"दतिया में कांग्रेस पार्टी ने घनश्याम सिंह को उम्मीदवार बनाया है। दतिया का बच्चा-बच्चा जानता है कि उनके जैसे सरल स्वभाव का व्यक्तित्व किसी उम्मीदवार का नहीं है। शत-प्रतिशत घनश्याम सिंह जीतेंगे।"
- हरीश चौधरी
रंधावा जी मेरे बड़े भाई हैं वो किसी ग्रुप में नहीं हैं क्योंकि वो तो खुद राजस्थान के प्रभारी हैं.!
कल भूपेश भगेल जी अकेले में चन्नी साहब से मिलेंगे ये उन्होंने मुझे जानकारी दी है।
अब चन्नी साहब ने मीटिंग में मेरे होने न होने की शर्त रखी या नहीं रखी इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं.!
यूपी के नए प्रभारी राजेन्द्र पाल गौतम के पहले दौरे में यह जोश बहुत कुछ बयां करता है... गौतम जय भीम और बुद्ध के उपदेशों से अगर दलित वोट एकजुट कर देते हैं तो खेल ही बदल जाएगा...
जो लोग कहते थे कि अधीर रंजन चौधरी बीजेपी के साथ चला जाएगा आज उनके 90% करीबी लोग बीजेपी के साथ जा रहे हैं और अधीर रंजन चौधरी, राहुल गांधी के साथ खड़ा है
- अधीर रंजन चौधरी
INDIA गठबंधन में अब ऐसी कोई पार्टी नहीं है जो कांग्रेस को चुनौती दे सके।
कांग्रेस पार्टी की राजनीतिक स्थिति पिछले कुछ वर्षों में काफी मजबूत हुई है और आज वह INDIA गठबंधन की सबसे बड़ी और सबसे व्यापक उपस्थिति वाली पार्टी के रूप में सामने खड़ी है।
दक्षिण भारत के 5 राज्यों में से 3 राज्यों में कांग्रेस की सरकार है, जबकि तमिलनाडु में वह सहयोगी दल TVK के साथ गठबंधन का अहम हिस्सा है।
आंध्र प्रदेश में वाई.एस. शर्मिला कांग्रेस का नेतृत्व कर रही हैं और राजनीतिक हलकों में जगन मोहन रेड्डी के साथ संभावित समझौते की चर्चाएं भी समय-समय पर होती रही हैं।
उत्तर भारत और पश्चिम भारत में भी कांग्रेस की मौजूदगी मजबूत है। महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड में कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल की भूमिका में है और कई राज्यों में रनर-अप पार्टी के रूप में सबसे बड़ा विपक्षी आधार रखती है।
हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है, जबकि जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस और अब्दुल्ला परिवार के साथ उसके पुराने और करीबी राजनीतिक संबंध हैं।
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस, अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में है। वहीं झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार का कांग्रेस एक महत्वपूर्ण सहयोगी घटक है।
मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में INDIA गठबंधन को कांग्रेस पार्टी की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है। कांग्रेस अब केवल गठबंधन की एक सहयोगी पार्टी नहीं, बल्कि उसकी केंद्रीय धुरी बन चुकी है।
इसलिए आज स्थिति ऐसी बनती दिखाई दे रही है कि INDIA गठबंधन कांग्रेस पर अधिक निर्भर है, जबकि कांग्रेस की राजनीतिक पहुंच और संगठनात्मक उपस्थिति उसे अपने दम पर भी एक मजबूत राष्ट्रीय शक्ति बनाती है।
विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर नेता विपक्ष राहुल गांधी 4 और 5 जून को उत्तराखंड के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे।
राहुल गांधी विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे और पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।
भाजपा नेता और कार्यकर्ता एक साथ बिना देखे वंदे मातरम् गाकर दिखाएं. कांग्रेस के हर कार्यक्रमों की शुरुआत वंदे मातरम से होती है, जबकि भाजपा के लोग कभी इसे गाते तक नहीं थे.
- भूपेश बघेल