@PMOIndia@MEAIndia@RajCMO
Please help with the same. Their flight on the 13th got cancelled, they had again booked for today which is already delayed by 7h and there is no response from the airways whether the flight will take off or not.
I strongly condemn the deliberate attack on a Hindu temple in Canada. Equally appalling are the cowardly attempts to intimidate our diplomats. Such acts of violence will never weaken India’s resolve. We expect the Canadian government to ensure justice and uphold the rule of law.
#KolkataDoctor
“So why call her bad? From her, Kings are born”
- Sri Guru Granth Saheb Ji, p.473
.... and This Was Said More Than 500 Years Ago 🙏
Jai Hind 🇮🇳
बहुत प्राइवेट स्कूल हर साल फ़ीस बढ़ा देते हैं जिससे देश के आम परिवारों को बच्चों को पढ़ाने में बहुत समस्याएँ आती हैं।
बच्चों को स्कूल से ही महँगी कॉपी, किताबें, यूनिफार्म इत्यादि ख़रीदने के लिए बोला जाता है।
Development fee /Activity fee के नाम पर अनाब शनाब पैसे वसूले जाते हैं। बच्चों को ATM मशीन बना रखा है!
आज संसद में ये ज़रूरी मुद्दा उठाया।
गठबंधन बड़े फैसले नहीं लेने देगा, कोई नहीं, छोटे लीजिए, शुरुआत नीट एंड क्लीन परीक्षाओं से कीजिए
-मुकेश माथुर
नीट में गड़बड़ी का हर अभिभावक को विचलित कर देने वाला खुलासा गठबंधन आधारित मोदी 3.0 सरकार के लिए बड़ा अवसर भी हो सकता है, नई तरह की राजनीति का। जनता ने भाजपा को 240 सीटों पर रोक दिया तो पार्टी और समर्थकों की सबसे बड़ी चिंता यही थी ना कि हो सकता है सरकार पांच साल चल जाए लेकिन जो बड़े फैसले लेने के लिए मोदी जाने जाते हैं, वैसे फैसले इस बार नहीं ले पाएं। ऐसा कहने वालों का ‘बड़े फैसलों’ से तात्पर्य धारा 370 हटाना, राम मंदिर (जो भाजपा का नहीं कोर्ट का फैसला था), पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक, सीएए कानून, तीन तलाक कानून मुख्य हैं।
पड़ोसी देश आतंक फैलाएगा तो किसी भी तरह की स्ट्राइक करने से न तो देश रोकेगा और न नीतीश बाबू। उलटे यह तो आपकी इच्छा शक्ति और स्थितियों पर निर्भर करेगा। जम्मू-कश्मीर में तीन ताजा हमलों को देखकर लोग तो अभी भी चाहते हैं कि आप पाकिस्तान को सबक सिखा ही दें। बाकी बड़े फैसलों में धारा 370 हटाना साहसिक कदम था, जबकि अन्य फैसले राजनीतिक ज्यादा थे। एक और बड़ा फैसला मेरी नजर में 163 साल पुराने अंग्रेजों के बनाए कानून बदलना था। हालांकि इसकी चर्चा सीएए और तीन तलाक जितनी नहीं हुई।
अब मोदी 3.0 में हो सकता है भाजपा की ध्रुवीकरण वाली राजनीति से जुड़े सीएए जैसे अन्य कानून लाने असंभव हो जाएं। भारतीय दंड संहिता बदलने जैसे फैसले (जो देश के लिए वाकई जरूरी हैं) भी सदन में अपने मित्रों और विपक्ष से पूछ कर लेने पड़ेंगे। लेकिन कुछ ऐसे फैसले और कदम ऐसे हैं जो आपको छोटे लग सकते हैं, जिनसे तत्काल राजनीतिक फायदा भी नहीं होगा लेकिन देश की आम जनता का जीवन बेहतर जरूर होगा। जैसे- नीट को क्लीन करना।
भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे देश (जहां हर दूसरा आदमी अनधिकृत कमाई की तलाश में रहता है) में पिछले कुछ वर्षों में परीक्षाओं का आयोजन भ्रष्ट कमाई का नया क्षेत्र बन कर उभरा है। परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियां, नेता, प्रशासक और माफिया का गठजोड़ स्थानीय परीक्षा से लेकर नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा तक में कमाई के अवसर से चूकना नहीं चाहता।
यूपी और राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षा में पेपर लीक रोकने के लिए कानून बना। लेकिन पेपर अब भी लीक हो रहे हैं। अशोक गहलोत सरकार के समय आरपीएससी की परीक्षाओं में हुई कथित धांधली में आरपीएससी मेंबर से लेकर सीएमओ और मंत्री तक पर आरोप लगे। परीक्षाओं में सेंध लगाने की तैयारी जब इस स्तर पर हो तो पेपर लीक को कौन रोक सकेगा?
जिस जनता ने मोदी को तीसरी बार चुना है, उसके असल मुद्दों पर बड़ा काम कर सरकार यह दिखा सकती है कि वक्त की जरूरत के हिसाब से उसे अपनी राजनीति की धारा बदलनी आती है। परीक्षाओं में धांधली रोकने के लिए तकनीक का ऐसा क्या इस्तेमाल हो कि परीक्षार्थी और पेपर के बीच की कड़ियां समाप्त हो जाएं? दुनिया में नीट एंड क्लीन एग्जाम की बेस्ट केस स्टडीज क्या हैं? शिक्षाविदों से सुझाव मांगें।
इसी तरह एक मुद्दा है कैंसर का। पिछले साल देश में 9.16 लाख लोगों की मौत इस पैर पसारती बीमारी से हुई है। ये मौतें 2013 की तुलना में दोगुनी हैं। कैंसर के बढ़ते मरीजों की संख्या देखें तो चीन-अमेरिका के बाद तीसरे नंबर पर भारत है। बीमारी का जल्द पता लगाना कैंसर की रोकथाम का पहला बड़ा कदम है। एक-एक देशवासी की अनिवार्य और मुफ्त जांच से शुरू करके सस्ता इलाज, फार्मा कंपनियों की मनमानी रोक कर आप राहत दे सकते हैं। कोविड जैसी महामारी का कुछ माह में टीका बना सकते हैं तो कैंसर में बड़े पैमाने पर रिसर्च को बढ़ावा क्यों नहीं दे सकते?
खाने-पीने की चीजों में मिलावट विकसित देशों में बहुत बड़ा अपराध है। किसान, व्यापारी, कंपनी... कोई भी सपने तक में नहीं सोच सकता कि ऐसी कोई चीज जिसे इंसान अपने काम में लेगा, उसमें मिलावट की जा सकती है। लेकिन हमारे यहां महज कुछ माह की सजा का प्रावधान है। इस अपराध में हत्या का प्रयास जैसी धारा जुड़नी चाहिए।
सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े भी भयावह हैं। वर्ष 2022 में कुल 4 लाख 61 हजार से ज्यादा सड़क हादसे हुए जिनमें 68 हजार लोगों की मौत हो गई।
ग्लोबल हंगर इंडेक्स। भारत 125 देशों में से 1111वें स्थान पर है।
जिंदगी से जुड़े ऐसे ही सैकड़ों मामले हैं जिनमें फैसले लेकर मोदी सरकार राजनीति और गवर्नेंस की नई परिभाषा गढ़ सकती है, मोदी पीपुल्स प्राइम मिनिस्टर हो सकते हैं।
@dainikbhaskar #modi3 #NDA #BJP #rahulgnadhi #indiaallinace #neet #NEET_पेपर_रद्द_करो
आज पटना में प्रधान मंत्री माननीय @narendramodi जी का पटना एयरपोर्ट पर बिहार प्रदेश भाजपा की ओर से स्वागत किया । मुझे देखते ही नरेंद्र भाई ने कहा ,”अरे , आर ० के० ! तुम्हारा स्वास्थ्य तो बहुत अच्छा लग रहा है ! एक दम, फिट?”
मैंने कहा ,” मान्यवर ! यह आपकी ही कृपा है । आपने मुझे मिल्लेट्स ( श्री अन्न) के काम में लगाया है , उसी का असर है । कोदो, कुटकी , कँगनी, साँवा , ज्वार, बाजरा, चीना, मडुआ, रागी उगाता हूँ, वही खाता हूँ, सबको खिलाता हूँ और देश भर में और विदेश में ही इसीका प्रचार करता हूँ ।
पद्मश्री डॉ० खादर वली के ट्रेनिंग प्रोग्राम देश भर में करवा रहा हूँ। अभी दिल्ली में बड़ा कार्यक्रम गांधी शांति प्रतिष्ठान में संपन्न हुआ । चुनाव के बाद पटना में 16,17,18 जून को पटना में करवा रहा हूँ।”
प्रधान मंत्री जी ने कहा ,” बहुत बढ़िया ।”
#modithirdterm
Hello ghusapaithiye gang ,
This is what @narendramodi ji
Changed in Kashmir .
Lal chowk Srinagar is changed
From terror Hub to tourist Hub .
Bharat Mata ki Jai
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