#संतरामपालजी_Vs_महर्षिदयानंद
दयानंद को नहीं था भगवान का ज्ञान
दयानंद सरस्वती अपनी पुस्तक सत्यार्थ प्रकाश में लिखते हैं कि परमात्मा निराकार है। कहीं लिखते है कि स्तुति से परमात्मा का साक्षात्कार होता है। इससे पता चलता है यह अज्ञानी व्यक्ति थे।
Factful Debates YouTube Channel
#संतरामपालजी_Vs_महर्षिदयानंद
संत रामपाल जी महाराज देते हैं शास्त्र अनुकूल ज्ञान
दयानंद सरस्वती अपनी पुस्तक सत्यार्थ प्रकाश में कहता है कि स्तुति, प्रार्थना, उपासना करनी चाहिए लेकिन इससे परमात्मा पाप नाश नहीं कर सकता। जब पाप अर्थात दुख समाप्त होने ही नहीं है।
Factful Debates
#संतरामपालजी_Vs_महर्षिदयानंद
संत रामपाल जी महाराज स्वयं कोई व्यसन नहीं करते और उनके करोड़ों शिष्य भी नशे को हाथ तक नहीं लगाते।श उन्होंने अपनी पवित्र पुस्तक ज्ञान गंगा में इससे होने वाली हानि भी बताई है
गरीब, मदिरा पीवै कड़वा पानी सत्तर जन्म स्वान के जानी
#संतरामपालजी_Vs_महर्षिदयानंद
समाज सुधारक नहीं बल्कि दयानंद था एक नंबर का नशेड़ी
दयानंद सरस्वती की अपनी आत्मकथा तथा जीवन चरित्र में उनके भांग, तंबाकू, हुक्का पीने का उल्लेख है। नशेड़ी व्यक्ति समाज सुधारक कैसे हो सकता है।
Factful Debates YouTube Channel
#संतरामपालजी_Vs_महर्षिदयानंद
जबकि संत रामपाल जी महाराज द्वारा लिखित पवित्र पुस्तक जीने की राह में परस्त्री या पर-पुरुष को उम्र के हिसाब से बहन, बेटी,माता, भाई, पिता पुत्र आदि के नजरिए से देखने का ज्ञान दिया गया है।जिसके पढ़ने मात्र से समाज का प्रत्येक व्यक्ति चरित्रवान बन रहा है।
#संतरामपालजी_Vs_महर्षिदयानंद
दयानंद सरस्वती की अपनी आत्मकथा तथा जीवन चरित्र में उनके भांग, तंबाकू, हुक्का पीने का उल्लेख है। नशेड़ी व्यक्ति समाज सुधारक कैसे हो सकता है।
Factful Debates YouTube Channel
#GodMorningTuesday
गोबर गणेश छोड़ो, आदि गणेश पूजो !
क्या है आदि गणेश की शास्त्र अनुकूल भक्ति विधि,
FREE
जानने लिए पढ़िए संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा लिखित पवित्र पुस्तक "ज्ञान गंगा"
ज्ञान
ग
FREE
पवित्र पुस्तक ज्ञान गंगा
निःशुल्क पायें । अपना नाम, पूरा पता भेजें +91 7496801825
#संतरामपालजी_Vs_महर्षिदयानंद
संत रामपाल जी महाराज नशामुक्त जीवन जीने और नशीले पदार्थों से दूर रहने की शिक्षा देते हैं। ज्ञान गंगा में नशे से होने वाली हानियों का वर्णन मिलता है। उनके अनु��ायी इस संदेश को व्यक्ति, परिवार और समाज को व्यसनमुक्त बनाने वाला महत्वपूर्ण प्रयास मानते हैं।
#संतरामपालजी_Vs_महर्षिदयानंद
दयानंद सरस्वती माता पिता की सेवा करने के भी पक्ष में नहीं थे।
संत रामपाल जी महाराज जी ने अपने शिष्यों को ये सिखाया है कि माता पिता की सेवा परम् कर्तव्य है।
Factful Debates YouTube Channel
#संतरामपालजी_Vs_महर्षिदयानंद
समाज नाशक सत्यार्थ प्रकाश vs समाज उद्धारक जीने की राह
दयानन्द की सत्यार्थ प्रकाश जलाने लायक है क्योंकि इसके समुल्लास 4 में 11 पुरुषों से समाज नाशक नियोग (दुष्कर्म) करने को कहा गया है। जिससे समाज का केवल नाश हो सकता है।
Factful Debates YouTube Channel
#संतरामपालजी_Vs_महर्षिदयानंद
वहीं दूसरी तरफ संतरामपाल जी महाराज ने संतों की महिमा बताई है कि
निंदा बिंदाछोड़ दे,संतों से कर प्रीत
भवसागर तिर जात है,जीवत मुक्त अतीत
संतों की महिमा कही न जाय अठसठ तीर्थ चरणौं पाय
गरीब, सतवादी सब संत हैं अपने अपने धाम
आजिज की अरदास है, सब संत प्रणाम
#संतरामपालजी_Vs_महर्षिदयानं��
दयानंद सरस्वती ने संतों का किया अपमान
कबीर साहेब, गुरुनानक देव आदि जिन संतों को पूर�� दुनिया पूजती है। दयानंद सरस्वती ने अपनी पुस्तक सत्यार्थ प्रकाश में उन्हीं महान संतों पर अपमान जनक टिप्पणियाँ कर उनका अपमान किया।
Factful Debates YouTube Channel
#संतरामपालजी_Vs_महर्षिदयानंद
वहीं संत रामपाल जी महाराज जी अपने शिष्यों को प्रथम ���ंत्र में पंच प्रधान (ब्रह्मा, विष्णु, शिव, दुर्गा व गणेश) की हिन्दू भक्ति साधना देते हैं तथा अवतारों की महिमा बताते हुए कहते हैं:
कबीर, राम कृष्ण से कौन बड़ा, तिन्हूँ भी गुरु कीन्ह।
#संतरामपालजी_Vs_महर्षिदयानंद
दयानंद सरस्वती ने अपनी पुस्तक सत्यार्थ प्रकाश में पवित्र हिन्दू धर्म के त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु, शिव तथा उनके अवतारों का घोर अपमान किया। शिव जी को हिजड़ा, विष्णु उपासकों को चोरमंडली,श्रीकृष्ण को भग��्दर रोगी तक बता दिया।
Factful Debates YouTube Channel