PM ने चुनाव के दौरान एक आम भारतीय की दुकान पर झाड़मुड़ी खा ली, इनकी नफ़रत की पराकाष्ठा देखो-
-> पहले बताया कि ये कोई दुकानवाला नहीं बल्कि SPG का जवान ही था और ये PR किया गया था।
-> जब वो झूठ नहीं चला तो TMC के गुंडे चुनाव के दौरान इस भाई को धमकाने पहुंची।
-> TMC भी हार गई तो अब इस आम भारतीय को पाकिस्तान और बंगालदेश से धमकियां दिलवायी जा रही है।
राहुल गांधी भी एक मोची की दुकान पर गए थे, खेतों में PR किया था- आपने कभी सुना की बाद में उन्हें धमकियाँ दी गई??
नहीं, और ये संविधान के रक्षक है।
काश! बिहार के लोग पढ़े लिखे होते तो वहां लौंडा नाच जैसी चीजें नहीं होती,
अब कुछ फैक्टचेकर आयेंगे और कहेंगे कि ये वीडियो तमिलनाडु का है और मैं बिहार के बारे में अफवाह उड़ा रहा
जिस देश में, हिंदुत्ववादी पार्टी के राज्य और राज में, स्टेज पर कुछ बोलने के लिए कोई काजल घंटों में अरेस्ट हो जाती है, और मंदिर पर 10000 की हिंसक भीड़ भेजने वाले क्लिपकटुए या TCS में कन्वर्ज़न-रेप-ब्लैकमेल का रैकेट चलाने वाली निदा उसी हिदुत्ववादी पुलिस को मिलती नहीं है, यह उस देश की न्यायिक व्यवस्था, पुलिस और सत्तारूढ़ दल के बारे में बहुत कुछ कहती है।
बाक़ी त्रिशूल, त्रिपुंड आदि तो चलता ही रहेगा!
अम्बेडकर के बारे में फैलाये गये मिथक और उनकी सच्चाई ?
1-मिथक-अंबेडकर बहुत मेधावी थे।
सच्चाई - अंबेडकर ने अपनी सारी शैक्षणिक डिग्रीयां तीसरी श्रेणी में पास की।
2-मिथक -अंबेडकर बहुत गरीब थे!
सच्चाई -जिस जमानें में लोग फोटो नहीं खींचा पाते थे उस जमानें में अंबेडकर की बचपन की बहुत सी फोटो है, वह भी कोट पैंट और टाई में!
3-मिथक- अंबेडकर ने शूद्रों को पढ़ने का अधिकार दिया !
सच्चाई -अंबेडकर के पिता जी खुद उस ज़माने में आर्मी में सूबेदार मेजर थे! इसके अलावा सविंधान बनाने वाली सविंधान सभा में 26sc और 33st के सदस्य शामिल थे !
4-मिथक- अंबेडकर को पढ़नें नहीं दिया गया।
सच्चाई -उस जमानें में अंबेडकर को गुजरात बडोदरा के क्षत्रिय राजा सियाजी गायकवाड़ नें स्कॉलरशिप दी और विदेश पढ़ने तक भेजा और ब्राह्मण गुरु जी ने अपना नाम अंबेडकर दिया।
5-मिथक- अंबेडकर नें नारियों को पढ़ने का अधिकार दिया!
सच्चाई- सविंधान बनाने वाली सविंधान सभा में 15 महिलाएं शामिल थी जिसमें एक दलित महिला भी शामिल थी और इन 15 महिलाओ ने संविधान बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया!
6- मिथक-अंबेडकर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे!
सच्चाई -अंबेडकर नें सदैव अंग्रेजों का साथ दिया भारत छोड़ो आंदोलन की जम कर खिलाफत की एंव जिस साइमन कमीशन ने लालालाजपत राय की हत्या की और भगतसिंह को फांसी हुई, अम्बेडकर अंग्रेजों के उस साइमन कमीशन के साथ थे एंव अंग्रेजों को पत्र लिखकर बोला कि आप और दिन तक देश में राज करिए उन्होंने जीवन भर हर जगह आजादी की लड़ाई का विरोध किया।
7-मिथक -अम्बेडकर बड़े शक्तिशाली थे!
सच्चाई- 1946 के चुनाव में पूरे भारत भर में अंबेडकर की पार्टी की जमानत जप्त हुई थी।
8- मिथक-अंबेडकर नें अकेले आरक्षण दिया!
सच्चाई- आरक्षण संविधान सभा नें दिया जिसमें कुल 299 लोग थे, अंबेडकर का उसमें सिर्फ एक वोट था, आरक्षण सब के वोट से दिया गया था और भारत में कई दलित जातियों को आरक्षण 1909 में ही दे दिया गया था !
9-मिथक-अंबेडकर ने सविंधान बनाया।
सच्चाई- अंबेडकर केवल संविधान की 16 समितियों में से सिर्फ एक प्रारूप समिति के ही अध्यक्ष थे जबकि सविंधान बनाने वाली पूरी संविधान सभा के अध्यक्ष परम् विद्वान डाक्टर राजेंद्र प्रसाद जी थे और सविंधान का मसौदा, ढांचा बी एन राव ने बनाया था !
10-मिथक-अंबेडकर राष्ट्रवादी थे।
सच्चाई-1931में गोलमेज सम्मेलन में गांधी जी से भारत के टुकड़े करनें की बात कर दलितों के लिए अलग दलिस्तान की मांग की थी।
11-मिथक- आरक्षण को लेकर संविधान सभा के सभी सदस्य सहमत थे।
सच्चाई- इसी आरक्षण को लेकर सरदार पटेल से अंबेडकर की कहा सुनी हो गई थी। पटेल जी संविधान सभा की मीटिंग छोड़कर बाहर चले गये थे, बाद में नेहरू के कहनें पर पटेल जी वापस आये थे। सरदार पटेल नें कहा कि जिस भारत को अखण्ड भारत बनानें के लिए भारतीय देशी राजाओं, महराजाओं, रियासतदारों, तालुकेदारों नें अपनी 546 रियासतों को भारत में विलय कर दिया जिसमें 513 रियासतें क्षत्रिय राजाओं की थी।इस आरक्षण के विष से भारत भविष्य में खण्डित होने के कगार पर पहुंच जाएगा।
12-मिथक-अंबेडकर स्वेदशी थे।
सच्चाई- देश के सभी नेताओं का तत्कालीन पहनावा भारतीय पोशाक धोती -कुर्ता, पैजामा-कुर्ता, सदरी व टोपी, पगड़ी, साफा आदि हुआ करता था। गांधी जी नें विदेशी पहनावा व वस्तुओं की होली जलवाई थी। यद्यपि कि नेहरू, गाधीं व अन्य नेता विदेशी विश्वविद्यालय व विदेशों में रहे भी थे फिर भी स्वदेशी आंदोलन से जुड़े रहे।अंबेडकर की कोई भी तस्वीर भारतीय पहनावा में नही है। अंबेडकर अंग्रेजियत के हिमायती थे ।
अंत में कहना चाहते हैं कि अंग्रेज जब भारत छोड़ कर जा रहे थे तो अपने नापाक इरादों को जिससे भविष्य में भारत खंडित हो सके के रुप में अंग्रेजियत शख्सियत अंबेडकर की खोज कर लिए थे।
हमारा उद्देश्य सच्चाई बयां करने की कोशिश करना है। तथ्यों की जानकारी स्वयं अपने स्तर पर भी पता कर सकते हैं। ये सभी तथ्य गूगल पर मिल जायेंगे।
🙏
In Ashoknagar, New Delhi
This man kept on mocking Hindu Dharm , Hindu Dieties .
> Mocked Mata Sita .
> Mocked Shri Krishna .
> Called Vasudev - R**dwa .
> Mocked Mahadev
and so on .. and published video on their social media channels @BahujanDastakTv .
These statements have deeply hurt our religious sentiments.
I urge @DelhiPolice@DCPSouthDelhi to file an FIR against this speaker , Social media handlers and the organisers because they are trying to create a rift and propagate hatred among people .
जगह का नाम है, वीडियो है, स्पष्ट रूप से ईशनिंदा कानून से ले कर सामाजिक वैमनस्य की धाराओं में आता है, पर @DelhiPolice से यह कंटेंट तक हटवाया न जा सकेगा। क्यों? क्योंकि गले में नीला गमछा है, पीछे नमो बुद्धाय है, और भारत बुद्ध का देश है।
पाकिस्तान ने विश्वगुरु का ख़िताब लिया-
उदित राज
पाक को दलाल कहा, स्वयंभू विश्वगुरु एक्सपोज हुआ -जयराम रमेश
आतंकी देश शांतिदूत बना -संजय सिंह
पाकिस्तान ने अहम भूमिका निभाई -महबूबा मुफ्ती
पाकिस्तान की प्रतिष्ठा बढ़ी, मोदी ज़िम्मेदार -संजय राउत
पहला प्यार, पहला प्यार होता है।
रुझान आने लगे हैं। सवर्णों के प्रति दीवारों पर लिखे भाषणों से उनके सार्वजनिक रेप और हत्या की धमकी से आगे बेटियाँ माँगने और न मिलने पर हत्या होने लगी है। 15 साल की लड़की पर जबरन विवाह का दवाब, छेड़ना और SC/ST एक्ट की धमकी। मोदी की लगाई विषबेल है ये।
What a brilliant expose of Dhruv Rathee's claims that Bhagwan Ram ate meat with authentic proofs from the Ramayan by this young boy!
He looks like a factory-reset version of Dhruv Rathee, making him taste his own medicines🔥
More power to him, he should create more content like this! 🙌
भारतीय सनातन परंपरा, संस्कृति और नवचेतना के प्रतीक हिंदू नव वर्ष, नव संवत्सर, विक्रम संवत-2083 के पावन अवसर पर प्रदेश वासियों को हार्दिक शुभकामनाएं।
यह दिवस सृष्टि के नव आरंभ, धर्म, सत्य और संस्कारों की पुनर्स्थापना का प्रतीक है। हिंदू नव वर्ष हमारी काल गणना, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रबोध को सुदृढ़ करने वाला दिन है।
आइए, नव संकल्पों के साथ सशक्त भारत, समृद्ध भारत व विकसित भारत के निर्माण में सहभागी बनें।
Shocked by the registration of FIR and sudden dispatch of urgent notice against @ajeetbharti by police under the BJP coalition govt in Bihar, over a single rude word that he used for a Congress politician five months ago. Unhinged vindictiveness.
I stand with Ajeet.