स्वतंत्र भारद्वाज ने गलत किया तो 70 दिन बाद भी SC/ST लगा दिया जाएगा और वो जेल जाएगा लेकिन उसको पीटनेवाले वीडियो में दिख रहे हैं पर उनपर कोई कार्रवाई नहीं होगी।
अजीत भारती को गाली देनेवाले का बाल भी बांका नहीं होगा लेकिन अजीत के जवाब पर SC/ST एक्ट भी लगेगा और उसको एंटीसिपेटरी बेल भी नहीं मिलेगी।
ये सिर्फ दो उदाहरण नहीं हैं.. यही आज की डेट में हमारे समाज की सच्चाई है।
सवाल बस इतना है कि जब किसी के गलत पर होनेवाला कानूनी एक्शन उसकी जाति देखकर होता है तो वो प्रक्रिया बटेंगे तो कटेंगे की कैटेगरी में आती है या नहीं?
जब देश की व्यवस्था ही हमें एक नहीं मान रही तो काहे का एक हैं तो सेफ हैं फिर? आज कोई और है.. कल को हममें से कोई होगा। बस अपनी बारी का इंतजार कीजिए।
पिछले चार दिन में उज्जैन प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत लगा दी, लेकिन खड़े हनुमान मंदिर की प्रतिमा को टस से मस नहीं कर सके,, अब मध्य प्रदेश पुलिस के जवान और अधिकारीगण बैंड बाजे के साथ हनुमान जी को मनाने पहुंचे है। #ujjain
हार्ट अटैक को लेकर बुनियादी जानकारी
प्राथमिक लक्षण है
सीने में दर्द होना।
यह एक pressure, heaviness या tightness जैसे भी महसूस हो सकता है।
यह दर्द पेट के ऊपर की तरफ जाता है कभी बायें हाथ या कंधे की तरफ जाता है कई बार जबड़े में या दांत में भी दर्द हो सकता है।
सांस लेने में तकलीफ और पसीना आना।
कुछ लोगो को गैस होने की फीलिंग आती है।
हार्ट अटैक आने पर क्या करें?
सबसे पहले मदद के लिए एम्बुलेंस को कॉल करें या आपके पास अपना साधन है जिससे आप अस्पताल पहुँच सकते हैं तो उसे तैयार करने को कहें।
नज़दीक में जो भी व्यक्ति या मित्र है उसे भी तुरंत आने को कहें।
जब तक गाड़ी तैयार होगी या एम्बुलेंस आएगा तब तक प्राथमिक तौर पर Aspirin की गोली मरीज़ को दें और चबाने को कहें।
Aspirin रक्त की धमनियों में Clotting को रोकती है।
मरीज़ को तब तक उचित जगह बैठने या लेटने को कहें जहाँ उन्हें आराम हो।
अगर घर में sorbitrate की 5mg की टेबलेट हो तो उसे जीभ के नीचे रखनी है।
अगर मरीज़ होश में नहीं है तो कुछ भी पिलाने की कोशिश ना करें। मरीज़ अगर साँस नहीं ले रहा, पल्स नहीं मिल रहा वैसी परिस्तिथि में तुरंत CPR शुरू करें।
एम्बुलेंस आते ही या गाड़ी तैयार होते ही अस्पताल के लिए निकल जायें।
अगर नज़दीकी अस्पताल का नंबर है तो उन्हें रास्ते से ही सूचित कर दें कि आप ऐसे किसी मरीज़ को ले कर अस्पताल पहुँच रहे हैं ताकि वो भी तैयार रहें।
दो साल पहले कानपुर के LPS Cardiology Hospital के डॉक्टरों ने एक दवाइयों की एक किट रखने की सलाह दी थी जो हार्ट अटैक के मामलों में अस्पताल पहुँचने से पहले मरीज़ को आप घर पर दे सकते।
उन्होंने इस किट को राम किट का नाम दिया है।
इस किट में तीन दवाई है
1) Ecospirin 75 mg के 2 टेबलेट
2) Rosuvastatin 20 mg का 1 टेबलेट
इन दोनों दवाइयों को पानी के साथ खा लेना है।
3) Sorbitrate 5 mg
इस दवाई को जीभ के नीचे रखना है।
ये दवाइयाँ आपके हृदय कि नली में बने खून के थक्के को हटाने में मदद करती है।
लेकिन याद रखें की:
१) ये किट पूरा इलाज नहीं है इसीलिए ये दवाई ले कर घर पर ना रुकें। हार्ट अटैक के लक्षण होने पर अस्पताल जायें।
२) हमेशा बेहतर है की लेने से पहले एक बार अपने फिजिशियन से बात कर लें और उन्हें जानकारी दे दें।
३) ये दवाई तभी दें जब मरीज़ होश में हो। अगर मरीज़ होश में नहीं है तो कभी भी कुछ खिलाने या पिलाने की कोशिश ना करें।