Dear anti-social elements, we have some bad news for you.
Assam’s conviction rate has jumped from 8% to 29.3% in just six years. And we’re only getting started.
You can do the maths. Or, we'll do that as well.
No let-up until Assam is #crimefree
♦️AAP ने जो छिपाया वह सच्चाई जान लीजिए
◾️विकासपुरी रिंग रोड पर पिछले कई दिनों से रोड बनाने का काम चल रहा है। वहां के विधायक जरनैल सिंह द्वारा PWD डिपार्टमेंट के इंजीनियर्स को यह कहा गया कि हमको कॉन्ट्रैक्टर्स से मिलाइए और कमीशन दिलाइए। इसके लिए पुलिस में हम कम्प्लेन करा रहे हैं।
◾️आज उधर से निकलते हुए मैं काम को देखने के लिए रुका। वहां के लोगों ने बताया कि 15 साल तक यह रोड नहीं बनी, अब बन रही है। शायद इसलिए आम आदमी पार्टी दुखी है कि दिल्ली में सारी सड़कें बनाई जा रही हैं।
◾️मैंने खुद वहां के विधायक जरनैल सिंह को कॉल किया। उनका 45 मिनट तक इंतजार किया। हमारे कार्यकर्ता को हमने नहीं बुलाया, लेकिन जरनैल सिंह अपने कार्यकर्ताओं को लेकर आए और आते ही बदतमीजी शुरू कर दी।
◾️उनके ��क कार्यकर्ता ने आते ही मेरे परिवार को गाली देना शुरू किया। तब कोई भी व्यक्ति उस आवेश में जो करेगा, वही मैंने भी किया। यह बर्दाश्त से बाहर है।
◾️मैं आम आदमी पार्टी से कहना चाहता हूं, आप जो काम नहीं कर पाए हमारी सरकार कर रही है, इसलिए आपके पेट में दर्द हो रहा है।
कोई भी परिवार के बारे में बोलेगा, सरकारी काम में बाधा डालेगा, कमीशन मांगेगा..यह ठीक नहीं है !
चुनावी हार से बौखलाकर संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ झूठ और भ्रम फैलाने वाली कांग्रेस की राजनीति अब बेनकाब हो चुकी है।
निर्वाचन आय���ग ने स्पष्ट कर दिया है कि SIR समेत सभी प्रमुख फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए। कैबिनेट सेक्रेटरी को भेजा गया पत्र किसी नीतिगत फैसले या SIR से संबंधित नहीं था, बल्कि एक अधिकारी के प्रशासनिक कार्य से जुड़ा आंतरिक मामला था। Form-6 के SIR संबंधी घोषणापत्र को भी सुप्रीम कोर्ट वैध ठहरा चुका है।
फिर भी कांग्रेस जनता को गुमराह करने और निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की विश्वसनीयता ��र सवाल उठाने से बाज नहीं आ रही।
जनता की अदालत में हार का जवाब झूठ नहीं, तथ्यों और लोकतांत्रिक जनादेश के सम्मान से देना चाहिए।
#RahulexposedbyEC
CJI को Election Commissioner की Appointment Committee से हटाया गया, इसलिए Vote Chori?
Fact ये है कि 2023 से पहले CEC/EC की नियुक्ति में Opposition की कोई statutory भूमिका ही नहीं थी। मार्च 2023 में SC ने CJI को शामिल करते हुए अंतरिम व्यवस्था दी थी, वो भी संस��� के कानून बनाने तक। फिर दिसंबर 2023 में संसद ने कानून बनाकर PM + LoP + Union Cabinet Minister की Selection Committee तय कर दी।
तो CJI को हटाने को सीधे “Vote Chori” से जोड़ने से पहले Facts भी देख लीजिए-
@SP_Pratibha
Election Commission of India के ख़िलाफ़ चल रहे प्रोपेगेंडा के बीच एक बात बार-बार कही जा रही है कि केंद्र की NDA सरकार ने SIR करवाई है।
इसको ऐसे पेश किया जा रहा है मानो देश में पहली बार SIR की जा रही है।
आइए देखते हैं SIR का इतिहास!
@india_expert
🚨 MISINFORMATION ALERT 🚨
The claim of a live, massive protest at Delhi's Jantar Mantar today is false.
The Video is Old: The footage being shared is archived material from a past event.
Legal action will be taken against those found deliberately spreading misinformation or circulating misleading content.
@LtGovDelhi
#DPUpdates
#HelloPoliceStation
#HelloDelhiPolice
#FactCheck #Misinformation
नेता विपक्ष राहुल गांधी का दावा है कि 13 करोड़ वोट कट गए!
लेकिन 13 करोड़ Genuine voters के वोट कटने का दावा ही Misleading है। Dead, shifted और duplicate entries को voter list से हटाने की प्रक्रिया को “वोट चोरी” बताकर राहुल गांधी आखिर साबित क्या करना चाहते हैं?
@SP_Pratibha
प्रधानमंत्री का यह कदम उन लोगों के लिए भी एक संदेश है जो मानते हैं कि अश्लीलता, गाली-गलौज और बदतमीजी करने वाला एक छोटा समूह ही भारत की युवा पीढ़ी या तथाकथित Gen Z का प्रतिनिधित्व करता है।
अब भारत की जनता को तय करना है कि वह कैसा भविष्य चाहती है—
एक ऐसा भविष्य जो गाली-गलौज और असम्���ान से परिभाषित हो,
या ऐसा भविष्य जिसका नेतृत्व वे युवा करें जिन्हें अपनी संस्कृति, सभ्यता और मूल्यों पर गर्व हो।
@narendramodi
अब चूंकि ECI ने स्पष्ट कर दिया है कि
इंडियन एक्सप्रेस
राहुल गांधी
सीजेपी
ओर तमाम लोगो द्वारा लगाए अभी आरोप झूठे थे।
अब उन्हें अदालतों में घसीटकर मानहान�� का भारी मुकदमा दायर करना चाहिए। अगर आज चुनाव आयोग (ECI) चुप रहा , तो कल ये भारत विरोधी लोकतंत्रवादी सर्वोच्च न्यायालयों और अन्य संवैधानिक प्राधिकरणों को भी निशाना बना सकते है।
दिल्ली NCR में भजन क्लबिंग का क्रेज 🔥
युवा यानी GEN Z भजन क्लबिंग में अपने बीच देश के प्रधानमंत्री को देख कर जोश से भर गए, उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि उनके बीच मोदी जी थे
मोदी का क्रेज़+भजन क्लबिंग का क्रेज़=डबल मज़ा 🔥🔥
If your protest against PM Modi has reached the level of discussing the size of his penis, congratulations, you haven’t exposed the PM, you’ve just stripped yourself naked and shown the entire world that Indians are breeding some of the most retarded, low IQ and lethargic youngsters imaginable.
We are supposed to be breeding the future of India, but instead we’re breeding a generation where too many retards mistake vulgarity for intellectualism.
Thankfully, the sensible 4–5 out of every lakh are still busy studying, building, innovating and somehow keeping the country running.
विपक्ष को राजनीति में अफवाह, सब चोरी हो जा रहा है वाली झूठ/ फ़रेब की राजनीति से निकलना चाहिए। हर बार अतिरेक तक जाकर मोदी को सत्ता से बाहर करने के निकट पहुंचकर फिर से ९९ वाला स��ँप उनको काट लेता है और फिर से नए साज़िशी सिद्धान्तों पर जुटना पड़ता है। यह ९९ वाला साँप दरअसल जनता में उनके प्रति फैला अविश्वास है। जनता के विश्वास की सीढ़ी से ही राजनीतिक साँप-सीढ़ी के खेल में सीढ़ी मिल पाती है वरना साँप काटेगा और फिर से सरककर नीचे। फ़िलहाल विपक्ष के साथ यही होता दिख रहा है।
@ashutosh83B ताकि जनता तक सच्चाई पहुच सके सही तरीके से, वर्ना तुम लोगों ने झूठ की दुकान इतना फैला रखा है कि दिग्भ्रमित होना और झूठे अफ़वाहों में आ जाना स्वाभाविक है ।
ये जोकर कह रहा है कि ज्ञानेश कुमार के कारण भाजपा हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली के चुनाव जीती।
सच्चाई-
ज्ञानेश कुमार CEC पद पर 19 फ़रवरी 2025 को आए।
जबकि हरियाणा में चुनाव हुए - Oct 2024 को
महाराष्ट्र में हुए - Nov 2024 को
और दिल्ली में चुनाव हुए - 5 फ़रवरी 2024 को
वो तब CEC थे ही नहीं - बताओ अब, क्या लॉजिक है इसकी बात क्या।