छह बरस हो गए माँ…
पर आज भी अनायास ही आँखें आपको ढूँढ लेती हैं, भीड़ में, संसद की तस्वीरों में, हर उस मोड़ पर जहाँ आप होतीं तो मुझे थाम लेतीं।
छह बरस हो गए माँ…
पर हर उपलब्धि पर दिल सबसे पहले आपकी आँखें तलाशता है, क्योंकि आपकी नज़र से मिली शाबाशी ही मेरी सबसे बड़ी जीत होती थी।
छह बरस हो गए माँ…
लेकिन आप अब भी हर धड़कन में गूंजती हैं,
हर संघर्ष में संबल बनकर साथ चलती हैं।
मेरी राह आज भी आपके आशीर्वाद से रोशन है।
Miss you, Ma!
@SushmaSwaraj #SushmaSwaraj
अगर वाक़ई आप छात्रों के साथ हैं, तो कृपया इस लड़ाई में ज़मीन पर उतरकर हमारे साथ खड़े हों। आज का छात्र अपने भविष्य और अधिकार के लिए संघर्ष कर रहा है। आपकी मौजूदगी न सिर्फ हमें हौसला देगी, बल्कि सिस्टम को भी जवाबदेह बनाएगी