एक भारतीय महिला होने का क्या मतलब है?
मैं जानना चाहता हूँ कि आप क्या महसूस करती हैं।
समाज की नहीं, परिवार की नहीं - आपकी अपनी आवा��़ क्या कहती है?
आपके संघर्ष, आपकी रुकावटें, आपका नज़रिया और आपके सपने।
आपकी कह��नी क्या है? सबसे जवाब की उम्मीद कर रहा हूं।
22 अगस्त | महिला विशेष महारैली
📍AISSMS कॉलेज ग्राउंड, पुणे
#ChhatronKiGoonj
Mama,
I last saw you and Papa together more than 35 years ago. Since the day Papa left, I have watched you face everything life threw at you with never-ending courage and dignity. Only Priyanka and I really know what you have been through, and how difficult your life after Papa truly was.
I am happy, and so proud, that your story - “Belonging: A Journey of Love” - will finally be read by the millions of people who love you. I know how hard it was for someone as private as you to tell the world your beautiful story.
Today, on his birthday, I can see Papa smiling and looking down proudly at his beautiful Sonia.
Love,
Rahul
झारखंड के छात्रों और राज्य सरकार के बीच सहमति बनी, और छात्रों ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त की - यह ख़बर सुनकर बहुत खुशी हुई।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी और झारखंड सरकार ने बातचीत का रास्ता चुना, और समाधान निकाला। छात्रों ने संयम रखा, और अपनी बात मनवाई।
यही सही तरीक़ा है - छात्र सवाल पूछें, तो जवाब मिलना चाहिए।
हम देश के हर छात्र क��� साथ खड़े हैं। और हम इस वसूली तंत्र को जड़ से बदलकर रहेंगे - ताकि हर छात्र को उसकी मेहनत का पूरा फल और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा का हक़ मिले।
पूरे देश में ये system बदलेगा - अब ऐसी व्यवस्था बनेगी जो छात्रों को आगे बढ़ाए, उन्हें पीछे न खींचे।
केन-बेतवा परियोजना के खिलाफ सत्याग्रह कर रहे आदिवासी भाई-बहनों की समस्याएं, मांगें, संघर्ष और आपबीती - उनकी जुबानी।
सालों से सिर्फ़ अपने अधिकारों के लिए अन्याय और अत्याचार सह रहे ये बुंदेलखंड निवासी सम्मान और समर्थन के हक़दार हैं।
आदिवासी भाई-बहनों की इस लड़ाई में, मैं और कांग्रेस उनके साथ हैं।
विश्व आदिवासी दिवस पर देश के सभी आदिवासी भाई-बहनों को हार्दिक शुभकामनाएं।
आदिवासी इस देश के पहले मालिक हैं - उनकी ऐतिहासिक संस्कृति भारत की अमूल्य धरोहर है।
जल, जंगल और ज़मीन पर उनके अधिकार के साथ आदिवासी अस्मिता और सम्मान की लड़ाई में हम हमेशा उनके साथ खड़े हैं।
झारखंड में विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों के ख़िलाफ़ बल का इस्तेमाल ग़लत है।
छात्रों को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार है और बातचीत से ही समाधान निकल सकता है।
झारखंड सरकार को इन छात्रों की बात सुननी चाहिए और हर समस्या का तुरंत समाधान करना चाहिए।
The use of force against students protesting in Jharkhand is wrong.
Students have a right to peaceful protest, and only dialogue can yield solutions.
The Jharkhand government must continue to hear these students out and resolve their issues immediately.
न प्रधानमंत्री मोदी, न गृह मंत्री अमित शाह में हिम्मत है कि वो संसद में आकर हमारे छात्रों पर हुई बर्बरता पर जवाब दें।
भारत के छात्रों के लिए यह एक साफ़ संदेश है - उन्हें नहीं लगता कि आप पर हुई हिंसा उनकी किसी टिप्पणी के भी लायक है।
देश के छात्रों ने system के फैलाए अ���धेरे के बीच, अपने डर का सामना कर, रौशनी की मशाल जलाई है।
ये मशाल अब पूरे देश को अपने अधिकारों का रास्ता दिखा रही है।
BJP-RSS और अडानी के System को अब खतम, tata, bye-bye कहने का वक्त आ गया है।
रिजिजू जी, संसदीय कार्य मंत्री होने के नाते आपसे बेहतर यह कौन जानता होगा - महिला आरक्षण विधेयक 2023 में ही सर्वसम्मति से पारित हो चुका है, कांग्रेस के पूर्ण समर्थन के साथ।
सवाल यह है कि तीन साल बाद भी वह लागू क्यों नहीं हुआ और अब आप उसे परिसीमन से बेवजह क्यों जोड़ना चाहते हैं?
2023 का क़ानून लागू कीजिए। बिना किसी शर्त के।
मोदी जी, करोड़ों छात्रों का भविष्य बर्बाद करने के बाद अब आधी रात की Reel से उनका वक़्त बर्बाद मत कीज��ए।
प्रधान बर्ख़ास्त। दोषियों पर कार्रवाई। छात्रों से माफ़ी।
इससे कम कुछ भी मंज़ूर नहीं।
मोदी जी, अपने "फ्रैंड" को एक मंत्रालय से हटाकर दूसरे में बैठाकर बचाने की आपकी साज़िश देश के छात्रों और भारत की जनता को मंज़ूर नहीं।
धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और देश की education system की बर्बादी क�� चिन्ह और अनेक छात्रों की मौतों के ज़िम्मेदार हैं।
उन्हें अब किसी और की ज़िंदगी उजाड़ने नहीं देंगे। धर्मेंद्र प्रधान को कैबिनेट से जाना ही पड़ेगा - ये non-negotiable demand है।
मेट्रो बंद करो।
रास्ते बंद करो।
दुकानें बंद करो।
Internet बंद करो।
खाना बंद करो।
अपना हक़ मांग रहे छात्रों के ख़िलाफ़ सरकार ने ये क्रूर कदम उठाए।
बस एक चीज़ बंद नहीं कर पाए, मोदी जी - पेपर लीक।
छात्रों पर हमला हर भारतीय परिवार पर हमला है।
प्रधानमंत्री मोदी को लगता है कि वो बिना जवाब दिए, बिना किसी नतीजे का सामना किए बच निकलेंगे - ��हीं कर पाएंगे, इस बार तो बिल्कुल नहीं।
मैं हर उस देशभक्त भारतीय से अपील करता हूं जो मानता है कि हमारे छात्रों को न्याय मिलना चाहिए - प्रधानमंत्री आवास के सामने हमारे धरने में शामिल हों।
भारत के छात्रों की आवाज़ को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
An attack on students is an attack on every Indian family.
PM Modi believes he can get away without answers, without consequences. He cannot. Not this time.
I ask every patriotic Indian who believes our students deserve justice - join us in dharna in front of the Prime Minister’s residence.
The voice of India’s students will not be ignored.