलेंगे - नहीं कर पाएंगे, इस बार तो बिल्कुल नहीं।
मैं हर उस देशभक्त भारतीय से अपील करता हूं जो मानता है कि हमारे छात्रों को न्याय मिलना चाहिए - प्रधानमंत्री आवास के सामने हमारे धरने में शामिल हों।
भारत के छात्रों की आवाज़ को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
An attack on students is an attack on every Indian family.
PM Modi believes he can get away without answers, without consequences. He cannot. Not this time.
I ask every patriotic Indian who believes our students deserve justice - join us in dharna in front of the Prime Minister’s residence.
The voice of India’s students will not be ignored.
प्रिय BJP,
भले ही यह आंदोलन राजनीतिक हो और इसमें 75% प्रदर्शनकारी पार्टी कार्यकर्ता ही क्यों न हों, लेकिन NEET पेपर लीक से छात्रों को हुई वास्तविक पीड़ा से इनकार नहीं किया जा सकता।
हर विरोध करने वाले को आतंकवादी या माओवादी बताना समस्या का समाधान नहीं है। यह रवैया अंततः उल्टा पड़ सकता है।
अहंकार और असंवेदनशीलता छात्रों, युवाओं और यहां तक कि आपके core voters को भी आपसे दूर कर सकती है।
एक सच्चे शुभचिंतक के रूप में मेरी विनम्र अपील है कि आलोचना को दुश्मनी मत समझिए और छात्रों की पीड़ा को राजनीति से ऊपर रखिए।
सिस्टम कोई अलग चीज़ नहीं है, सिस्टम भी हम लोगों से ही बनता है।
पेपर लीक करने वाला भी कोई इंसान है, और अपने बच्चों के लिए पेपर खरीदने वाला भी।
नेता विपक्ष में रहते हुए बदलाव की बातें करते हैं, लेकिन सत्ता में आते ही अक्सर वही सिस्टम का हिस्सा बन जाते हैं।
और कल जो बेरोज़गार लाठियां खा रहे थे, उनमें से कुछ अगर कल सरकारी नौकरी में आ जाएँ, तो वही लाठी बेरोज़गारों पर चलाते भी दिख सकते हैं।
जब तक सोच नहीं बदलेगी, सिर्फ चेहरे बदलने से सिस्टम नहीं बदलेगा।
अमित शाह हो या धर्मेंद्र प्रधान इनने जीवन भर बस संघटन का काम अच्छे से किया है,इनको बस वही आता है…और उसी का रिवॉर्ड इन्हें मिलता है मंत्री बनाकर…बीजेपी अब ऐसे ही चल रही है…
और वो साफ़ दिखता भी है कि इनका जनता से कोई कनेक्ट नहीं है, ना ये इतने लोकप्रिय है जैसे शिवराज या दूसरे नेता रहे है जो लोगो से जुड़े रहते थे…
#WATCH | A large number of farmers reach Shambhu Border (Punjab-Haryana border) ahead of their scheduled march to Delhi today. Visuals from Patiala (Punjab) side.
एक होता है ज़मीनी नेता जो सबसे आगे रहकर लाठी खाये,,फिर 4 पुलिस वाले उसके हाथ पैर पकड़कर ज़मीन में घसीटते हुए ले जाये,,पीठ और पिछवाड़ा ज़मीन में घिसटकर छिल जाए….
फिर आते हैं ये रील वाले नेता, इनको बस मंच पर बड़े बड़े भाषण देते हुए रील बनवाना है….
रील बनाओ, माहौल बनाओ, भीड़ जुटाओ और ग़ायब हो जाओ…