Greatest Veer Gurjara Family Ever -
> Raja Rao HariRam Gurjar
His Son > Raja Rao Bagh Singh Ji Gurjar
His Son > Maharaj Sawai Bhoj Ji Bagdawat
His Son > Visnu Avtaar Shree Devnarayan
न्हार'न की उधार को चुकरी गुटका-पाणी की
अर बर्थडे पार्टी की सोचै छै 12 महिना का बाळक की!
कोई की गाडी देखता ही जूती चाट ले
अर ब्याळू करैगा भाईचारा आळी बात'न की!
अयां तो बैरबानी कूं लाज ही कोन हुगाड़बा दे कोई कै आगै
अर इंस्टा रील डालैगा लाइक कै लिया उकी ही आंख'न की!!✒️
Sepoy Dhan Singh Gurjar भारतीय सेना के Rajput Regiment की 44th Battalion, Rashtriya Rifles (44 RR) में ��ैनात थे !जम्मू-कश्मीर में counter-terrorism operation के दौरान ऑपरेशन में उनके असाधारण साहस और कार्रवाई के लिए उन्हें Sena Medal (Gallantry) से सम्मानित किया गया...
@LSinghShekhawat @______Lambardar भाई हमने गुर्जर आंदोलन में अपने 78 भाई शहीद होते भी देखे थे। जब तत्कालीन भाजपा सरकार व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के आदेश पर गोल��बारी की गई थी गुर्जरों पर! एक लोकतांत्रिक देश में अपना अधिकार मांग रहे लोगों में से 78 लोगों को मार देना तानाशाही है और आजतक किसी को इंसाफ नहीं मिला!
नौकरी लगने पर सब "माता-पिता, व देवी-देवताओं की असीम कृपा" वाली पोस्ट डालकर धन्यवाद देते हैं पर उस बेचारे दलाल को कोई धन्यवाद नहीं देता जिसने पैसे लेके नौकरी लगवाया! it's not fair.🥲
#FeelingSadForDalals
राजेश पायलट जी गुर्जर जरूर थे लेकिन वह हमारे ब्राह्मण, बनिया ,म��ना , सभी समाजों का आदर्श वह दौसा एक दबंग नेता था ,
उन्होंने दोसा में रेल योजना लेकर आए जो दौसा से गंगापुर तक चालू की थी ,
वह टेलीफोन से बात करते थे एक फ़ोन से कर्मचारियों में दहशत हो जाती थी ,
नेताओं में नाम उन्ही का छाया था अब उनके पुत्र श्री सचिन पायलट जी भी उन्ही के पद चिन्हों पर चल रहे हैं ।
नोट -: पिछले दिनों एक इंटरव्यू में इनका नाम तो श्री @SushilAsopa जी ही बता सकते है ।
@SachinPilot
@NekadiGanesh@tribalvoice99 हम व हमारे 12 गांव पोसवालों(कोचर के डेरों) के आमजन सिर्फ राजनेताओं के मतदाता व वोट बैंक है, हमें आजाद भारत की कोई मूलभूत सुविधाएं नहीं दी जाती बस आश्वासन दिए जाते हैं "सिलिकॉन सिटी" जैसे बड़े-बड़े सपनों के!
@NekadiGanesh@tribalvoice99 बाकी सब छोड़ो अब तो डूंगर छोड़कर निकालने की बा��ें चलती है की ये पंचायत और गांव तो वनविभाग में हैं! 1966 में भारतिय वन सेवा का गठन हुआ, पर हम व हमारे पुरखे तो हजारों वर्षों से वहां डूंगर पे रह रहे हैं! तो एक 60-70 वर्ष पुराना विभाग हमें हमारी पैतृक भूमी से कैसे निकाल सकता है!?
केंद्र भी सचिन पायलेट” को पायलट जी कहते है ……!
मतलब उनकी चर्चा दिल्ली तक है , सचिन पायलेट सदैव छात्रो के हित में खड़े रहे है , शायद यही वजह है , की लोग उनको सच के लिए याद करत�� है ….!
पायलट की सादगी -
" नेता ऐसे ही बदनाम हो जाते है पर मैं ऐसा नहीं हूं, आप मेहनत से चाय बनाते है पैसे लेने ही पड़ेंगे, आप जैसे छोटे दुकानदार का नुकसान नही होना चाहिए"
500 का नोट निकालकर दुकानदार को दिया
दुकानदार बोला इस नोट को खर्च नहीं करूंगा ।
@SachinPilot@LakhrajAwana