क्या सेजल पवार अपनी आर्थिक स्थिति के आधार पर सेजल चतुर्वेदी, सेजल मुखर्जी या शर्मा जोशी दुबे बन जाएंगी? अगर नहीं, तो जातिवादियों, चुप रहो।
अगर हां, तो हमें बताओ कि ये सभी जातिगत उपनाम कहां से खरीदे जा सकते हैं?
हे लो @abhijeet_dipke आपको बाबासाहेब आंबेडकर को और पढ़ने की ज़रूरत है।
आजकल उनके नाम पर राजनीति हो रही है, क्योंकि लोग समझ गए हैं कि अगर किसी ने उनका भला किया है, तो वह बाबासाहेब आंबेडकर हैं।
इसलिए उनके नाम का गलत फायदा नहीं उठाना चाहिए।
पहले सिर्फ हिंदू खतरे में था, अब हिंदू की गाड़ी भी खतरे में है.
पहले मिलावटी पेट्रोल बेचने वालों को सरकार जेल भेजा करती थी, आज सरकार ख़ुद मिलावटी पेट्रोल बेच रही है…
…सरकार मिलावटी पेट्रोल क्यों बेच रही है, इससे पाकिस्तान कैसे तबाह होगा, ये जानने के लिए देखिए धुरंधर-पार्ट 3.