A civil engineer,took to reporting&writing.Passion fr trekking&nature shoot.focus Human rights &Environment.A voter not a blind follower&keep fighting fr truth.
Opposition of BJP Govt whether in State or at Centre doesn't amount to Sedition.Infact any activity subversive of provisions of Constitution amount to Sedition&that is above any party or group affiliation
Supreme Court need define.
4 more Miyas arrested in Assam for anti-national posts.
So far 64 including one MLA are in jail.
People are demanding a law to revoke citizenship for such elements.
देश के हर नेता ने बड़का बाबू के बेटे की शादी में हाजरी लगाई थी.
ममता बनर्जी भी गयीं थीं, यह जानते हुए भी बड़का बाबू साहब जी के खास आदमी हैं.
विपक्ष में बैठने वाले हर नेता गए थे. केवल राहुल गांधी नही गए. तब किसी को समस्या नही हुई. बीजेपी एक पेड़ है, इस पेड़ को बड़का बाबू खाद पानी देते हैं.
बड़का बाबू के बेटे की शादी में आइस क्रीम खाने वाले नेताओं को समस्या केवल राहुल गांधी से है. इंडिया गठबंधन का नेता राहुल गांधी नही बनना चाहिए.
राहुल गांधी 100 MP लेकर बैठे हैं. नेता प्रतिपक्ष हैं. 8 राज्यों में सरकार या सहयोगी दलों की सरकार है. साहबजी और उनके दोनों बड़का लोग का नाम लेने की हिम्मत है.
प्रधानमंत्री उम्मीदवार राहुल गांधी नही बनेंगे तो क्या बड़का बाबू के बेटे की शादी में आइस क्रीम खाने वाले बनेंगे.
ईरान की अमेरिका पर जीत - 19 जून को स्विट्जरलैंड में पाकिस्तान की मध्ययस्ता में डील साइन होगी:
# अमेरिका ईरान को 300 बिलियन डॉलर का हर्जाना देगा
# अमेरिकी नेवी की नाकेबंदी 30 दिन में हटेगी
# हॉरमुज इरानी की देखरेख में 30 दिन में खुलेगा
# इरानी तेल निर्यात पर प्रतिबंध हटेगा
# ईरान परमाणु हथियार नहीं बनायेगा - दूसरे परमाणु मुद्दे ठंडे बस्ते में
# ईरान से अमेरिकी फोर्सेस की वापसी
# अमेरिका ईरान के आंतरिक मामलों में दखल नहीं देगा
# अमेरिका वेस्ट ऐशिया में फोर्सेस नहीं बढ़ायेगा
# लेबनॉन समेत सभी फ्रंट में स्थाई सीज़फायर
# अमेरिका ईरान पर नये प्रतिबंध नहीं लगायेगा
भारत के प्रधानमंत्री को बड़ा दिल दिखाते हुए इतने बड़े युद्ध को रोकने में सफल मध्यस्थता के लिए पाकिस्तान को बधाई देनी चाहिए, एक शांतिकामी नागरिक के रूप में मैं पाकिस्तान की इस भूमिका पर उसे बधाई देता हूं,,एक हमारा वाला है जिसे घूमने से ही फुर्सत नहीं है,,,!!
समाज जिसको गली दे उसको तुम कभी गाली ,
मत देना सब तो दे ही रहे हैं गाली उसको और ..
जिसको तुम गाली दे रहे हो और समाज गाली ,
नहीं दे रहा हो तो कृपया अपने ऊपर देख लेना ..!! 💯
मोदी जी इनके भरोसे ही विदेश भ्रमण करते हैं।
देश से बाहर निकलते ही या तो अंतरराष्ट्रीय कानून तहत् गिरफ्तारी सुनिश्चित होगी या जो कुछ भी यह करते रहे हैं वह इनके साथ घटित होना तय है।वैसे जुलाई के बाद खतरा जय शाह को अधिक है देश और देश के बाहर। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर।
आखिर ऐसी क्या वज़ह है अमित शाह गृह मंत्री रहते हुए 7 साल से एक भी आधिकारिक विदेशी दौरे पर नहीं गए?
P चिदंबरम जब गृह मंत्री थे तो कई अंतर्राष्ट्रीय सम्मलेन और आतंकवाद रोधी सम्मेलन मे भाग लिया था
सुशील कुमार शिंदे जब गृह मंत्री थे तो खूब विदेशी दौरे किये थे
राजनाथ सिंह जब गृह मंत्री थे तो अमेरिका रूस मे सुरक्षा सबंधी बैठकों मे शामिल हुए
लेकिन जब से अमित शाह गृह मंत्री बने हैं उनकी विदेशी यात्राएँ न के बराबर दिखाई देती हैं
क्या उन्हें प्रधानमंत्री विदेश भेजना नहीं चाहते?
या गृह मंत्री जी को क़ोई देश आमंत्रित ही नहीं करता?
या कुछ औऱ वजह है?
ताक़तवर: इंदिरा गांधी
योग्य: मनमोहन सिंह
लोकप्रिय: राजीव गांधी
वाक् कुशल:अटल बिहारी वाजपेई
निकृष्टतम अहंकारी झूठा डरपोक असफल तथा आत्म मुग्ध: नरेन्द्र मोदी।
ताक़तवर: इंदिरा गांधी
योग्य: मनमोहन सिंह
लोकप्रिय: राजीव गांधी
वाक् कुशल:अटल बिहारी वाजपेई
निकृष्टतम अहंकारी झूठा डरपोक असफल तथा आत्म मुग्ध: नरेन्द्र मोदी।
ईमानदारी से बताना सबसे प्रिय लोकप्रिय ताकतवर प्रधानमंत्री कौन है
1=नरेंद्र मोदी जी
2= अटल बिहारी वाजपेई
3= इंदिरा गांधी
4= मनमोहन सिंह
5= राजीव गांधी
अपनी राय कमेंट में कमेंट दे।
आजकल ईश्वर भी कन्फ्यूज्ड हैं कि वो मंदिर-मस्जिद में रहते हैं, कॉरपोरेट ऑफिस में या किसी चुनावी घोषणापत्र में।
भारत में आस्था अब मोक्ष का मार्ग कम, और मुनाफे का सबसे सॉलिड बिजनेस मॉडल ज्यादा बन चुकी है।
एक तरफ 'भक्ति स्टार्टअप्स' हैं, जहाँ वीआईपी दर्शन के नाम पर भगवान से मिलने की प्रीमियम सब्सक्रिप्शन फीस वसूली जा रही है। जितना बड़ा चंदा, उतनी जल्दी पापों से नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC)।
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दूसरी तरफ, सियासत के 'सेल्समैन' हैं जो हर चुनाव से पहले धर्म की ऐसी नई पैकेजिंग लाते हैं कि आम जनता महंगाई भूलकर आस्था के नशे में झूमने लगती है।
नारों मे मदमस्त चैतन्य महाप्रभु बन नाचते गाते और फिर बेहोश हो जाते हैं।
होश आने पर फिर वही प्रक्रिया…
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नेताओं के लिए जनता अब नागरिक नहीं, बल्कि 'वोट बैंक का कल्ट' बन चुकी है। चमचमाते टीवी चैनलों पर धर्म के ठेकेदार और सियासतदान मिलकर ऐसा 'प्राइम-टाइम सर्कस' चलाते हैं, जहाँ आस्था की आड़ में नफरत का टर्नओवर दोगुना हो जाता है।
गरीब थाली पीटता रह जाता है और ऊपर बैठे लोग उसी थाली से अपनी सियासत का हलवा खाते हैं।
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आस्था और सियासत के इस खतरनाक कॉकटेल पर मशहूर शायर दुष्यंत कुमार साहब लिख गए हैं…
"कहाँ तो तय था चराग़ाँ हर एक घर के लिए,
कहाँ चराग़ मयस्सर नहीं शहर के लिए।
यहाँ दरख़्तों के साये में धूप लगती है,
चलो यहाँ से चलें और उम्र भर के लिए।"
आप लोग तब तक पोस्ट पढ़िए मैं चढ़ावा चढ़ाकर आता हूं… जय श्री राम !!!
पूरी अन्ना ब्रिगेड ने कथित कोयला घोटाले के नाम पर यह सुनिश्चित किया कि कांग्रेस हार जाए।
बाद में पता चला कि वह सब झूठ था।
अब 40 लाख टन कोयला गायब है और कोई भी इस पर सवाल नहीं उठा रहा है।
हम इस हद तक फंस चुके हैं। सरकार कुछ भी करके बच निकल सकती है।
यह मंदिरों का पैसा ही है जो सरकारी ख़ज़ानों को भरकर देश और व्यवस्था की बुनियादी रीढ़ बनकर खड़ा रहता है।" और इन्हीं पैसों से नीले कबूतरो को 5 किलो राशन देती है सरकार