@REAL___HINDUVT
नमस्कार बडे भाई,
एक सवाल पूचना हे , अपने इतिहास को
रस की तऱ्हा पिया हे।
ये लोग जभि सावरकर जी की तपस्वी देखते हे,
तूरांत केहते हे , २५ या ६० रुपये पेन्शन लेते थे।
कोई 'किताब या कोई डोकुमेन्ट हे , जीस मे सचाई पता चले । क्या वो लेते थे।
अपका किमती समय लेरहा हू ।
2004 से 2026 तक 54 विदेशी यात्राएँ…
12 से अधिक देशों के दौरे…
लंदन, मिलान, बर्लिन, दोहा, दुबई, वियतनाम जैसे लगातार इंटरनेशनल ट्रिप्स…
इन दौरों में चार्टर्ड फ्लाइट्स, 5-स्टार होटल, सिक्योरिटी, लक्ज़री ट्रांसपोर्ट और बड़े-बड़े इवेंट्स शामिल रहे। अनुमानित खर्च ₹60 करोड़+ बताया जा रहा है, लेकिन सार्वजनिक रूप से घोषित खर्च सिर्फ ₹11 करोड़+ के आसपास दिखाई देता है।
तो सवाल उठना स्वाभाविक है — बाकी पैसा कहाँ से आया?
अगर यह निजी खर्च था, तो आयकर रिटर्न में पूरा विवरण क्यों नहीं दिखता?
अगर पार्टी खर्च था, तो कांग्रेस के ऑडिटेड अकाउंट्स में इसकी स्पष्ट एंट्री कहाँ है?
और अगर किसी विदेशी संस्था, नेटवर्क या थिंक टैंक से सहयोग मिला, तो क्या FCRA नियमों का पालन किया गया?
लोकतंत्र में सवाल पूछना गलत नहीं होता।
देश सिर्फ पारदर्शिता और पूरा Money Trail जानना चाहता है।
#WhoFundsRahul
Kolkata, West Bengal: HPCL Petrol Pump Owner, Tollygunge, Shalini Sen says, "Yesterday evening, when I had gone home, around 30–40 miscreants from the previous regime came to the petrol pump in an intoxicated state. They threatened my manager regarding the parking of a large fuel tanker, saying they would give only 10 minutes to remove it or they would create a disturbance. My manager called me and asked what to do..."
अब सच में पानी सिर के ऊपर निकल चुका है। 2023 में Rahul Gandhi का लद्दाख दौरा याद है। उस दौरे को लेकर अब नया दावा किया जा रहा है।
राहुल गांधी एक ऐसे शख्स को चीन बॉर्डर के पैंगॉन्ग त्सो तक लेकर गए, जिसका कनेक्शन George Soros और पाकिस्तान से जुड़ा बताया जाता है।
कैसे? पूरी वीडियो ध्यान से समझिएगा।
सूत्रों के अनुसार, इस ट्रिप में राहुल गांधी के साथ तीन विदेशी नागरिक गए थे। उनमें से एक था शाकिर मुहम्मद नुराली मेराली। शाकिर Lightrock नाम की इन्वेस्टमेंट फर्म में अफ्रीका के मैनेजिंग पार्टनर हैं।
Lightrock क्या है?
साल 2013 में सोरोस की कंपनी ने भारत में Aspada Investment के नाम से एक इन्वेस्टमेंट फर्म खड़ी की। पैसा पूरा का पूरा सोरोस का था, यानी कंट्रोल भी सोरोस का।
2019 में इस Aspada को LGT ग्रुप ने खरीद लिया और नाम बदलकर Lightrock रख दिया। लेकिन हकीकत नहीं बदली—सिर्फ नेम प्लेट बदली, अंदर का सिस्टम वही रहा। वही सोरोस का बनाया हुआ ढांचा, पैसा और नेटवर्क।
क्योंकि Lightrock और SIDF इस रीब्रांडिंग के बाद भी भारत में साथ-साथ निवेश करते रहे। 2021 का एक लीगल दस्तावेज भी सामने आता है जिसमें Lightrock और SIDF ने एक साथ निवेश किया है।
अब बात शाकिर की—
साल 2012 से 2016 तक, Lightrock से पहले, वह दुबई में एक पाकिस्तानी कारोबारी की कंपनी Abraaj Group में मैनेजिंग डायरेक्टर था, जो बाद में घोटालों में डूबकर खत्म हो गई।
Abraaj पाकिस्तान की सबसे बड़ी बिजली कंपनी K-Electric को कंट्रोल करती थी और 2016 में उसे चीन की सरकारी कंपनी को लगभग 1.5 अरब डॉलर में बेचने की कोशिश हुई थी। यह पाकिस्तान की सबसे बड़ी स्ट्रैटेजिक डील्स में से एक थी—पावर इंफ्रास्ट्रक्चर सीधे बीजिंग के हाथ में जाने वाला था।
हालांकि यह डील पूरी नहीं हो सकी। आरोप लगे कि इसे पास कराने के लिए रिश्वत, राजनीतिक फंडिंग और गंदे खेल हुए। कहा जाता है कि Abraaj ने नवाज शरीफ और शहबाज शरीफ को 20 मिलियन डॉलर ऑफर किए।
इन सब के बीच, राहुल गांधी के साथ लद्दाख जाने वाला शख्स—शाकिर—Abraaj की सीनियर लीडरशिप में शामिल था।
शाकिर का निवेश उन जगहों पर ज्यादा है जहां चीनी एंटरप्राइजेज का दबदबा है।
2018 में केनिया की KETRACO ने रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन के लिए चीनी कंपनी के साथ 240 मिलियन डॉलर की डील की।
शाकिर नैरोबी की स्टार्टअप Ilara Health में एंजल इन्वेस्टर हैं, जिसमें चीनी फंड Shaka VC का पैसा लगा है।
यानि साफ है—जहां-जहां शाकिर या उनकी कंपनी ने निवेश किया, वहां उनके दो साथी मौजूद रहे: सोरोस और चीन।
अब सवाल ये है—
राहुल गांधी ने चीन बॉर्डर के फ्लैश पॉइंट पैंगॉन्ग त्सो को ही क्यों चुना? 🤔
अब इन डॉट्स को जोड़िए—
राहुल गांधी, जिनके सोरोस से रिश्तों की चर्चा होती रही है।
शाकिर, सोरोस-फंडेड कंपनी से जुड़ा।
राहुल गांधी—चीन पर नरम रुख के आरोप।
शाकिर—चीनी नेटवर्क से जुड़ा बिजनेस प्रोफाइल।
क्या ये महज इत्तेफाक है? 🤨
पूरी ट्रिप अब बेहद गंभीर सवाल खड़े करती है, आखिर राहुल गांधी लद्दाख ट्रिप पर किसे लेकर गए थे? ❓
देश जवाब चाहता है 🇮🇳🔥
#Ladakh #NationalSecurity #RahulGandhi
What a brilliant expose of Dhruv Rathee's claims that Bhagwan Ram ate meat with authentic proofs from the Ramayan by this young boy!
He looks like a factory-reset version of Dhruv Rathee, making him taste his own medicines🔥
More power to him, he should create more content like this! 🙌
"विधानसभा चुनाव से पहले राहुल गांधी और प्रियंका गांधी हिमाचल प्रदेश में एक दिखावटी 'खटाखट' मॉडल लेकर आए थे
इस दिखावटी मॉडल ने ऐसी गड़बड़ी पैदा कर दी कि हिमाचल प्रदेश की स्थिति बिगड़ गई।
हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस ने आम लोगों की जेब पर हमला किया है..."
अनुराग ठाकुर🔥
यह पूरा वीडियो है जब गटर छाप जीबी रोड का पैदाइश कांग्रेस प्रवक्ता आलोक शर्मा शुरू से भारतीय सेना के रिटायर्ड कर्नल दानवीर सिंह को भ$वा और न जाने क्या-क्या बोल रहा था
और अंत में जाते-जाते भो $ ड़ी का बोल कर गया
यह कांग्रेस के संस्कार हैं उस कांग्रेस के जहां विदेशी मेहमानों के सामने नंगा होना बड़ा गर्व की बात मानी जाती है
अभी तो कांग्रेस ने पुरुष सदस्यों को नंगा किया है भविष्य में कांग्रेस अपने महिला सदस्यों को भी नंगा कर सकती है क्योंकि कांग्रेस के यही संस्कार है
कांग्रेस से गटर छाप गंदी नाली है
कांग्रेस से और कांग्रेसियों से दूर रहिए
Throw this clip on the face of pidiots like Nayak & Shrinate when they mock the PM for his vernacular roots
Remind them that they report to a low IQ clown who can't even answer scripted questions 💀
"I will never apologize!" 🗣️🤡 Meanwhile, the entire ecosystem has a premium, unlimited subscription to the "Sorry" button in Indian courts.
Spread fake news, get sued, beg for forgiveness—rinse and repeat. The absolute state of the opposition! 😂
अब सच में पानी सिर के ऊपर निकल चुका है। 2023 में Rahul Gandhi का लद्दाख दौरा याद है?
उस दौरे को लेकर अब एक नया दावा किया जा रहा है कि राहुल गांधी चीन बॉर्डर के पैंगोंग त्सो तक एक ऐसे शख्स को साथ लेकर गए, जिसका कनेक्शन George Soros और Pakistan से जुड़ा बताया जा रहा है।
आखिर कैसे? 🤔
सूत्रों के अनुसार, इस ट्रिप में राहुल गांधी के साथ तीन विदेशी नागरिक भी गए थे। उनमें से एक था शाकिर मुहम्मद नुराली मेराली। शाकिर Lightrock नाम की निवेश फर्म में अफ्रीका का मैनेजिंग पार्टनर बताया जाता है।
Lightrock क्या है?
साल 2013 में George Soros से जुड़ी कंपनी ने भारत में Aspada Investment के नाम से एक निवेश फर्म बनाई थी। कहा जाता है कि इसमें पूंजी सोरोस से जुड़ी थी। 2019 में इस फर्म को LGT Group ने खरीद लिया और इसका नाम बदलकर Lightrock कर दिया गया।
हालांकि, आरोप लगाने वाले कहते हैं कि नाम बदला, लेकिन नेटवर्क और निवेश की संरचना वही रही। कहा जाता है कि Lightrock और SIDF ने भारत में संयुक्त निवेश भी किए।
बताया जाता है कि शाकिर 2012 से 2016 तक Lightrock से पहले दुबई में एक पाकिस्तानी कारोबारी की कंपनी Abraaj Group में मैनेजिंग डायरेक्टर था, जो बाद में वित्तीय घोटालों के कारण बंद हो गई।
Abraaj पाकिस्तान की बिजली कंपनी K-Electric में हिस्सेदारी रखती थी। 2016 में इसे चीन की सरकारी कंपनी को बेचने की कोशिश की गई थी। इस डील को लेकर रिश्वत और राजनीतिक फंडिंग के आरोप भी सामने आए थे, हालांकि यह डील पूरी नहीं हो सकी।
आरोप यह भी लगाए जाते हैं कि इस दौरान पाकिस्तान की राजनीति से जुड़े नामों का भी जिक्र हुआ। इसी बीच सवाल उठाए जा रहे हैं कि राहुल गांधी के साथ लद्दाख जाने वाला व्यक्ति उसी नेटवर्क से जुड़ा रहा।
कुछ लोग यह भी दावा करते हैं कि शाकिर के निवेश उन क्षेत्रों में रहे, जहां चीनी कंपनियों की मौजूदगी अधिक रही है। उदाहरण के तौर पर अफ्रीका और केन्या की कुछ परियोजनाओं का उल्लेख किया जाता है।
अब सवाल उठाए जा रहे हैं कि:
👉 राहुल गांधी ने चीन सीमा के संवेदनशील क्षेत्र पैंगोंग त्सो को ही क्यों चुना?
👉 इस यात्रा में विदेशी नागरिकों को साथ ले जाने का उद्देश्य क्या था?
👉 क्या यह सिर्फ एक सामान्य यात्रा थी या इसके पीछे कोई और कारण?
आलोचक इन तथ्यों को जोड़ते हुए गंभीर सवाल उठा रहे हैं। वहीं, इस विषय पर आधिकारिक या स्वतंत्र जांच की कोई स्पष्ट पुष्टि सामने नहीं आई है।
आखिर सच क्या है? 🤨
यह सवाल अभी भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि राहुल गांधी लद्दाख ट्रिप पर किसे घुमा रहे थे — एक सामान्य कारोबारी को या फिर यह मुद्दा सिर्फ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा है? 🇮🇳
अब आप ही बताइए…
यह असली मुद्दा है या फिर चुनावी मौसम का “ट्रेलर”? 😉🇮🇳
देश के अंदर गौ रक्षकों कि इसलिए जरूरत है।
देखिए कैसे “बीफ माफिया” गौमाता की तस्करी करते है।
आप सोच भी नहीं सकते,कैसे कैसे हथकंडे अपनाए जा रहे है।
फिर बोलते हो गौरक्षक गुंडागर्दी क्यो करते है।
अभी भी समय है,सुधर जाओ।
हमने अरब का धर्म और कल्चर अपना लिया था।
हम हिंदू थे, सारी जमीनें हिंदुओं की थी।
मुसलमानो ने हिंदुओं का कत्ल ए आम किया, उनका जमीन जायदाद स्कूल कॉलेज छिन लिए।
उनके ही देश में उन्हें गुलाम बनाया।
आज भी वही नारे लगा रहे हैं कि हिंदुओं का सबकुछ छीन कर यहाँ से भगा देंगे: अरशद महमूद, पाकिस्तानी लेखक