नए भारत में महिलाएं कहीं भी नहीं सेफ हैं।।
14 अगस्त की रात दिल्ली से प्रयाग जाने वाली ट्रेन में एक लड़की अकेले सफर कर रही थी,
सफर के दौरान वह अपनी सीट पर सो गई तभी RPF का एक सिपाही #आशीष वहां पर आ गया और उसे लड़की को छूने लगा।
लड़की को जब सोते समय एहसास हुआ तो उसने आरपीएफ के सिपाही के खिलाफ ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा दी।
जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है कांस्टेबल घबराकर माफी मांगी।।
कितनी निर्दयता से घेरकर मारा गया घनश्याम मिश्रा और उनके भाई मंटू मिश्रा को. घटना में घनश्याम मिश्रा की मौत हो गई. जबकि भाई मंटू जिंदगी मौत से जूझ रहा है. बीरबल यादव और संजय यादव गिरफ्त���र. भाई ने 15 दिन पहले शिकायत देकर हत्या की धमकी की शिकायत दर्ज कराई थी. बेहद दर्दनाक है ये दृश्य. दिल को दहला देने वाली घटना बिहार के गोपालगंज की.
#गोपालगंज_हत्याकांड
स्वर्गीय रामानंद सागर जी ने दारा सिंह जी से पूछा कि आप हमारे सीरियल में हनुमानजी कि भूमिका अदा करेंगे..
दारा सिंह जी ने कहा, परंतु सर मैं हनुमानजी की भूमिका कैसे निभा पाऊंगा,
तब वहां रामानंद सागर जी ने ने गोस्वामी तुलसीदास जी के रामचरित्र मानस की चौपाइयों का सहारा लिया🌷
कवन सो काज कठिन जग माही।
जो नहीं होय तात तुम पाही।।
🌺राम काज लगी तव अवतारा।।🌺
🙏इतना ही रामानंद सागर जी दारा सिंह जी के समक्ष बोल पाए थे कि....
दारा सिंह जी बोल पड़े..
सुनतही भयहूं पर्वता कारा.🙏
जय हनुमान ज्ञान सुख सागर, कृपा कर देव की नंदन .जब लक्ष्म��मूर्छित हुए तब ना सुने कोई दिशा, आप मिलो दूर से संजीवनी बूटी लेके मुर्छित लक्षमंजी को बचाया. जय श्री कष्ट भजन हनुमान . 🌿🙏🙏
🙏यह है रामचरित मानस की चौपाइयों का दम और फिर भारत में ही नहीं अखिल ब्राह्मण ने देखा कि एक पहलवान दारा सिंह ने किस प्रकार से हनुमान का रोल अदा किया जो अविस्मरणीय है धन्य हैं रामानंद सागर, धन्य है उनकी आंखें और परम धन्य हैं वह सब आंखें जिन्होंने दारा सिंह जी को बजरंगबली जी क��� भूमिका में देखा🙏
#रामायण
#रामानंद_सागर
#हनुमान #दारा_सिंह
#राम_राम
#सनातन_धर्म_ही_सर्वश्रेष्ठ_है
#Adipurush #BanAdipurush
#Ramayan #RamanandSagar
क्यों राजा जनक ने अयोध्या से किसी को भी सीता के स्वयंवर में नही किया था आमंत्रित …?
राजा जनक के शासनकाल में एक व्यक्ति का विवाह हुआ। जब वह पहली बार सज-संवरकर ससुराल के लिए चला, तो रास्ते में चलते-���लते एक जगह उसको दलदल मिला, जिसमें एक गाय फंसी हुई थी, जो लगभग मरने के कगार पर थी। उसने विचार किया कि गाय तो कुछ देर में मरने वाली ही है तथा कीचड़ में जाने पर मेरे कपड़े तथा जूते खराब हो जाएंगे, अतः उसने गाय के ऊपर पैर रखकर आगे बढ़ गया। जैसे ही वह आगे बढ़ा गाय ने तुरंत दम तोड़ दिया तथा शाप दिया कि जिसके लिए तू जा रहा है, उसे देख नहीं पाएगा, यदि देखेगा तो वह मृत्यु को प्राप्त हो जाएगी।
वह व्यक्ति अपार ��ुविधा में फंस गया और गौ-शाप से मुक्त होने का विचार करने लगा। ससुराल पहुंचकर वह दरवाजे के बाहर घर की ओर पीठ करके बैठ गया और यह विचार करने लगा कि यदि पत्नी पर नजर पड़ी, तो अनिष्ट नहीं हो जाए। किसी के भी बुलाने पर भी वो अंदर नहीं गया। उसकी पत्नी को जब पता चला तो उसने कहा चलो मैं उन्हें घर के अंदर लाती हूं। पत्नी ने जब उससे कहा कि आप मेरी ओर देखते क्यों नहीं हो तो भी वह चुप रहा। काफी अनुरोध करने के उपरांत उसने रास्ते का सारा वृतान्त कह सुनाया। पत्नी ने कहा कि मैं भी पतिव्रता स्त्री हूं। ऐसा कैसे हो सकता है। आप मेरी ओर अवश्य देखो। पत्नी की ओर देखते ही उसकी आंखों की रोशनी चली गई और वह गाय के शापवश पत्नी को नहीं देख सका।
पत्नी पति को साथ लेकर राजा जनक के दरबार में गई और सारा कह सुनाया। राजा जनक ने राज्य के सभी विद्वानों को सभा में बुलाकर समस्या बताई और गौ-शाप से निवृत्ति का सटीक उपाय पूछा। सभी विद्वानों ने आपस में मंत्रणा करके एक उपाय सुझाया कि यदि कोई पतिव्रता स्त्री छलनी मेम गंगाजल लाकर उस जल के छींटे इस व्यक्ति की दोनों आंखों पर लगाए, तो गौ-शाप से मुक्ति मिल जाएगी और इसकी आंखों की रोशनी पुनः लौट सकती है।
राजा ने पहले अपने महल के अंदर की रानियों सहित सभ�� स्त्रियों से पूछा, तो राजा को सभी के पतिव्रता होने में संदेह की सूचना मिली। अब तो राजा जनक चिंतित हो गए। तब उन्होंने आस-पास के सभी राजाओं को सूचना भेजी कि उनके राज्य में यदि कोई पतिव्रता स्त्री है, तो उसे सम्मान सहित राजा जनक के दरबार में भेजा जाए।
जब यह सूचना राजा दशरथ (अयोध्या नरेश) को मिली, तो उसने पहले अपनी सभी रानियों से पूछा। प्रत्येक रानी का यही उत्तर था कि राजमहल तो क्या आप राज्य की किस�� भी महिला यहां तक कि झाडू लगाने वाली, जो कि उस समय अपने कार्यों के कारण सबसे निम्न श्रेणी की मानी जाती थी से भी पूछेंगे, तो उसे भी पतिव्रता पाएंगे। राजा दशरथ को इस समय अपने राज्य की महिलाओं पर आश्चर्य हुआ और उसने राज्य की सबसे निम्न मानी जाने वाली सफाई वाली को बुला भेजा और उसके पतिव्रता होने के बारे में पूछा। उस महिला ने स्वीकृति में गर्दन हिला दी।
तब राजा ने यह दिखाने के लिए कि अयोध्या का राज्��� सबसे उत्तम है, उस महिला को ही राज-सम्मान के साथ जनकपुर भेज दिया। राजा जनक ने उस महिला का पूर्ण राजसी ठाठ-बाट से सम्मान किया और उसे समस्या बताई। महिला ने कार्य करने की स्वीकृति दे दी। महिला छलनी लेकर गंगा किनारे गई और प्रार्थना की, ‘हे गंगा माता! यदि मैं पूर्ण पतिव्रता हूं तो गंगाजल की एक बूंद भी नीचे नहीं गिरनी चाहिए।’ प्रार्थना करके उसने गंगाजल को छलनी में पूरा भर लिया और पाया कि जल की एक बूंद भी नीचे नहीं गिरी। तब उसने यह सोचकर कि यह पवित्र गंगाजल कहीं रास्ते में छलककर नीचे नहीं गिर जाए, उसने थोड़ा-सा गंगाजल नदी में ही गिरा दिया और पानी से भरी छलनी को लेकर राजदरबार में चली आई।
राजा और दरबार में उपस्थित सभी नर-नारी यह दृश्य देक आश्चर्यचकित रह गए तथा उस महिला को ही उस व्यक्ति की आंखों पर छींटे मारने का अनुरोध किया और पूर्ण राज सम्मान देकर काफी पारितोषिक दिया। जब उस महिला ने अपने राज���य को वापस जाने की अनुमति मांगी, तो राजा जनक ने अनुमति देते हुए जिज्ञाा वश उस महिला से उसकी जाति के बारे में पूछा। महिला द्वारा बताए जाने पर, राजा आश्चर्यचकित रह गए।
सीता स्वयंवर के समय यह विचार कर कि जिस राज्य की सफाई करने वाली इतनी पतिव्रता हो सकती है, तो उसका पति कितना शक्तिशाली होगा। यदि राजा दशरथ ने उसी प्रकार के किसी व्यक्ति को स्वयंवर में भेज दिया, तो वह तो धनुष को आसानी से संधान कर सकेगा और कहीं राजकुमारी किसी निम्न श्रेणी के व्यक्ति को न वर ले। इस वजह से राजा जनक ने अयोध्या नरेश को सीता के स्वयंवर मे निमंत्रण नहीं भेजा।
किंतु विधाता की लेखनी को कौन मिटा सकता है। अयोध्या के राजकुमार वन में विचरण करते हुए अपने गुरु के साथ जनकपुर पहुंच ही गए और धनुष तोड़कर श्री राम ने सीता को वर लिया।
🚩 जय श्री राम 🚩
कडवी सच्चाई माफी चाहूंगा इस पोस्ट को पहले पूरा पढ़ लेना...जो लड़किया कम कपड़े पहनती है, उनके लिये एक पिता की ओर से समर्पित :
एक लड़की- को उसके पिता ने iphone गिफ्ट किया..
दूसरे दिन पिता ने लड़की से पुछा, बेटी iphone मिलने के बाद सबसे पहले तुमने क्या किया..?
लड़की :- मैंने स्क्रेच गार्ड और कवर का आर्डर दिया...
पिता :- तुम्हें ऐसा क���ने के लिये किसी ने बाध्य किया क्या...?
लड़की :- नहीं किसी ने नहीं
पिता :- तुम्हें ऐसा नही लगता कि तुमने iPhone निर्माता की बेइज्जती की हैं..?
बेटी :- नहीं बल्कि निर्माता ने स्वयं कवर व स्क्रेच गार्ड लगाने के लिये सलाह दी है...
पिता :- अच्छा तब तो iphone खुद ही दिखने मे खराब दिखता होगा, तभी तुमने उसके लिये कवर मंगवाया है..?
लड़की :- नहीं, बल्कि वो खराब ना हो इसीलिये कवर मंगवाया है..
पिता :- कवर लगाने से उसकी सुंदरत��� में कमी आई क्या..?
लड़की :- नहीं, इसके विपरीत कवर लगाने के बाद iPhone ज्यादा सुंदर दिखता है..
पिता ने बेटी की ओर स्नेह से देखते कहा....बेटी iPhone से भी ज्यादा कीमती और सुंदर तुम्हारा शरीर है और इस घर की और हमारी इज्जत हो तुम,
उसके अंगों को कपड़ों से कवर करने पर उसकी सुंदरता और निखरेगी...
बेटी के पास पिता की इस बात का कोई जवाब नहीं था सिर्फ आँखों में आँसूओं के अलावा..
लड़कियों से नम्र निवेदन- भारतीय संस्कृत���, संस्कार ओर अस्मिता को बनाए रखे...
इस पोस्ट पर गाली देने भी आएंगे कुछ लोग और कुछ ��ुझे अच्छा भी ठहराएंगे.....और कुछ गालियाँ भी देंगे
कुछ गलती हो गई तो माफ कर देना 🚩🙏
कोई वोट के लिए, कोई नोट के लिए, अपना और अपनो का गला कटवाने की तैयारी कर रहा है।
देश में इस तरह के लाखों बांग्लादेशी रोहिंग्या मुसलमान पश्चिम बंगाल में नाम बदलकर आधार कार्ड बनवा रहें हैं।
दिल्ली की DTC बस में भी सुरक्षित नही है हमारी बहन और बेटियाँ।
खुद सुन लीजिए इस Hindu बहन को ये जिहादी क्या कर रहा था DTC बसमें। Mwd
Love Jihad
#SaveHinduDaughters
आपकी हिंदू बेटी को भविष्य की आयशा सानिया बनाने की तैयारी है।
वीडियो उत्तर प्रदेश के बागपत के एक स्कूल की बताई जा रही है ।
स्कूल में हिंदू लड़कियों को नमाज़ की ट्रेनिंग देती यह महिला शिक्षिका।
इस मामले को बिल्कुल भी हल्के में ना लें बागपत के हिंदू परिवार ।