Sushant ki maut se 5 din pehle Disha ka case... 6 saal baad CBI ki nayi FIR ne sab palat diya! 😱
Bombay High Court ki fatkaar ke baad Murder + Evidence tampering me case darj.
Kya ye dono case linked the?
Sach bahar aayega? #sushantsinghrajput#dishasalian#cbienquiry#ssr
🙏 Sabhi X users se meri dil se request hai, please meri baat @iamsrk Sir tak pahucha dijiye. Mere abbu Saudi Arabia me kaam karte the aur 4 March 2026 se unse koi contact nahi ho pa raha hai. Hamara pura parivaar bahut pareshan hai. Please meri help kar dijiye 🙏🏻 @iamsrk@Saudi
आखिर कौन है स्वतंत्र भारद्वाज? 🤔
सोशल मीडिया पर चर्चा में आए इस नाम के पीछे की कहानी क्या है?
इस वीडियो में जानिए पूरी कहानी, विवाद और सामने आए अहम पहलुओं को। #swatantrabhardwaj#स्वतंत्रभारद्वाज#गुंडा
भीमटे, चोर-चम*र, नीले कबूतर, भंगी, जूते पोलिश करने वाले - ये कुछ गालियाँ हैं जो जातिवादी लोग सार्वजनिक रूप से और ऑनलाइन दलितों को दे रहे हैं।
अगर ब्राह्मणवादियों और मनुवादियों को लगता है कि ये जातिवादी गालियां देके तुम हमें चुप करा लोगे तो मेरी बात ज़रा अच्छे से, ध्यान से सुन लो!
जब भी तुम ज़हर उगलते और, तो हमें कमज़ोर नहीं कर रहे बल्कि खुद की जातिवादी मानसिकता को बेनकाब कर रहे हो।
तुम्हारे गालियों से तुम्हारी ब्राह्मणवादी और मनुवादी की सड़ी हुई सोच साफ़ झलकती है। और हर बार जब तुम बाबासाहेब, आरक्षण को और हमें गलियाँ देते हो, तुम हमें ये याद दिलाते हो कि फुले-शाहू-अंबेडकर का आंदोलन कितना ज़रूरी हैं!
साफ़ है कि संविधान और आरक्षण के ज़रिए समानता और एससी, एसटी और ओबीसी की तरक्की को ब्राह्मणवादी और मनुवादी पचा नहीं पा रहे हैं।
जब-जब ब्राह्मणवादी और मनुवादी हमें गालियाँ दोगे तब-तब हम जय भीम बोलेंगे, जय संविधान बोलेंगे!
जब-जब ब्राह्मणवादी और मनुवादी हमें नीचा दिखाने की कोशिश करोगे तब-तब हम और शिक्षित होंगे, संगठित होंगे, और आंदोलन करेंगे, जैसे बाबासाहेब ने हमें सिखाया है।
तुम्हारी घृणा और गंदी गालियां दुनिया को याद दिलाती हैं कि आज भी एससी, एसटी और ओबीसी के ख़िलाफ़ जातिगत भेदभाव कितना गहरा है, सामाजिक न्याय कितना जरूरी है, और एससी, एसटी और ओबीसी का आरक्षण कितना जरूरी है।
जय भीम 💙
जय संविधान. जय भारत 💪🏻
BIG BREAKING NEWS 🔥
नितिन गडकरी और उनके बेटों ने पर्दे के पीछे से जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन की फंडिंग की है।
मोदी और शाह जानकारी मिलने के बाद से ही गडकरी को निपटाने में लग गए हैं।
नितिन गडकरी के दोनों बेटे इथेनोल बनाने का प्लांट चलाते हैं। दोनों का मुनाफा कई सौ करोड़ सालाना से ऊपर पहुँच चुका है।
गडकरी अपने माथे पर चिपके इथेनोल का दाग धोना चाहते हैं। मौका मिलते ही जंतर-मंतर आंदोलन को पीछे से सपोर्ट करके ध्यान इथेनोल से हटाने की पूरी कोशिश की गई है।
मोदी-शाह अब भाँप चुके हैं कि जो छिछालेदारी दोनों की हुई है, संसद और सार्वजनिक मंचों से दोनों गायब हैं।
गडकरी को निपटाया जाएगा या कोई और फाँस गडकरी के गले में अटका दी जाएगी।
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