ये क्या हैं? एक औरत पर सरे आम हाथ उठा रहे हैं, बहरमी से मार रहे हैं, मेरे हाथ काप रहे हैं ये लिखते हुए, मेरी माँ मुझे याद आ रही हैं, @AmitShah@narendramodi यदि इस माँ को इंसाफ़ नहीं मिला तो हम कहीं मुँह दिखाने के क़ाबिल नहीं रहेंगे, कृपा कर इंसाफ़ दे। https://t.co/qK1YqYZFI1
हे तुच्छ प्राणी आपने सनातन धर्म को इतना छोटा और कमजोर मान लिया कि लोगों ने आपकी गलती को बताया तो उससे सनातन हार जाएगा।
आत्ममुग्धता से बाहर निकलो और इस भ्रम को छोड़ दो कि सनातन धर्म तुम्हारे जैसे कायर के बिना हार जाएगा ज��� कहता है कि उसे पहले जय श्री राम कहने से डर लगता था, जिसने अपना नाम बदल लिया और फिर सिर्फ़ और सिर्फ़ सनातन धर्म के नाम पर रुपय कमाने के लिए पुन: अपना नाम बदल लिया।
अब भी आपने माफ़ी नहीं माँगी है बल्कि कुतर्क पर कुतर्क किए जा रहे हो।
और ��पकी माता के लिए जो लोग अभद्र भाषा का प्रयोग लोग कर रहे है उनका पूरा विरोध है पर ये ज़रूर याद रखें कि ये वही लोग है जो कल तक आपको सपोर्ट करते थे और आप उनको और आप जिन पंक्तियों को छोटी से गलती बता रहे है वो इसी प्रकार की अभद्र भाषा को बढ़ावा देती है।
जब रावण हनुमान जी से कहता है कि “क्या ये तेरी बुआ का बगीचा है?”
तो ये भी तो एक स्त्री का अपमान ही है और वो भी हनुमान जी की बुआ का अपमान है!
शर्म होती तो बिना किंतु परंतु के माफ़ी माँगते पर आप तो निर्लज्जता के साथ बचाव कर रहे है।
और डायलॉग बदलने का निर्णय आपका नहीं बल्कि निर्माता का है ताकि नुक़सान ना हो ।
जय श्री सियाराम।
जय हनुमान।
#Adipurush