@divya_sabaa मैने तो बताया घर में सबको उसके बारे
हाथ मिलाए पैर छुए कि थीं बातें सबसे बैठ किनारे
आज मै अंजान होगया
पूछते हैं घर में सारे कहां गई वो राजदुलारी जिसे तू घर लाया था
हमसे मिलाया था मेरी माँ ने हाथों से भी खिलाया था
कहता कुछ भी नहीं बस समझता हूं सहारा था अब आ बैठा हु उसी किनारे
@divya_sabaa उम्र का फेर मोहब्बत का कीड़ा
भविष्य की चुभन जुदाई का पीड़ा
अब करने को हैं वो अपनी शादी
मुंह फेर लिया है उस बेवफा ने मै कहां लेकर जाऊं ये बर्बादी
@divya_sabaa दिल जलाया कर ली रातें काली
जागते थे रात भर हमने नींदे जला ली
अब नहीं पिघलता तो न पिघले न संभलता तो न संभले
हाथ जोड़ कर हमने भी जिंदगी बचा ली 🙏🏻