पहली बार जब मिले थे
तब की पहली तस्वीर को,
आखिर में जो कुछ भी कहा
था तुमने
हर उस शब्द को ,
मैंने सम्भाल रखा है
तुमसे जुड़ी वो हर बात,
जो मुझे रोज भ्रम में रखती हैं
की मैं आज भी जीवित हूँ,
मैंने तुम्हें भी अपने हृदय में
सम्भाल रखा है
जैसे हर विद्यार्थी ++++
#मेरी_अनकही
खयाल मेरी महारानी की कलम से
वो कहते हैं मोहब्बत है तुमसे,
लेकिन मैं हर बार डर जाती हूँ
किसी पुराने ज़ख्म की तरह,
तेरी बातों में भी टूटने की आहट पाती हूँ।
तुम्हारी आँखों में सच्चाई दिखती है,
फिर भी खुद पर भरोसा नहीं होता।
दिल चाहता है थाम लूँ हाथ तुम्हारा,
पर दिमाग "फिर से मत टूटना"कहता है।
मैंने रिश्तों को बदलते देखा है,
अपने लोगों को भी दूर जाते देखा है।
इसलिए इश्क़ सुनते ही अब,
दिल धड़कता कम,सहम ज्यादा जाता है।
तुम अगर सच में मेरे हो,
तो थोड़ा सब्र करना
क्योंकि मैं मोहब्बत से नहीं,
मोहब्बत खो देने से डर जाती हूँ।