*#RealKnowledge_Of_Gita
🎯 श्रीमद्भागवत गीता अध्याय 15 श्लोक 16, 17 के अनुसार क्षर पुरुष, अक्षर पुरुष और उत्तम पुरुष (परम अक्षर पुरुष) कौन हैं?
अवश्य पढ़ें पवित्र पुस्तक ज्ञान गंगा
RealKnowledge_Of_Gita
💥🌷In Gita Adhyay 4 Shlok 34, the giver of the knowledge of Gita asks to search for a Tatvdarshi saint.👉 watch sadhna tv 7.30pm dealy
#RealKnowledge_Of_Gitaगीता अध्याय 4 श्लोक 34 में गीता ज्ञान दाता किसी तत्वदर्शी संत की खोज करने को कहता है। आखिर कौन है वह तत्वदर्शी संत? जानने के लिए अवश्य पढ़ें अनमोल पुस्तक ज्ञान गंगा।
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Chapter 18:62 SURRENDER
exclusively unto him with your whole being, O Bharat. By his grace, you will attain perfect peace and the eternal place i.e Satlok.
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गीता अध्याय 16 श्लोक 23-24 के अनुसार जो व्यक्ति शास्त्र विधि को त्याग कर अपनी इच्छा से मनमाना आचरण (पूजा) करते हैं वह न तो सुख प्राप्त करते हैं, न उनका कोई कार्य सिद्ध होता है तथा न ही परमगति को प्राप्त होते हैं।
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श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 8 के श्लोक 16 में बताया है कि ब्रह्मलोक तक सभी लोक पुनरावृत्ति में हैं। वह कौन सा लोक है जहां जाने पर पुनरावृत्ति नहीं होती, जहां जाकर सब अमर हो जाते हैं, जानने के लिए अवश्य पढ़ें अनमोल पुस्तक ज्ञान गंगा।
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गीता अध्याय 11 के श्लोक 32 में गीता ज्ञान दाता कहता है कि मैं सभी लोकों का नाश करने वाला बढ़ा हुआ काल हूं। कौन है वह काल?
पढ़ें अनमोल पुस्तक ज्ञान गंगा।
#गीता अध्याय 4 श्लोक 34 में गीता ज्ञान दाता किसी तत्वदर्शी संत की खोज करने को कहता है। आखिर कौन है वह तत्वदर्शी संत? जानने के लिए अवश्य पढ़ें अनमोल पुस्तक ज्ञान गंगा।#RealKnowledge_Of_Gita
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SRIMAD BHAGAVAD GITA
ADHYAY 4 SHLOK 33 to 35 is that
Oh Arjun! Go to the
Tattavdarshi saints, Prostrate before them, those saints will tell the way of achieving Purna Parmatma.
- Translated by JagatGuru Tatvadarshi Sant Rampal Ji Maharaj Ji.
#गीता अध्याय 4 श्लोक 34 में गीता ज्ञान दाता किसी तत्वदर्शी संत की खोज करने को कहता है। आखिर कौन है वह तत्वदर्शी संत? जानने के लिए अवश्य पढ़ें अनमोल पुस्तक ज्ञान गंगा।
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अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव पर जानिए
गीता अध्याय 18 श्लोक 66 का भावार्थ है कि गीता ज्ञान दाता ने अपने से अन्य परमेश्वर की शरण में जाने के लिए कहा है। व्रज का अर्थ जाना है।
जानने के लिए अवश्य पढ़ें अनमोल पुस्तक ज्ञान गंगा।
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श्रीमद्भागवत गीता अध्याय 8 के श्लोक 16 में बताया है कि ब्रह्मालोक तक सभी लोक पुनरावृति में है। वह कौन सा लोक है ,जहां जाने पर पुनरावृत्ति नहीं होती ,जहां जाकर सब अमर हो जाते हैं। पढ़े पवित्र पुस्तक ज्ञान गंगा।
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#RealKnowledge_Of_Gita
पवित्र गीता जी अध्याय 2 श्लोक 12 से स्पष्ट होता है कि गीता ज्ञान दाता भी जन्म-मृत्यु में है तो उनकी भक्ति से हमारा मोक्ष कैसे सम्भव है?
अविनाशी परमात्मा और मोक्ष मार्ग को समझने के लिए आज ही निःशुल्क मंगवायें पवित्र पुस्तक ज्ञान गंगा
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🎯पवित्र गीता जी अध्याय 2 श्लोक 12 से स्पष्ट होता है कि गीता ज्ञान दाता भी जन्म-मृत्यु में है तो उनकी भक्ति से हमारा मोक्ष कैसे सम्भव है?
अविनाशी परमात्मा और मोक्ष मार्ग को समझने के लिए आज ही निःशुल्क मंगवायें पवित्र पुस्तक ज्ञान गंगा
#God gave this philosophy
He himself appeared on earth and told.
In Gita Adhyay 15 Shlok 1
The identity of a Tatvdarshi saint has been told that the saint who knows all the parts of the world-like tree from the root (root) is a Tatvdarshi saint.
#RealKnowledge_Of_Gita
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गीता अध्याय 16 श्लोक 23 व 24 में कहा है कि जो मनुष्य शास्त्र विधि को त्याग कर अपनी इच्छा से मनमाना आचरण (अर्थात) भक्ति करते हैं उनको न तो कोई सुख होता है न सिद्धि होती है न ही परम गति को प्राप्त होता है अर्थात व्यर्थ है।
फिर मोक्षदायक भक्ति क्या है?
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