रुके कदम, चले कदम,
तेरी यादों में ढले कदम,
मंज़िल मिली ना, राह मिली ना,
फिर भी तुझसे हटे नहीं कदम। 💔
हँसे कभी, रोए कभी,
तेरे लिए ही खोए कभी,
तू मिला नहीं तो क्या हुआ,
तेरे ख़्वाबों में सोए कभी। 🥀
दिल टूटा तो आवाज़ न हुई,
आँखें रोईं मगर बरसात न हुई,
❤️👇
@samajwadiparty अखिलेश यादव जी, अस्पतालों में कमियां हों तो उन पर सवाल जरूर उठने चाहिए, लेकिन पूरे प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था का मूल्यांकन केवल कुछ उदाहरणों से नहीं किया जा सकता। मेडिकल कॉलेज, MBBS-PG सीटें, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और स्वास्थ्य बजट जैसे व्यापक संकेतकों को भी देखना जरूरी है।
@samajwadiparty अखिलेश यादव जी, कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है। लेकिन ऐसी बहस में वर्तमान सरकार के साथ-साथ पिछली सरकार के कार्यकाल का रिकॉर्ड, आधिकारिक अपराध आंकड़े और न्यायिक टिप्पणियां भी सामने रखी जानी चाहिए, ताकि जनता पूरी तस्वीर देख सके।
@yadavakhilesh किसी भी हत्या बेहद दुखद है और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए। लेकिन ऐसी संवेदनशील घटना को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हथियार बनाने के बजाय निष्पक्ष जांच और दोषियों को कठोर सजा की मांग होनी चाहिए। न्याय राजनीति से ऊपर है। ⚖️🙏
रुके कदम, चले कदम,
तेरी यादों में ढले कदम,
मंज़िल मिली ना, राह मिली ना,
फिर भी तुझसे हटे नहीं कदम। 💔
हँसे कभी, रोए कभी,
तेरे लिए ही खोए कभी,
तू मिला नहीं तो क्या हुआ,
तेरे ख़्वाबों में सोए कभी। 🥀
दिल टूटा तो आवाज़ न हुई,
आँखें रोईं मगर बरसात न हुई,
❤️👇
प्रकृति की हरियाली में मेंहदी का रंग खिला,
हरी भरी पत्तियों संग, मन को सुकून मिला।
हथेली पर सजा रंग, जैसे खुशियों की बहार,
मैं कर रही हूँ बस, प्यारे कान्हा का इन्तजार।
#जय_श्री_कृष्ण#द्वारिकाधीश 🙏💕
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