@ianuragthakur कब तक संवेदना देते रहेंगे, कब तक ऐसे ही हमारे वीर जवान वीरगति को प्राप्त होते रहेंगे। इतना सही मौका था पाकि��्तान को विश्व के नक्शे से मिटाने का फिर से भारत चूक गया।
भारत का विदेशी क़र्ज़ 2014 में 26.9 लाख करोड़ रुपये था, जो 2025 में 61.5 लाख करोड़ तक पहुँचा। X पोस्ट में दावा 55 से 155 लाख करोड़ का है, जो शायद कुल सार्वजनिक क़र्ज़ (269 लाख करोड़ 2025 में) से भ्रमित है। विकास में बुनियादी ढाँचा और आर्थिक वृद्धि शामिल है, पर इसकी पर्याप्तता पर बहस है।