झारखंड : District Agro-Meteorology Units से 400 लोगों को बेरोजगार दिया।
ये डीएएमयू बंद करना, ये सिर्फ नौकरियों का नहीं, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मसला है।
80% छोटे और सीमांत किसान हैं, जो इन इकाइयों पर निर्��र थे। अब ये बंद हो गए, तो क्या होगा? मौसम की जानकारी नहीं मिलेगी, फसलें बर्बाद होंगी, और फिर? फिर वही पुरानी कहानी, किसान कर्ज में डूबेगा, और सरकार हाथ फैलाएगी।
@BhajanlalBjp Sandar visit #Marudhar ke phle CM jinhone kisan hit ke liye visit kiya or umid krte h kisano ki smsya pr aml kiya jayega.
भटनेर की धरती पर
!! खम्मा घणी 🙏
!! ਜੀ ਆਇਆ ਨੂੰ🙏
On record:
@moesgoi Secy M Ravichandran tells @PTI_News govt is planning a solid framework to continue the work of DAMUs that provided block-level #weather-based crop advisories to #farmers before their closure last year on Niti Aayog's recommendations
@coolcarni#agriculture
आदरणीय कृषि मंत्री @ChouhanShivraj जी,
देश में सक्रिय 199 कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs) में स्थापित जिला कृषि-मौसम इकाइयों (DAMUs) को बंद करने के निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए।
DAMUs द्वारा किसानों को मौसम आधारित कृषि सलाहकार सेवाएँ दी जाती हैं, जो जलवायु परिवर्तन और मौसम की अनिश्चितताओं के समय अत्यंत आवश्यक हैं। ये इकाइयाँ PMFBY को भी मजबूत करती हैं, कृ��ि लागत घटाती हैं और किसानों की आय व उत्पादकता बढ़ाने में मदद करती हैं।
कृपया किसानों के हित में DAMUs की सेवाएँ जारी रखें। @DrJitendraSingh
हम केंद्र सरकार से मांग करते हैं कि 199 कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs) में स्थापित जिला कृषि-मौसम इकाइयों (DAMUs) की सेवाओं को बंद करने के निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए और इन्हें जारी रखा जाए। कृषि क्षेत्र में मौसम आधारित कृषि सलाहकार सेवाओं का महत्व दिनों-दिन बढ़ता जा र���ा है, विशेष रूप से जब हम वर्तमान में जलवायु परिवर्तन और मौसम की अनिश्चितताओं का सामना कर रहे हैं। DAMUs ने किसानों को सूक्ष्म/ब्लॉक स्तर पर मौसम पूर्वानुमान आधारित सलाह प्रदान करके उनके कृषि कार्यों में बेहद मदद की है। इन इकाइयों द्वारा प्रदान की जाने वाली सलाह किसानों को उपयुक्त किस्म का चयन करने, सही समय पर बुआई करने, सिंचा�� की आवश्यकता, रासायनिक उर्वरक और कीटनाशकों का सही उपयोग, और फसल की कटाई के समय के बारे में मार्गदर्शन करती है। इस प्रकार, ये इकाइयाँ किसानों को जलवायु परिवर्तन और मौसम संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण उपकरण प्रदान करती हैं, जिससे न केवल उनकी कृषि उत्पादकता बढ़ती है, बल्कि उनकी लागत भी कम होती है।
इसके अतिरिक्त, जिला कृषि-मौसम इकाइयाँ प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना (PMFBY) के तहत फसल बीमा लागत को भी कम करने में मदद करती हैं, क्योंकि ये इकाइयाँ किसानों को सही समय पर मौसम के बारे में जानकारी देती हैं, जिससे वे अपनी फसल के लिए बेहतर तैयारी कर पाते हैं और बीमा के लिए उचित दावा प्रस्तुत कर सकते हैं। यह पहल किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और उनके जीवनस्तर में सुधार करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। अगर DAMUs को बंद कर दिया जाता है, तो इसके सीधे-सीधे नकारात्मक प्रभावों ���ा सामना कृषि क्षेत्र को करना पड़ेगा, जिसमें कृषि उत्पादन में कमी, किसानों की आय में गिर��वट और खाद्य सुरक्षा पर खतरा शामिल होगा।
हम सरकार से निवेदन करते हैं कि वे DAMUs की सेवाओं को बिना किसी विघ्न के जारी रखें, क्योंकि यह कदम किसानों की भलाई, कृषि क्षेत्र के विकास और देश की खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य है। इन इकाइयों का संचालन न केवल किसानों के लिए बल्कि समग्र कृषि विकास के लिए भी फायदेमंद है।
@narendramodi
@DrJitendraSingh
@PMOIndia
@ChouhanShivraj
@NITIAayog
Good news DAMUs work played crucial role in minimizing crop losses through real time agromet advisories to crores of farmers. But Till Date No Official Letter/OM is received regarding the Revival of DAMUs to us @PTI_News@rishpardikar@Jairam_Ramesh@nitin_gadkari@coolcarni
I am deeply concerned about the proposed closure of 199 DAMUs. These units provide essential weather forecasts and agricultural advisories to farmers, reducing crop losses and improving incomes. Automated systems cannot replace the invaluable personalized support from agromet staff. We must retain and strengthen these services to protect our farmers and food security. @NCPspeaks #SupportFarmers
@NCP_Parliament@NCP_NMCspeaks