क्या अब भारत के लोकतंत्र में सत्ता से सवाल पूछना भी अपराध हो गया है? क्या संविधान द्वारा प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता अब सत्ताधारी दल की अनुमति से चलेगी?
प्रयागराज में परशुराम सेना द्वारा आयोजित कार्यक्रम में, जिसमें उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को आमंत्रित किया गया था, रोहित तिवारी सहित सामान्य वर्ग के पाँच युवाओं के साथ कथित मारपीट, गाली-गलौज और पुलिस द्वारा गिरफ्तारी की घटना लोकतंत्र के माथे पर कलंक है। आरोप है कि इन युवाओं का अपराध केवल इतना था कि उन्होंने UGC बिल को लेकर सवाल उठाने का साहस किया। यदि सत्ता के किसी प्रतिनिधि से सवाल पूछने पर युवाओं को पीटा जाए, उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाए और फिर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाए, तो यह कानून का शासन नहीं, बल्कि सत्ता के अहंकार का प्रदर्शन है!
याद रखिए, भारत किसी राजनीतिक दल की जागीर नहीं है और न ही कोई नेता लोकतंत्र में सवालों से ऊपर है! संविधान का अनुच्छेद 19 नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देता है। सत्ता में बैठे लोगों से असहमति जताना, नीतियों पर सवाल उठाना और अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठाना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है, कोई अपराध नहीं। यदि इन युवाओं ने कानून का उल्लंघन नहीं किया, तो उनके विरुद्ध कार्रवाई किस आधार पर की गई? क्या उत्तर प्रदेश में अब लोकतंत्र की जगह राजनीतिक दबदबा चलेगा? क्या सामान्य वर्ग के युवाओं को केवल इसलिए प्रताड़ित किया जाएगा कि उन्होंने सत्ता से जवाब माँग लिया?
यह केवल पाँच युवाओं का मामला नहीं है; यह हर उस भारतीय के अधिकार का प्रश्न है जो सरकार से सवाल पूछने का साहस रखता है। किसी भी राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है और पुलिस को भी किसी राजनीतिक दबाव में नागरिकों के मौलिक अधिकारों को कुचलने का लाइसेंस नहीं मिला है।
जो सरकार सवाल पूछने वाले युवाओं की आवाज़ दबाने लगे, उसे याद रखना चाहिए कि लोकतंत्र में जनता शासकों की प्रजा नहीं, बल्कि संप्रभुता का स्रोत है। सवाल पूछना हमारा अधिकार है, सत्ता की चापलूसी करना हमारी मजबूरी नहीं! लोकतंत्र में जवाब देना सरकार का कर्तव्य है और सवाल पूछना नागरिक का अधिकार!
सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में TTE को खुलेआम धमकाते, छात्र का कॉलर पकड़ते देखा जा सकता है. वायरल वीडियो में ये दावा सामने आया कि छात्र द्वारा आईडी मांगने पर TTE आगबबूला हो गया. टीटीई ने अपनी वर्दी का रोब दिखाते हुए छात्रों का साथ बदसलकी की, उन्हें डराया- धमकाया. देखिए वीडियो...
अंकिता भंडारी हत्याकांड में BJP के राष्ट्रीय महासचिव व उत्तराखंड प्रभारी रहे दुष्यंत गौतम का नाम सामने आया था।
अंकिता पर दुष्यंत गौतम को सर्विस देने का दबाव बनाया गया और जब उसने मना किया तो उसकी हत्या कर दी गई।
इस खुलासे के बाद मोदी को दुष्यंत गौतम को सजा दिलानी चाहिए थी, लेकिन मोदी ने अपने इस चहेते को सिक्किम का राज्यपाल बना दिया है।
एक बार फिर BJP और मोदी महिलाओं का शोषण करने वालों का साथ दे रहे हैं। शर्म आनी चाहिए।
#jaunpur#Missing
वैष्णवी सिंह पुत्री सरिता सिंह
थाना लाइनबाजार जौनपुर निवासी
दिनांक 27/09/2026 से लापता है
जौनपुर की बिटिया आज पांच दिन बीत जाने के बाद भी जौनपुर पुलिस अभी तक वैष्णवी को ढूंढ नहीं पाई
@jaunpurpolice@Uppolice@upgrphq
संपर्क सूत्र 👉 9559721017
लखनऊ
➡️36 घंटे की बारिश,तेज हवाओं बारिश से धान की फसल प्रभावित
➡️लखनऊ समेत कई जिलों में धान की फसल गिरी
➡️करीब 70% फसल प्रभावित होने का अनुमान
➡️भाकियू श्रमिक जनशक्ति ने सीएम को भेजा पत्र
➡️फसल क्षति का तत्काल विशेष सर्वे कराने की मांग
➡️हर किसान को मुआवजे की इकाई बनाने की मांग
➡️जितनी क्षति, उसी अनुपात में मुआवजे की मांग
➡️फसल बीमा दावों के समयबद्ध निस्तारण की मांग
➡️राहत राशि DBT से किसानों के खातों में भेजने की मांग
#Lucknow #CropDamage @UPGovt@CMOfficeUP
आज 9वां दिन है। निधि ,अनन्या अब भी लापता हैं। एक पिता रो रहा है, परिवार टूट चुका है। कृपया इसे ज्यादा से ज्यादा रीपोस्ट करें और अधिकारियों को टैग करें, ताकि बच्चियां जल्द परिवार से मिल सकें।
#UPPoliceFindNidhiAnanya@myogiadityanath@wpl1090@Uppolice
🚨 कृपया मदद करें 🙏
निधि पांडेय (13 वर्ष) और अनन्या पांडेय (9 वर्ष) 18 सितंबर से जंघई बाजार, प्रयागराज से लापता हैं।
परिवार उनकी सुरक्षित वापसी का इंतजार कर रहा है।
🙏 आपकी एक शेयर की गई पोस्ट इन बच्चियों को घर तक पहुंचाने में मदद कर सकती है।
कृपया इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।
बच्चे ने आत्महत्या की , यह नहीं होना चाहिए था।
लेकिन अब जो हो रहा है शिक्षक छात्रों को चीटिंग करने से रोकने में भी डरेंगे।
सब कुछ असामान्य है !
#IITBombayProtest
हम विकसित भारत बन गये.AI और CHIP में भी टॉप पर होंगे क्योंकि
IIT Bombay के प्रोफेसर सूर्यनारायण ढुल्ले को अब सस्पेंड कर दिया गया है .उन्होंने एक छात्र को चीटिंग करने से रोका था . बाद में उनपर छात्र के suicide मामले में SC ST Act में FIR पहले ही हो चुकी है गिरफ्तारी हो जाएगी तो हम तुरंत मंगल पर कॉलोनी भी बसा लेंगे .
@iitbombay@iit_alumni_news
#SCSTएक्ट
#बॉम्बायीट
तिवारी जी की बेटी से कुछ गुंडे गाली-गलौज, छेड़खानी कर रहे थे, माँ ने विरोध किया तो उसके साथ मारपीट करने लगे।
बच्चियों ने अपने मामा प्रदीप द्विवेदी को बुलाया तो विशाल पाल और विशाल पासी के साथ अन्य दर्जन भर गुंडों ने उन्हें बेरहमी से मारकर अधमरा कर दिया। प्रदीप द्विवेदी हॉस्पिटल में भर्ती हैं। पूरा परिवार डरा हुआ है।
तिवारी जी बेहद गरीब परिवार से हैं। उनकी बच्चियाँ अब पढ़ने जाने से भी डर रही हैं। मैं परिवार के संपर्क में हूं लेकिन कैसे मदद करूँ? ये उत्पीड़न और अत्याचार नहीं तो क्या है?
मामला UP के प्रयागराज के नैनी थाना का।
ये रंगमनाथ पांडे हैं, इनकी नाबालिग बेटी पांच दिन से गायब है…
गोंडा पुलिस बच्ची को खोजने के बजाय पिता से ही पूछताछ करके धमका रही है…यही है “मिशन शक्ति” की ज़मीनी सच्चाई!!
पांडे जी ना तो बड़े आदमी हैं और ना ही वोट बैंक हैं जिसके चक्कर में नेता इस मुद्दे को भुनाने के लिए पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाएं…
भाजपा सरकार तो ब्राह्मणों को अपना “पिट्ठू वोटबैंक” मानती है इसलिए किसी की बेटी अगवा हो, किसी का खून हो कोई फर्क नहीं पड़ता…
ब्राह्मणों का एक भी नेता आगे नहीं आया जबकि जय भीम वाले दिल्ली से आते हैं माहौल बनाने!!
स्वतंत्र भारद्वाज ने गलत किया तो 70 दिन बाद भी SC/ST लगा दिया जाएगा और वो जेल जाएगा लेकिन उसको पीटनेवाले वीडियो में दिख रहे हैं पर उनपर कोई कार्रवाई नहीं होगी।
अजीत भारती को गाली देनेवाले का बाल भी बांका नहीं होगा लेकिन अजीत के जवाब पर SC/ST एक्ट भी लगेगा और उसको एंटीसिपेटरी बेल भी नहीं मिलेगी।
ये सिर्फ दो उदाहरण नहीं हैं.. यही आज की डेट में हमारे समाज की सच्चाई है।
सवाल बस इतना है कि जब किसी के गलत पर होनेवाला कानूनी एक्शन उसकी जाति देखकर होता है तो वो प्रक्रिया बटेंगे तो कटेंगे की कैटेगरी में आती है या नहीं?
जब देश की व्यवस्था ही हमें एक नहीं मान रही तो काहे का एक हैं तो सेफ हैं फिर? आज कोई और है.. कल को हममें से कोई होगा। बस अपनी बारी का इंतजार कीजिए।
दिल्ली पुलिस को इस वीडियो का भी संज्ञान लेना चाहिए.. स्वतंत्र भारद्वाज ने हिंसा की है तो उसपर कार्रवाई कीजिए लेकिन अगर उसके साथ भी हिंसा हुई है तो उसको भी जांच में शामिल कीजिए..
इस वीडियो में बहुत कुछ साफ है कि क्या हुआ था वहां।
दलित टीचर ने एक ब्राह्मण बच्ची को इतना मारा उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई मरने से पहले बयान दिया है यदि यही बच्ची ब्राह्मण की जगह दलित होती और करने वाला ब्राह्मण होता तो अब तक उत्तर प्रदेश में हाहाकार मच जाता मामला हरदोई ज़िले के भरखनी ब्लॉक का है