मैं आमतौर पर सेलिब्रिटीज़ को निशाना बनाने से परहेज़ करती हूँ क्योंकि वे आसान आलोचना का शिकार हो जाते हैं, और सवाल तो सत्ता से किया जाना चाहिए जिससे कि जवाबदेही सुनिश्चित हो
लेकिन जब यह सेलिब्रिटीज़ RSS जैसी एक ऐसी संस्था की तारीफ़ों के पुल बाँधने लगते हैं जो मेरे देश में नफ़रत फैलाती, लोगों को बाँटती है, तो कुछ ज्वलंत मुद्दों पर उनकी चुप्पी पर भी ज़रूर सवाल उठते हैं
• जब लोगों की लिंचिंग सिर्फ़ उनकी शक्ल या उनके खाने की वजह से होती है, तो आप चुप क्यों रहते हैं?
• जब लड़कियों के साथ बलात्कार होता है और अपराधियों को सत्ता का संरक्षण मिलता है, तो आप एक भी शब्द क्यों नहीं बोलते?
• जब सर्वोच्च पदों पर बैठे लोग हिंसा और नफ़रत को बढ़ावा देते हैं, तो आप चुप क्यों रहते हैं?
• जब किसानों को कुचला जाता है, तो आप बोलते क्यों नहीं?
• जब मणिपुर हिंसा की आग में जलता है और महिलाओं के साथ बर्बरता होती है तो आप चुप क्यों हैं?
• जब बिलकिस बानो केस के दोषियों को माला पहनाकर सम्मानित किया जाता है और जश्न मनाया जाता है, तो आप ख़ामोश क्यों रहते हैं?
• आसमान छूती महँगाई और पेट्रोल की कीमतों पर आपके वे भद्दे मज़ाक कहाँ चले गए?
• रुपए लगातार गिर रहा है और आपको कोई भी फ़िक्र क्यों नहीं है?
• इस देश में गंदे पानी से होने वाली मौतों पर आप बोलते क्यों नहीं?
• जानलेवा प्रदूषण से आपको परेशानी नहीं होती?
• खुले गड्ढों में गिरकर युवाओं की मौत हो रही है पर आपको जरा सा भी गुस्सा कैसे नहीं आता?
• असल में तो जब आपके अपने किसी साथी को बदनाम किया जाता है, तब भी आप कभी बोलने की हिम्मत क्यों नहीं करते?
अगर आप ज़रूरी ज्वलंत मुद्दों पर बोल नहीं सकते - तो कम से कम उन लोगों का महिमामंडन तो मत कीजिए जो नफ़रत फैलाते हैं और उससे फ़ायदा उठाते हैं
अन्याय के सामने खामोश रहना एक choice है, लेकिन नफ़रत को बढ़ावा देना choice कतई नहीं है
Big breaking news 🚨
संसद में राहुल गांधी ने अकेले दम पर सरकार और मंत्रियों को घेरा।
बीजेपी ने कांग्रेस की राष्ट्रभक्ति पर सवाल खड़े किए
राहुल गांधी ने जोरदार जवाब देना शुरू किया
अमित शाह और राजनाथ सिंह, ओम बिरला के साथ मिलकर उन्हें रोकने की कोशिश करते नज़र आए
डर साफ़ झलक रहा है 🔥🔥
पियूष गोयल शो पर आकर बता रहे थे यह बजट नौकरियां बनाएगा
जब रेल मंत्री थे तब 15 लाख नौकरियां बांट रहे थे
2016 के टेक्सटाइल पैकेज में 1 करोड़ नौकरियां दे रहे थे
2024 में leather और शू इंडस्ट्री में 40 लाख नौकरियां बनने का दावा कर रहे थे
जुमले बेशुमार!
एक साधारण सा सवाल पूछा गया कि इस बार के बजट में Middle Class के लिए क्या है !
निर्मला सीतारमण का जवाब सुन कर तो ‘अँधभक्तों’ को भी यक़ीन हो गया होगा कि
ये महिला ‘वित्त मंत्री’ के नाम पर मज़ाक़ है !!!
पब्लिक सोर्स होना चाहिए, चाहे वो किताब हो या मैगजीन।
यह किताब का एक अंश है, जो मैगजीन में पब्लिश हो चुका है। इसमें कोई Unauthenticated Source नहीं है तो फिर समस्या क्या है?
ऐसे में मोदी सरकार क्यों डर रही है?
: कांग्रेस महासचिव व सांसद श्रीमती @priyankagandhi जी
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के समर्थन में उतरे अखिलेश यादव।
राहुल गांधी जी पूर्व सेना प्रमुख मनोज नरवाने जी की पुस्तक की 4-5 लाइन पढ़ना चाहते थे लेकिन लोगों ने हंगामा मचा दिया और पढ़ने नहीं दी।
जवाब में अखिलेश यादव जी ने कहा कि
"अध्यक्ष महोदय चीन का मुद्दा काफी Sensitive है अगर कोई सुझाव है जो देशहित में हो तो नेता प्रतिपक्ष को पढ़ने देना चाहिए।"🔥
लेकिन लोगों ने उन्हें 4 लाइन नहीं पढ़ने दी, बाद में दो जननायक की जुगलबंदी जरूर देखने को मिली।
आदरणीय निर्मला जी
आप किस गरीब की बात कर रही है
▶️जो फ्री राशन की लाइन में लगा है
▶️एक औसतन भारतीय की आय 30000 से 32000 रूपए प्रतिमाह है
▶️जो एक लोन चुकाने के लिए दूसरा लोन ले रहा है
▶️जो एक नौकरी के लिए सड़क पर डंडे खा रहा है
▶️जो अपना इलाज ना करवाने के कारण दम तोड़ रहा है
❓आखिर वो कौन सा गरीब ही जो सोना चाँदी खरीद रहा है ?