2-RBI Assistant का एग्जाम फरवरी में हुआ। सितंबर हो गया रिजल्ट नहीं आया।
3-SBI PO ने इस साल वैकेंसी ही नहीं निकाली।
4- IBPS में लगातार घटती वैकेंसी।इस साल सबसे कम पिछले सालों की तुलना में। कोरोना एक बहाना हो सकता है।
@ravishndtv@nsitharaman@ianuragthakur
“डेटा के हिसाब से केरल में ज़्यादातर जो कन्वर्जन हुआ है, और ये लेटेस्ट रिपोर्ट का है, ज़्यादातर कन्वर्जन Hinduism में हुआ है, दूसरे हैं क्रिश्चियेनिटी और इस्लाम.”
2014 से लेकर 2022 के बीच कॉरपोरेट का कुल 14.5 करोड़ कर्ज माफ हुआ जिसे अंग्रेजी में राइट ऑफ कहते हैं।
इन नौ सालों में कुल 66.5 लाख करोड़ रुपये एनपीए हुआ जिसे अंग्रेजी में नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स कहते हैं।
बाकी देश मजबूत हाथों में तो हइये है।
हम जहां पहले पैट्रोलिंग कर सकते थे, आज नहीं कर सकते।
• 65 पैट्रोलिंग पॉइंट्स में से 26 हाथ से जा चुके हैं।
• डेपसांग में PP 10, 11-11A, 12, 13 पर अब हमारे जवान नहीं जा सकते।
• हॉट स्प्रिंग्स और गोगरा में पैट्रोलिंग प्वाइंट 15 और 17A भी नियंत्रण में नहीं हैं।
:@Pawankhera जी
दुनिया में महंगाई घटी, भारत में बढ़ी: मूंगफली तेल, कॉटन दुनिया में 24% तक सस्ते, पर भारत में 13% से ज्यादा महंगे हुए
#Business#inflation
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कपड़े के रंग पर MP के गृहमंत्री जी की भावनाएँ आहत हुई हैं। वैसे नरोत्तम मिश्रा की भावनाएं आहत होने के लिए बहुत सी वजहें हैं।
आदिवासियों पर अत्याचार के मामले। MP नं.1।नाबालिगों के खिलाफ अपराध। MP नं.1।
बुजुर्गों पर अपराध, MP ने.1।
इन पर आहत क्यों नहीं होते?
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने लिखित में माना- पिछले 5 साल में NPA 10 लाख करोड़ बढ़ गया।
मनमोहन सरकार से कई गुना ज्यादा लोनमाफी
में लगी मोदी सरकार किसपर मेहरबान है?
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