इस वीडियो ने मुझे झकझोर दिया।
ये उस भारत के लाचार युवा हैं - जिसकी सरकार अपने अरबपति दोस्तों पर लाखों करोड़ लुटा देती है, पर अपने ही छात्रों को एक सुरक्षित सफ़र तक नहीं दे सकती।
चुनाव के वक़्त यही सरकार पूरी-पूरी ट्रेनों का इंतज़ाम कर लेती है। और परीक्षा देने जा रहे छात्रों के हिस्से में आती है - भीड़, घुटन, और बेबसी।
इससे बड़ा सबूत क्या होगा कि मोदी सरकार छात्रों की गूंज सुनना ही नहीं चाहती।
पर मैं वादा करता हूँ - हम यह आवाज़ उन बहरे कानों तक पहुँचाएँगे। हर छात्र को उसका हक़ मिलेगा, उसका न्याय मिलेगा।
17 जून, कोटा। यही गूंज, अब हुंकार बनेगी।
#ChhatronKiGoonj
राहुल जी ने मोदी जी से 6 काम करवा लिए
आप तीन की बात कर रहे हो
पहले : ब्रॉडकास्ट बिल वापस हो गया
दूसरा: इंडेक्सेशन
तीसरा : डेटा प्रोटक्शन बिल
चौथा : लैंड बिल अमेंडमेंट
पांचवा :अग्निवीर 50 प्रतिशत लिए जाएंगे
कांग्रेस और बीजेपी में अंतर क्या है
तो सुनिए
कांग्रेस ने कोरोना में स्पेशल ट्रेन चलवाई
मजदूरों को घर पहुंचने के लिए
भाजपा चुनाव में स्पेशल ट्रेन चलवाती है
वोट लेने के लिए
भारत का प्रेस फ़्रीडम इंडेक्स में 157वाँ नंबर यूँ ही नहीं आया है। इसके लिए चाटुकार और चरण चूमने वाली मंडली को नाक रगड़-रगड़कर बहुत कठिन-कठिन सवाल पूछने पड़े हैं। मोदी जी इतने कठिन सवालों के जवाब देते हैं कि उस नॉर्वे वाली पत्रकार के सवाल में तो दम ही नहीं था, तभी मोदी जी बिना जवाब दिए भाग गए।
Education Minister of India must resign! Students are committing suicide because of NEET paper leak.
Cockroaches, take this forward. We need to fix the accountability.