आज़ाद भारत का पहला सीएम चरनजीत सिंह चन्नी, जो जानता है कि दीवाली के मौके पर यह जो सड़क किनारे फुटपाथ पर पटाखों और दीयों की दुकानें लगती हैं, उनकी कमाई से हज़ारों घरों में दीपावली के दिये जलते हैं।
अब पंजाब में रेहड़ी पर दुकान लगाने वाले दुकानदारों को अब पुलिस परेशान नहीं करेगी
ये पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी जी हैं।
लेकिन जब बात अपने लोगों के हक की आई है, तो मुख्यमंत्री जी भी आम किसानों की तरह आंदोलन में पहुंचे और उसका समर्थन किया।
सीएम की कुर्सी पर पंजाब वालों का अपना बैठा हुआ है।
जब सरकार की नियत हो तो महकमा 21 दिनों में ही बदल सकता है।
चन्नी सरकार में पंजाब के परिवहन विभाग का फायदा रोजाना 53 लाख रूपया बढ़ गया है।
800 नए कर्मचारियों की बहाली शुरू हो गई है।
3.53 करोड़ टैक्स बकाया भी वसूल कर लिया गया है।
#आपके_जैसा_आपका_चन्नी
जब यह पता चला कि मेरे गरीब भाईयों बहनों द्वारा बिजली बिल भुगतान ना होने के कारण कुरली में बिजली काट दी गई है तो स्वयं वहां पहुंचकर बिजली खंबे पर चढ़कर बिजली कनेक्शन बहाल किया।
पंजाब में गरीबों की, आम जनता की सरकार है और कोई भी मेरे रहते उन्हें परेशान नहीं कर सकता है।
पंजाब में 25 साल से लंबित कालेजों में प्रोफेसर भर्ती की प्रक्रिया को हमारी सरकार ने महज 25 दिनों में शुरू कर दिया है।
पंजाब सरकार के विभिन्न कालेजों में 1200 प्रोफेसर एवं अन्य बहालियां जल्द से जल्द की जाएंगी।
#आपके_जैसा_आपका_चन्नी
आज पंजाब की सरकार में आपका भाई बैठा है।
आपका अपना भाई पंजाब के खजाने को लुटने नहीं देगा, ना अफसरों के हाथों, ना नेताओं के हाथों।
पंजाब का खजाना, पंजाब के लोगों पर खर्च होगा।
मुख्यमंत्री जी का ऐलान -
1 लाख से ज़्यादा सरकारी नौकरियों की नियुक्ति मेरिट के आधार होगी।
जो लोग पैसे और सिफ़ारिश करेंगे , उन पर सख़्त कार्रवाई होगी।
काम दमदार, चन्नी सरकार
#आपके_जैसा_आपका_चन्नी
सिर्फ एक महीने में पंजाब की चरणजीत चन्नी सरकार के काम
• लाखों लोगों के बिजली बिल माफ।
• रेत माफिया से निपटने के लिए गठन की टीम
• तीन लाख युवाओं को दिया रोजगार
• पंजाब में ग्रुप डी नौकरियों के लिए निकाली परमानेंट बहाली।
महज एक महीने में कर दिया कमाल, चन्नी सरकार बेमिसाल।
नेता जैसे मुख्यमंत्री बहुत देखे होंगे आपने, अब बेटा जैसा मुख्यमंत्री देखो।
परमात्मा ने जितनी उम्र और ताकत बख़्शी है, उतनी सेवा करूंगा। सरदार का बच्चा हूँ, सेवा से मुंह नहीं मोडूंगा, रब्ब राखा।
मैं इस बात पर जोर देता हूँ कि मैं महत्त्वाकांक्षा, आशा और जीवन के प्रति आकर्षण से भरा हुआ हूँ। लेकिन मैं ज़रुरत पड़ने पर ये सब त्याग सकता हूँ, और यही सच्चा बलिदान है।
शहीद ए आज़म के यही विचार मेरी राजनीति का आधार है।