🔱🚩राम मंदिर का विरोध किया, बाबरी मस्जिद के पक्ष में खड़े रहे, रामभक्तों पर गोलियाँ चलने के आरोपों से भी जनता परिचित है। फिर भी आज कुछ लोग खुद को सबसे बड़ा रामभक्त बताने की कोशिश कर रहे हैं।
लेकिन इतिहास इतना कमजोर नहीं कि राजनीतिक सुविधा के लिए मिटा दिया जाए। प्रभु श्रीराम के नाम का विरोध करने वालों को जनता ने बार-बार सत्ता से बेदखल किया है। यह सिर्फ राजनीति नहीं, जनभावनाओं का जवाब भी है।
आज रामभक्ति का मुखौटा पहन लेने से पुराने कर्म नहीं छिपते। जनता सब देख रही है, सब याद रख रही है, और समय आने पर जवाब भी देती है।
जय श्री राम।
उत्तराखंड के ऋषिकेश में एक घर को कथित तौर पर मस्जिद की तरह संचालित किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां बाहरी राज्यों से बड़ी संख्या में लोगों का लगातार आना-जाना होता था। समय के साथ भीड़ बढ़ने पर आसपास के निवासियों को संदेह हुआ, जिसके बाद उन्होंने विरोध जताया और प्रशासन से मामले की जांच की मांग की। घटना को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है।
जिन दरिंदों ने इस मासूम की इज्जत लूटी और उसके साथ गैंगरेप जैसा जघन्य अपराध किया, उन्हें कानून के तहत सबसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए। ऐसे अपराधियों के लिए समाज में कोई जगह नहीं है, और पीड़िता को शीघ्र न्याय मिलना चाहिए।
सबको बीच चौराहे पर गोली मारनी चाहिए, जिन दरिंदों ने इस मासूम की इज्जत लूटी है, इसका गैंगरेप किया है
2017 से पहले उत्तर प्रदेश की छवि नकारात्मक थी।
प्रदेश दंगों, माफिया राज, गुंडागर्दी और खराब कानून-व्यवस्था के कारण चर्चा में रहता था।
योगी जी की सरकार ने अपराध और माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर कानून का राज स्थापित किया।
आज उत्तर प्रदेश निवेश, विकास, एक्सप्रेसवे और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था के लिए पहचाना जा रहा है।
योगी जी के अनुसार, सुशासन और सुरक्षा ने प्रदेश की पहचान बदलने का काम किया है।
-योगी आदित्यनाथ जी 🔥🪧
अभी-अभी नकली राम भक्त बने... समाजवादी को शर्म आनी चाहिए
रामगोपाल यादव 👉🏻हिंदू जिनको रामलला कहता है, वो अवैध क़ब्ज़ाधारी हैं
हिंदू हमें वोट दें या न दे, हमें फ़र्क़ नहीं पड़ता
हमें गर्व है कि जो हिंदू मुलायम सिंह यादव की सरकार में बाबरी पर चढ़े, हमने उन्हें उतरने तक नहीं दिया (वहीं मार दिया)
समाजवादी पार्टी का महासचिव रामगोपाल यादव
जब अपने ही साथ छोड़ने लगें, तो समझ जाइए राजनीति में दरार गहरी है।
जो कल तक साथ थे, आज वही सीटों और हिस्सेदारी पर सवाल उठा रहे हैं।
2027 की राह आसान नहीं, क्योंकि चुनौती अब सिर्फ विरोधियों से नहीं, सहयोगियों से भी है।
राम भक्तों की आस्था लूटने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
चढ़ावे की चोरी करने वाले याद रखें,
योगी राज में अपराध का हिसाब भी होगा और जवाब भी।"
"मंदिर का धन हड़पकर महल खड़े करने वालों के दिन अब पूरे हुए।
आस्था के धन पर डाका डालने वालों को कानून के बुलडोजर का सामना करना ही पड़ेगा
😡वैभव सूर्यवंशी को लगातार बाहर बैठाना अब सिर्फ एक चयन का फैसला नहीं, बल्कि एक बड़ा सवाल बन चुका है। जिस खिलाड़ी ने आईपीएल, अंडर-19 वर्ल्ड कप और इंडिया-ए के लिए रन बनाकर अपनी प्रतिभा साबित की हो, उसे मौका तक न देना समझ से परे है।
सबसे हैरानी की बात यह है कि भारत आयरलैंड के खिलाफ 2-0 से सीरीज हार गया। आयरलैंड ने पहली बार भारत को किसी भी प्रारूप में हराया और फिर पहली बार टी20 सीरीज भी अपने नाम कर ली।
जब टॉप ऑर्डर लगातार फ्लॉप हो रहा था, तब भी वैभव को मौका नहीं दिया गया। अगर ऐसे समय पर भी टीम प्रबंधन एक विस्फोटक बल्लेबाज पर भरोसा नहीं कर सकता, तो फिर उसे टीम में चुनने का मतलब क्या है?
सवाल गौतम गंभीर, चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन से है। हार की पूरी जिम्मेदारी किसी एक खिलाड़ी पर नहीं डाली जा सकती, लेकिन जब टीम लगातार असफल हो रही हो और बेंच पर बैठा खिलाड़ी मौके का इंतजार कर रहा हो, तब चयन नीति पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
क्रिकेट में उम्र नहीं, प्रदर्शन बोलता है। वैभव सूर्यवंशी को कम से कम एक निष्पक्ष मौका तो मिलना ही चाहिए। क्योंकि इतिहास गवाह है कि कई बार टीम की किस्मत बदलने वाला खिलाड़ी ड्रेसिंग रूम में नहीं, बेंच पर बैठा होता है।
#VaibhavSuryavanshi
#BCCI
2027 आते-आते फिर वही सवाल होगा, वादों की भीड़ होगी, लेकिन जनता का जवाब होगा।
कुछ लोग सपने दिखाएंगे, कुछ पुराने किस्से दोहराएंगे, पर उत्तर प्रदेश की जनता विकास और सुशासन को ही चुनेगी।
हर चुनाव में उम्मीद लेकर आते हैं, और हर बार परिणाम देखकर लौट जाते हैं।
2027 में भी एक ही नारा गूंजेगा — "आएंगे तो बाबा ही!" 🚩 योगी बाबा 🔥🔥
विचारधारा बदलना अलग बात है, लेकिन राजनीतिक लाभ के लिए बार-बार चेहरे और बयान बदलना दोगलापन कहलाता है।
जो लोग कल तक आस्था, परंपरा और सनातन मूल्यों का विरोध करते थे, आज वही वोटों की राजनीति के लिए दिखावा कर रहे हैं। जनता सब देख रही है और समय आने पर कथनी और करनी का हिसाब भी करेगी।
दोगलापन ज्यादा दिनों तक नहीं चलता, क्योंकि सच देर से सही, सामने जरूर आता है।
जय श्री राम! 🚩
इतिहास भाषणों से नहीं, हस्ताक्षरों से बदलता है।
यमुना जल समझौते पर आगे बढ़ा यह फैसला आने वाले दशकों तक राजस्थान की तस्वीर बदल सकता है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उस काम को गति दी जिसे वर्षों तक टाल दिया गया।
आज का यह निर्णय आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा की मजबूत नींव बनेगा।
यही अंतर होता है राजनीति और नेतृत्व में।