"एक पेड़ मां के नाम" लगवाकर सरकार मां का कितना सम्मान करती है, तो क्या यह वृद्ध महिला किसी की मां नहीं है??
यह वीडियो मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र छतरपुर जिले का है। कहां केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में आदिवासियों और किसानों द्वारा किए जा रहे जल सत्याग्रह और अनशन, चिता आंदोलन का है।
यह मुद्दा सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी आदिवासियों के अधिकारों, ज़मीन, जंगलों और घरों को बचाने तथा उचित मुआवज़े की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।
वीडियो में देखा जा सकता है पुलिस और सुरक्षाबलों द्वारा एक वृद्ध मां को घसीटा जा रहा है वहीं प्रदर्शनकारियों तथा सत्याग्रहियों को बलपूर्वक हटाने और हिरासत में लेने की कार्रवाई की जा रही है।
अंग्रेजी शिक्षिका नीतू मैम ने राघव चड्ढा पर तीखा बयान देते हुए कहा क��� आज राघव चड्ढा जिंदा होते तो वह जरूर छात्रों के लिए आवाज उठाते, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। उन्होंने कहा, भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।
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सलाम है उन सच्चे पत्रकारों को! जिनके कारण जंतर मंतर की आवाज़ दुनिया तक पहुँची।
अगर ये न होते तो देश अभी तक बच्चों पर हो रहे सरकार के अत्याचारों से अनजान रहता। देश सच नहीं देख पता ॥
इन्होंने सच्ची पत्रकारिता का झंडा ब���लंद रखते हुए पूरे देश को जगाया है।
ऐसे बेबाक और ईमानदार
अभिजीत दीपके :–
जंतर मंतर को बेरिकेड लगाकर बड़ी जेल बना दिया
जैमर लगा दिए
17 मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए
CP की दुकानें बंद कर दी
"एक धर्मेंद्र प्रधान को बचाने के लिए पूरी दिल्ली का जीना हराम कर दिया"
27 दिन बाद सोनम वंचूक जी ने आज अपना अनशन तोड़ दिया!!
अनशन तोड़ने के बाद सोनम वंचूक जी फिर वापिस आये दिल्ली जंतर मंतर पर!!!
अभीजीत दीपके ओर सोनम वंचूक आये जंतर मंतर पर वापिस!!
सोनम वंचूक जी के आने पर युवाओं ने लगाए इंकल��ब जिंदाबाद के नारे!!
@Wangchuk66
@abhijeet_dipke