I'm back with a video after a long break.
I explain why @RahulGandhi needs that much money to be in the running for PM in 2029.
Click on the link here 👇
https://t.co/I8J8Dqt4kD
मेरा NEET Exam बहुत अच्छा गया था, लेकिन पेपर कैंसिल हो गया। उस दिन मेरे परिवार में सब रोने लगे, घर में चूल्हा तक नहीं जला।
हम छात्र मेहनत करने से नहीं डरते, इस करप्ट सिस्टम से डरते हैं।
- NEET अभ्यर्थी ने कहा
जब मोदी-ट्रंप साथ बैठे थे, तब तीन बातें हुईं 👇
1. अमेरिका ने US Indo-Pacific Command का नाम बदलकर US Pacific Command कर दिया
2. अमेरिका ने नक्शे में PoK का हिस्सा पाकिस्तान का दिखा दिया
3. US स्टेट डिपार्टमेंट ने जुलाई 2026 के वीजा बुलेटिन में भारतीयों के लिए EB-2 और EB-5 वीजा बंद कर दिया
: AICC मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन @Pawankhera जी
📍 दिल्ली
मोदी को तो मोदी ही परास्त करेंगे.
राहुल गाँधी की जिम्मेदारियां अलग हैं. अब राहुल गाँधी को इस देश का नया निर्माण करना है. हमें ऐसी व्यवस्था देनी है जिसमें लोगों को सुकून मिले. वरना एक तानाशाही जाकर दूसरी तानाशाही आ जाए, यह भी हमें स्वीकार नहीं है, तो वह काम राहुल जी को करके देना है.
उनके चरित्र हनन की हर कोशिश बीजेपी, मोदी और RSS ने इंटरनेशनल मीडिया हाउसेस और पीआर एजेंसियों के जरिए की, लेकिन अंततः राहुल गाँधी के अपने करिश्मा के उदय को वे रोक नहीं सके.
वो पढ़े-लिखे हैं. वो जांबाज़ हैं. वो निडर हैं. वो बेदाग हैं और सबसे बड़ी बात, उनमें compassion और empathy है, जो मोदी में बिल्कुल नहीं दिखती.
राहुल किसी भी आम आदमी को अपने लगते हैं, इसलिये जनता आज राहुल के साथ है. यह मानने या लिखने की नहीं, देखने की बात है.
मोदी को परास्त करना राहुल की चुनौती नहीं है. मोदी खुद अपने आप को परास्त कर देंगे, क्योंकि जो रास्ता मोदी आज चुन रहे हैं, वह विकास की ओर नहीं, विनाश की तरफ जा रहा है, भारत के लिए भी और उनकी अपनी राजनीति के लिए भी.
लेकिन भारत के सृजन की जिम्मेदारी राहुल पर है और उसे निभाने के लिए आज की राजनीति में उनसे बेहतर और योग्य व्यक्ति मुझे कोई नहीं दिखता. विपक्ष के पास अब विकल्प नहीं है कि राहुल को चुनना है या नहीं; विपक्ष को राहुल के साथ ही जाना पड़ेगा, तभी वह विपक्ष रहेगा.
- राजू पारुलेकर
गिरती टंकी समाचार : जून 2026 संस्करण
सुनने में आया है कि भाजपा राज में जहाँ-जहाँ पानी की टंकी बन रही है उसके चारों तरफ़ रहनेवाले लोगों का बीमा करने से इंश्योरेंस कंपनियों ने मना कर दिया है। दरअसल टंकी के रूप में ‘भाजपाई भ्रष्टाचार’ का पेट फट रहा है। डबल इंजन की डबल टंकी ही जब सारा पैसा कमीशन में खा जाएंगी तो ठेकेदार ऐसी ही ‘जानलेवा टंकिया’ बनाएंगे। एक दिन कहीं ऐसा न आ जाए कि ठेकेदार गत्ते की टंकी बनाकर पेमेंट लेकर निकल जाए। अगली बार जब उप्र में किसी टंकी में पहली बार पानी भरा जाए तो उसके नीचे माननीय मुख्यमंत्री जी, मंत्री जी, विभागीय उच्चाधिकारी को उसके नीचे खड़ा रखा जाए।
Have just returned home after watching the Voice of Hind Rajab and i am devastated to put it mildly. There were just about 10 people in the theater, a crying shame for a city like Mumbai
अगर निर्माण में ही बेईमानी हो गई तो क्या बचा। इसी मंदिर का उद्घाटन करने के लिए प्रधानमंत्री ने व्रत रखा था। जो लोग कमीशन माँगने खपाने में लगे होंगे वे सभी प्रधानमंत्री पर हँसते होंगे। मंदिर सुरक्षा के लिहाज़ से भी महत्वपूर्ण है तो कई तरह एजेंसियाँ सक्रिय होंगी। किसी को नहीं पता चला कि कमीशन माँगी जा रही है? इनके इनपुट में ये बात कभी नहीं आई ?