Whenever he fell, he stood up and conquered.
It's just about time and we believe in you, champ!
Comeback stronger and show them who the real Mr IPL is!
https://t.co/oATqtUBoB3
#SureshRaina𓃵 #SureshRaina
Indian Express के अनुसार बिहार के उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी ने अपने परिवार का 10 बीघा जमीन बचाने के लिए पटना - पूर्णिया ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे का रास्ता ही बदलवा दिया ।
येलो लाइन- प्रपोज़्ड अलाइनमेंट
रेड लाइन- बदला हुआ रूट
जबकि ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे में कोशिश ये की जाती है कि रूट ज़्यादा से ज़्यादा नॉन रेजिडेंशियल एरिया में क्रॉस करे लेकिन यहाँ परिवार की जमींन को बचाने के करीब 6000 छात्रों वाला एक कॉलेज , 150 घरों का एक एरिया और बाज़ार को बर्बाद कर दिया जाएगा !
Disappointed with my OnePlusNord2T. My display has developed a spreading purple/ink-like stain despite no drop, no pressure damage, no water exposure. The display glass is completely intact with no cracks or signs of physical damage, yet the panel continues to bleed and spread
This appears to be an internal display panel defect, not user-caused damage.
Requesting intervention from @OnePlus_IN@onepluscareIN@OnePlus_Support for a fair resolution
खबरदार, जो वैभव सूर्यवंशी या बिहार के लड़कों एवं उनके माता पिता के त्याग, तपस्या लूटने का प्रयास किए।
20 वर्ष के सत्ता ने JDU को बेशर्म बना दिया है!
~20 वर्ष में बिहार में खेल के लिए नीतीश कुमार जी या NDA की सरकार ने क्या किया है?
20 वर्ष सत्तासीन रहने के बाद बिहार में एक भी क्रिकेट स्टेडियम नहीं था।
20 वर्ष तक बिहार क्रिकेट एसोसिएशन नहीं था।
20 वर्ष तक बिहार के लड़के अन्य पड़ोसी राज्यों से खेलने के लिए मजबूर रहे। ईशांत किशन और कई खिलाड़ी आज भी झारखंड से खेलते हैं।
जिले के स्तर पर इंडोर स्टेडियम पर प्रशासन और बिचौलियों का कब्जा है।
जिला के स्तर पर किसी भी खेल का इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है। न ढंग का ग्राउंड, न खेल को प्रोत्साहन...
बिहार के किस रणजी खिलाड़ी को खेल नीति के तहत सपोर्ट किया गया है। उसे उच्च पद पर एक नौकरी दी गई है, ताकि दूसरे बच्चे खेल को चुने।
क्या योगदान है JDU, BJP, NDA व नीतीश जी का #VaibhavSooryavanshi के करियर में
रोज समस्तीपुर से 200 KM चल कर पटना में किसी स्टेट खेल अकादमी में नहीं प्राइवेट क्रिकेट कोचिंग लेने आता था सूर्यवंशी।
हिम्मत है @Jduonline तो ये बताओ कि कौन सी खेल नीति है और उससे बिहार के लड़कों एवं लड़कियों का क्या भला हुआ है।
इंडियन क्रिकेट टीम, इंडियन हॉकी टीम, फुटबॉल टीम में बिहार के लड़के हैं क्या? अगर हैं भी तो ये बताएं कि बिहार सरकार का क्या योगदान है?
क्या आपको नहीं लगता Chennai Super Kings, Mumbai Indians और Kolkata Knight Riders की तरह बेमिसाल बिहार की भी एक टीम होनी चाहिए?
बिहार की मिट्टी ने देश को बहुत से बेहतरीन क्रिकेट खिलाड़ी दिए हैं।
पटना में जन्मे ईशान किशन ने सबसे कम गेंदों में ODI double century लगाई। समस्तीपुर के वैभव सूर्यवंशी सबसे कम उम्र में IPL debut करने वाले खिलाड़ी बने। और गोपालगंज के साधारण परिवार में जन्मे साकिब हुसैन की शानदार गेंदबाजी पर आज पूरी दुनिया की नज़रें हैं।
लेकिन एक बात मुझे हमेशा खलती है कि हमारे बिहार को क्रिकेट में अब भी वह नाम और पहचान क्यों नहीं मिल पा रही जिसके हम हकदार हैं।
मेरा हमेशा से यह सपना और प्रयास रहा है कि बिहार के युवाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का पूरा मौका मिले, हमारे खिलाड़ियों को भी world class infrastructure और support बिहार में ही मिलना चाहिए। मुझे पूरा भरोसा है कि अगर हमारे बच्चों को सही प्रेरणा और सुविधाएं मिलें, तो हमारे बिहार से बनने वाली टीम दुनिया की बेस्ट टीम होगी।
और मैं इस काम में बिहार के युवाओं के साथ पूरी मज़बूती से खड़ा हूँ। बिहार की क्रिकेट टीम और यहाँ के खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए मैं अपनी तरफ से unconditional support दूंगा।
बिहार मेरे लिए सिर्फ एक राज्य नहीं, एक emotion है।
और अब वक्त आ गया है कि हमारी मिट्टी का talent मैदान पर दिखे।
पूर्व सांसद आनंद मोहन ने जेडीयू नेतृत्व और बिहार सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने बेटे चेतन आनंद को मंत्री न बनाए जाने का दर्द जाहिर करते हुए कहा कि सरकार बचाने में उनके परिवार की बड़ी भूमिका रही, लेकिन अब उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है।
आनंद मोहन ने बेहद आक्रामक अंदाज में कहा कि नीतीश कुमार के लिए उन्होंने और उनके परिवार ने जितनी बड़ी कुर्बानी दी है, वैसी किसी और ने नहीं दी।
उन्होंने याद दिलाया कि उन्होंने एक इशारे पर कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था और जिंदगी भर साथ निभाया, लेकिन आज उन्हें और उनके संघर्ष को हाशिए पर धकेल दिया गया है।
ग़लत बात! हम मानबे नहीं करते हैं...
30 दिन में 18 बार मंदिर, 11 बार नीतीश कुमार से मिलने, 04 बार गुजराती मिस्त्री से बिहार का शासन वाले रिमोट में बैटरी डलवाने दिल्ली गए हैं
30-40 माला चढ़ाइए व पिंडदान कीजिए जैसा रैपचिक डायलॉग मारे हैं। मुख्यमंत्री आवास और चिड़ियाघर का नाम बदले हैं।
क्राइम को एकदम कंट्रोल कर लिए हैं। उद्योग एवं रोजगार की बिहार में बाढ़ लाए पड़े हैं।
गलत बात @DainikBhaskar ... पूरी बात तो बताइए। कितना काम कर रहे हैं D- Lit CM?