RPSC RSSB बेटी को नित कोख में, मार रहा संसार।
ऐसे में कैसे मने, राखी का त्योहार।। नारी तू अबला नहीं ,स्वयं शक्ति पहचान। अपने हक को लड़ स्वयं, तब होगा उत्थान।।
अलविदा दोस्तों
कल से मार्च तक
दोस्तों मानो या मत मानो "आदत" एक बुरी बला है
ईश्वर ने इंसान के रूप में एक बेहद खूबसूरत जीवन दिया है इस पर किसी को हावी मत होने देना में कल से कुछ समय के लिए x छोड़ रहा हूं
😊क्या यह मेरा फैसला सही है दोस्तों 😊