अध्याय 6 श्लोक 16 में बताया है कि बिल्कुल नए खाने वाला अर्थार्थ व्रत रखने वालों की भक्ति असफल होती है। गीता अनुसार व्रत रखना निषेध बताया है।
#गीतासार अवश्य देखिए साधना चैनल पर 7:30 PM से
असली #गीतासार गीता ज्ञान दाता काल भगवान कह रहा है कि है अर्जुन हम सब यानि(मैं और तु सर्व प्राणी) जन्म मरण मे है । गीता अध्याय 2 श्लोक 17
देखिए उस परमात्मा की जानकारी ना ही वो किसी मां के पेट से जन्म लेते है और ना कभी मरते है अधिक जानकारी के लिए देखें ईश्वर टीवी रात 8:30 बजे से
#गीतासार
"अध्याय २:४६-५३ में कहा है कि वास्तव में पाप पुण्य का फल इसी लोक में त्यागकर पूर्ण परमात्मा की शरण में लग जा फिर मैं तुझे सर्व पापों से मुक्त कर दूंगा। इसलिए टी पूर्ण परमात्मा का भक्त हो जा।
तब तू योगी अर्थात् सही भक्त होगा" - तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज
जाने #गीतासार ॐ, तत्,सत् सांकेतिक मंत्र पूर्ण मोक्ष प्राप्त करने का है। ओर अन्य कोई नाम जाप मोक्ष प्राप्त करने का नही है।
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साधना चेनल 7:30pm
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गलत #गीतासार बताने वाले बहुत आये लेकिन उसे पढ़कर संसार मे कुछ बदलाव नही आया। अब संतरामपालजी महाराज ने सही गीतासार बताया है और इससे ही भारत विश्वगुरु बनेगा।।
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#गीतासार
अध्याय 18 श्लोक 64 में कहा है कि एक सर्व गुप्त से गुप्त ज्ञान एक बार फिर सुन कि यही पूर्ण परमात्मा (जिसके विषय में अध्याय 18 श्लोक 62 में कहा है) मेरा पक्का पूज्य देव है अर्थात् मैं (क्षर पुरुष) भी उसी की पूजा करता हूँ।
#गीतासार
" ब्रह्म काल के उपासक उसी के आधार।
अध्याय श्लोक 8,9 का भावार्थ है कि जिनको पुरनग्यनी तत्वदर्शी संत नहीं मिला वे मेरे द्वारा उत्पन्न शास्त्रों के आधारित प्राणी इन्हीं के ज्ञाता, नित्य संतुष्ट रहते हैं तथा मुझ (ब्रह्म काल) में ही लीन रहते हैं"
- तत्वदर्शी सन्त रामपाल जी।