प्रकृति के साथ संतुलन बिठाकर समस्त जीवों का कल्याण हो, यही हमारी संस्कृति की मूल भावना रही है। इसी व्यापक दृष्टि से आज भारतवर्ष प्रगति और समृद्धि के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है।
यावच्चतस्रः प्रदिशश्चक्षुर्यावत् समश्नुते।
तावत् समैत्विन्द्रियं मयि तद्धस्तिवर्चसम्॥
700 MW स्टीम जनरेटर: आत्मनिर्भर भारत की बड़ी उपलब्धि! 🇮🇳
भारत ने 700 मेगावाट क्षमता वाले स्टीम जनरेटर का सफल निर्माण कर ऊर्जा क्षेत्र में नया इतिहास रचा है।
दुनिया के चुनिंदा देशों के पास मौजूद अत्याधुनिक हेवी फोर्जिंग तकनीक के साथ भारत ने उच्च स्तरीय ऊर्जा उपकरण निर्माण में अपनी क्षमता साबित की है।
🔹 स्वदेशी तकनीक को मजबूती
🔹 ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा
🔹 आत्मनिर्भर भारत को नई गति
🔹 वैश्विक स्तर पर बढ़ती पहचान
भारत अब तकनीक का सिर्फ उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता बन रहा है! 🚀🇮🇳
Congratulations to the Women's U18 Hockey Team on winning the Bronze Medal at the U18 Asia Cup 2026. Your feat will certainly boost the sport and its enthusiasts. Keep the winning streak going.
कुछ लोग विदेश में बैठकर ये सोच लेते हैं कि हम भारत के युवाओं को दिशा दे देंगे।
भारत का युवा किसान के साथ चौपाल में रहता है, कोचिंग इंस्टीट्यूट में रहता है, कॉलेज कैंपस में रहता है।
लेकिन भारत का युवा दिल्ली में बैठे कुछ लोगों की मुठ्ठी की कठपुतली बनकर आगे नहीं बढ़ने वाला।
- श्री @NitinNabin
A splendid accomplishment by our young hockey players!
Congratulations to the Indian Men’s U18 Hockey Team on winning the Men’s U18 Asia Cup 2026. The team displayed exceptional skill and teamwork throughout the tournament, culminating in a memorable victory in the final. This triumph also reflects hockey’s growing popularity among our youth. My best wishes to the team for their future endeavours.
Guided by the principle of ‘One Earth, One Family and One Future’, we will continue working towards a cleaner, greener and more sustainable planet through the spirit of Mission LiFE.
प्रकृति का संरक्षण केवल एक दायित्व नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और संस्कारों का भी अभिन्न हिस्सा है।
मधु वाता ऋतायते मधु क्षरन्ति सिन्धवः।
माध्वीर्नः सन्त्वोषधीः॥
Best wishes to everyone on World Environment Day. I would like to applaud all those passionate about environmental conservation. This is a day to reaffirm our commitment to protecting our environment and furthering growth that is sustainable. Numerous efforts by our Government over the last decade highlight our work in this direction. Some of India’s key successes include expanding green cover and a rise in the population of several animals. The people of India have shown how collective efforts, policies, belief in science and innovation can improve our environment.
83 हजार शाखाएँ, 60 लाख स्वयंसेवक, एक लाख 77 हजार सेवा कार्य, और न जाने कितनी संस्थाएँ - सभी एक दिशा में कार्य करते हैं। यह अभूतपूर्व है। आज़ादी से पहले से लेकर देश में हुए भूकंप, सुनामी और न जाने कितनी चुनौतियों के समय आरएसएस सदैव देश और समाज के साथ खड़ा रहा है। - श्री कुमार मंगलम बिरला जी
#RSSNagpurVarg2026
#rss100years
सोचा एक बार फिर याद दिला दूँ । आप सब भूल गए होंगे ।
डॉ मनमोहन सिंह ने नोबल पुरस्कार विजेता "डॉ अमर्त्यसेन" को असीमित अधिकारों के साथ नालंदा विश्वविद्यालय का प्रथम चांसलर नियुक्त किया। उन्हें इतनी स्वायत्तता दी गयी कि उन्हें विश्विद्यालय के नाम पर बिना किसी स्वीकृति और जवाबदेही के कितनी भी धनराशि अपने इच्छानुसार खर्च करने एवं नियुक्तियों आदि का अधिकार था । उनके द्वारा लिए गये निर्णयों एवं व्यय किये गये धन का कोई भी हिसाब-किताब सरकार को नहीं देना था ।
क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि छुपे रुस्तम मनमोहन सिंह और अमर्त्यसेन ने मिलकर किस तरह से जनता की गाढ़ी कमाई और टैक्स के पैसों से भयंकर लूट मचाई ? वो भी तब जबकि अमर्त्यसेन अमेरिका में बैठे बैठे ही 5 लाख रुपये का मासिक वेतन ले रहे थे जितनी कि संवैधानिक रूप से भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश, मुख्य चुनाव आयुक्त, रक्षा सेनाओं के अध्यक्षों, कैबिनेट सचिव या किसी भी नौकरशाह को भी दिए जाने का कोई प्रावधान ही नहीं है ।
इतना ही नहीं अमर्त्यसेन को अनेक भत्तों के साथ साथ असीमित विदेश यात्राओं और उस पर असीमित खर्च करने का भी अधिकार था ।
कहानी का अंत यहीं पर नहीं हुआ बल्कि उन्होंने मनमोहनी कृपा से 2007 से 2014 की सात वर्षों की अवधि में कुल 2730 करोड बतौर चांसलर नालंदा विश्वविद्यालय खर्च किये.... आपकी आंखें फटी रह गयी न ... विश्वास नहीं हो रहा न कि मनमोहन सिंह ईमानदारी के चोंगे में कितने बड़े छुपे रुस्तम थे ?
चूंकि यूपीए सरकार द्वारा संसद में पारित कानून के तहत अमर्त्यसेन के द्वारा किये गये खर्चों की न तो कोई जवाबदेही थी और न ही कोई ऑडिट होना था और न ही कोई हिसाब उन्हें देना था इसलिए देश को कभी शायद पता ही न चले कि दो हज़ार सात सौ तीस करोड़ रुपये आखिर गये कहाँ ?
राफेल राफेल चिल्लाने वाले राहुल और रंक से राजा बने दर्जाप्राप्त भूमाफिया रॉबर्ट वाड्रा की धर्मपत्नी प्रियंका वाड्रा की पारिवारिक विरासत ही है कानूनी जामा पहना कर संगठित लूट की ताकि कानून के हाथ कितने भी लंबे हो जायँ पर उनका कुछ न बिगड़े ।
ऐसी ही संस्कृति में पलने बढ़ने के कारण दोनों भाई-बहनों में कोई आत्मग्लानि का भाव है ही नहीं बल्कि आंखों में बेशर्मी की चमक हो जैसे...किस मुंह से ये गरीब, दलित, किसान और पिछड़ों के हक की लड़ाई लड़ने की बात करते हैं !! निपट ढोंग है ये ।
अभी कहानी खत्म नहीं हुई, पिक्चर अभी बाकी है -
अमर्त्यसेन सेन ने जो नियुक्तियां कीं उसपर भी कानूनन कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता । उन्होंने किन किन की नियुक्तियां कीं ... आइये ये भी जान लेते हैं -
प्रथम चार नियुक्तियां जो उन्होंने कीं वो थे -
1. डॉ उपिंदर सिंह
2. अंजना शर्मा
3. नवजोत लाहिरी
4. गोपा सब्बरवाल
..... कौन थे ये लोग
... ? ? जानेंगे तो मनमोहन सिंह के चेहरे से नकाब उतर जायेगा ।
डॉ उपिंदर सिंह मनमोहन सिंह की सबसे बड़ी पुत्री हैं और बाकी तीन उनकी करीबी दोस्त और सहयोगी ।
इन चार नियुक्तियों के तुरंत बाद अमर्त्यसेन ने जो अगली दो नियुक्तियां कीं वो गेस्ट फैकल्टी अर्थात अतिथि प्राध्यापक की थी और वो थे -
1. दामन सिंह
2. अमृत सिंह
.....गोया ये कौन थे ?
पहला नाम डॉ मनमोहन सिंह की मझली पुत्री और दूसरा नाम उनकी सबसे छोटी पुत्री का है ।
और सबसे अद्वितीय बात जो दामन सिंह और अमृत सिंह के बारे है वो ये कि ये दोनों "मेहमान प्राध्यापक" अपने सात वर्षों के कार्यकाल में कभी भी नालंदा विश्वविद्यालय नहीं आयी ... पर बतौर प्राध्यापक ये अमेरिका में बैठे बैठे ही लगातार सात सालों तक भारी-भरकम वेतन लेती रहीं ।
उस दौर में नालंदा विश्वविद्यालय की संक्षिप्त विशेषता ये थी कि -
विश्विद्यालय का एक ही भवन था, इसके कुल 7 फैकल्टी मेम्बर और कुछ गेस्ट फैकल्टी मेम्बर (जो कभी नालंदा आये ही नहीं ) ही नियुक्त किये गये जो अमर्त्यसेन और मनमोहन सिंह के करीबी और रिश्तेदार थे । विश्विद्यालय में बमुश्किल 100 छात्र भी नहीं थे और न ही कोई वहां कोई बड़ा वैज्ञानिक शोध कार्य ही होता था जिसमे भारी भरकम उपकरण या केमिकल आदि का प्रयोग होता हो ।
फिर वो 2730 करोड़ रुपये गये कहाँ आखिर ?
मोदी जब सत्ता में आये और उन्हें जब इस कानूनी लूट की जानकारी हुई तो अमर्त्यसेन के साथ साथ मनमोहनी पुत्रियों को भी तत्काल बाहर का रास्ता दिखा दिया ।
कहाँ गए वो राफेल राफेल चिल्लाने वाले... लौट आये बैंकॉक से ? कहाँ गयी गरीब किसान की पत्नी जिनके साथ अत्याचार हो रहा है ....अभी गरीब गुरबा के साथ सेल्फी में ही जुटी हैं क्या ? कहाँ गये वो 49 मॉब लिंचिंग के स्वयम्भू चिंतक जिनके पीठ पर लदा पुरस्कारों का अहसान अभी उतरा नहीं है तो आंखों में बेहयाई अभी बाकी है ?
योग का नियमित अभ्यास तन को स्वस्थ और मन को शांत रखता है। इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने से जीवन संतुलित और ऊर्जावान बनता है।
योगेन चित्तस्य पदेन वाचां
मलं शरीरस्य च वैद्यकेन।
योऽपाकरोत् तं प्रवरं मुनीनां
पतञ्जलिं प्राञ्जलिरानतोऽस्मि॥
ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट हिंद महासागर में भारत की रणनीतिक ताकत, संप्रभुता और भविष्य की आर्थिक शक्ति का प्रतीक है। 🇮🇳⚓
आज भारत का लगभग 75% ट्रांसशिपमेंट कार्गो विदेशी बंदरगाहों पर निर्भर है, जिससे हर साल करोड़ों डॉलर का नुकसान होता है। मोदी सरकार का यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट भारत को वैश्विक शिपिंग और लॉजिस्टिक्स हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
📌 75% ट्रांसशिपमेंट कार्गो विदेशी पोर्ट्स पर निर्भर
📌 सालाना 200–220 मिलियन डॉलर का आर्थिक नुकसान
📌 1 लाख+ रोजगार के अवसर
📌 हिंद महासागर में भारत की सामरिक मौजूदगी और मजबूत होगी
यहां विकसित होने वाली आधुनिक नौसैनिक सुविधाएं महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर निगरानी क्षमता बढ़ाएंगी और भारत के रणनीतिक हितों को नई मजबूती देंगी।
यही कारण है कि ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर, सुरक्षित और सशक्त भारत के निर्माण का निर्णायक कदम है। 🚢🇮🇳
जब नागरिक एकजुटता और आपसी सहयोग के सूत्र में बंधते हैं, तो राष्ट्र की शक्ति कई गुना बढ़ जाती है। भारतवासियों के इसी सामूहिक संकल्प से आज देश उन्नति की नित-नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
धूमायन्ते व्यपेतानि ज्वलन्ति सहितानि च।
धृतराष्ट्रोल्मुकानीव ज्ञातयो भरतर्षभ॥
Urgent Requirement
6-7 units of blood for Mr Arun Kumar who is admitted in SGPGI Lucknow.
Please help and connect with
Saumitra Srivastava
8545955342
9208492413
दृढ़ निश्चय और आत्म-संयम वह शक्ति है, जो कठिन से कठिन राह को भी आसान बना देती है। आज हमारे युवा साथी इसी संकल्प के साथ राष्ट्र निर्माण में निरंतर जुटे हुए हैं।
निश्चित्य यः प्रक्रमते
नान्तर्वसति कर्मणः।
अबन्ध्यकालो वश्यात्मा
स वै पण्डित उच्यते॥
Greetings to the people of Telangana on the special occasion of Telangana Statehood Day. The people of Telangana are known for their spirit of innovation and enterprise. The State is known for its glorious culture and history...one of courage and determination. The Central Government is committed to supporting Telangana's growth trajectory in realising our dream of a Viksit Bharat. Praying for the good health and success of the people of the State.
नया भारत: निर्भय, निर्णायक और पराक्रमी! 💪🇮🇳
एक समय था जब सीमा पार से हुए आतंकी हमलों पर भारत की प्रतिक्रिया अक्सर निंदा और कूटनीतिक विरोध तक सीमित रह जाती थी। 2008 का मुंबई हमला इसका बड़ा उदाहरण था।
फिर आया साल 2014...
प्रधानमंत्री श्री @narendramodi के नेतृत्व में भारत की सुरक्षा नीति में बड़ा बदलाव आया। अब आतंक और दुश्मनों की साजिशों का जवाब सिर्फ शब्दों से नहीं, बल्कि कार्रवाई से दिया जाता है।
✅ उरी सर्जिकल स्ट्राइक
✅ बालाकोट एयर स्ट्राइक
✅ ऑपरेशन सिंदूर
मोदी सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है — भारत की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।
आतंकवाद पर कड़ा प्रहार, सीमाओं की मजबूती, सेना का आधुनिकीकरण और निर्णायक कूटनीति ने भारत को अधिक सशक्त और आत्मविश्वासी बनाया है। आज का नया भारत शांति चाहता है, लेकिन अपनी सुरक्षा की रक्षा करना भी जानता है। 🇮🇳
𝐈𝐧𝐝𝐢𝐚 𝐢𝐬 𝐟𝐚𝐬𝐭 𝐛𝐞𝐜𝐨𝐦𝐢𝐧𝐠 𝐭𝐡𝐞 𝐰𝐨𝐫𝐥𝐝'𝐬 𝐦𝐚𝐧𝐮𝐟𝐚𝐜𝐭𝐮𝐫𝐢𝐧𝐠 𝐩𝐨𝐰𝐞𝐫𝐡𝐨𝐮𝐬𝐞! 🇮🇳🏭
Global FMCG giants are expanding investments, building world-class production facilities, increasing local sourcing, and exporting Made-in-India products across the globe. Driven by bold reforms, modern infrastructure, and a skilled workforce, India is emerging as a preferred destination for global manufacturing.
𝐓𝐡𝐞 𝐌𝐚𝐤𝐞 𝐢𝐧 𝐈𝐧𝐝𝐢𝐚 𝐯𝐢𝐬𝐢𝐨𝐧 𝐢𝐬 𝐭𝐮𝐫𝐧𝐢𝐧𝐠 𝐢𝐧𝐭𝐨 𝐫𝐞𝐚𝐥𝐢𝐭𝐲 — 𝐚𝐧𝐝 𝐈𝐧𝐝𝐢𝐚'𝐬 𝐦𝐚𝐧𝐮𝐟𝐚𝐜𝐭𝐮𝐫𝐢𝐧𝐠 𝐝𝐞𝐜𝐚𝐝𝐞 𝐡𝐚𝐬 𝐣𝐮𝐬𝐭 𝐛𝐞𝐠𝐮𝐧. 📈
बच्चे सुरक्षित, शिक्षित, संस्कारित हों और भयमुक्त वातावरण में अपने सपनों को आकार दे सकें, यह डबल इंजन सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है।
आइए, अंतरराष्ट्रीय बाल रक्षा दिवस के अवसर पर हम बच्चों के अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने का संकल्प लें।
निर्भरता से आत्मनिर्भरता तक का सफर! 💪
एक समय था जब हम हर छोटी-बड़ी चीज़ के लिए दूसरों पर निर्भर थे... लेकिन आज, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प ने देश की तस्वीर बदल दी है! 🇮🇳
आयातक (Importer) से निर्माता (Manufacturer) बनने का यह सफर हर भारतीय के लिए गर्व की बात है।